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Updated: Oct 14, 2026 9 min read Buying Tips All Articles
#पटना #जमाबंदी #खतियान #LPC #बिहार भूमि

पटना में जमाबंदी, खतियान, LPC ऑनलाइन कैसे देखें (2026)

सीधा जवाब: पटना की किसी भी ज़मीन की जमाबंदी आप biharbhumi.bihar.gov.in पर "जमाबंदी पंजी देखें" से बिना लॉगिन देख सकते हैं — ज़िला पटना, अंचल, मौज़ा चुनिए और खाता, खेसरा या नाम से खोजिए। खतियान की स्कैन कॉपी bhuabhilekh.bihar.gov.in (भू-अभिलेख पोर्टल) पर मिलती है। LPC (भूमि दखल-कब्ज़ा प्रमाण पत्र) के लिए बिहार भूमि पर लॉगिन करके ऑनलाइन आवेदन होता है, पर उससे पहले लगान अद्यतन होना ज़रूरी है।

पटना में प्लॉट ख़रीदने से पहले ये तीनों जाँचें ख़ुद करना सीख लें — इसमें 15 मिनट लगते हैं और ये आपको सबसे आम धोखों से बचा सकती हैं। चाहे आप पटना में हों या पुणे, बेंगलुरु, दिल्ली या खाड़ी देशों में बैठकर ख़रीद रहे हों।

खतियान, जमाबंदी और LPC में क्या फ़र्क है?

कागज़क्या बताता हैकहाँ मिलेगा
खतियानसर्वे के समय ज़मीन किसके नाम दर्ज हुई — खाता, खेसरा, रकबा, ज़मीन की किस्म। ज़मीन का "जड़" वाला रिकॉर्ड।भू-अभिलेख पोर्टल (स्कैन कॉपी), अंचल/ज़िला अभिलेखागार
जमाबंदी (पंजी-II)आज ज़मीन किसके नाम दर्ज है, कितना रकबा, चौहद्दी, लगान कितना और कब तक भराबिहार भूमि पोर्टल — "जमाबंदी पंजी देखें"
लगान रसीदजमाबंदी रैयत ने भू-लगान भरा हैभू-लगान पोर्टल / अंचल कार्यालय
LPCअंचल कार्यालय का प्रमाण पत्र कि यह ज़मीन इस रैयत के दखल-कब्ज़े में हैबिहार भूमि पर ऑनलाइन आवेदन

सीधी बात: खतियान बताता है ज़मीन कहाँ से आई, जमाबंदी बताती है आज किसकी है। दोनों की कड़ी केवालों और दाखिल-खारिज से जुड़ती है।

पटना की ज़मीन की जमाबंदी ऑनलाइन कैसे देखें? (स्टेप-बाय-स्टेप)

  1. biharbhumi.bihar.gov.in खोलें और "जमाबंदी पंजी देखें" पर क्लिक करें। इसके लिए लॉगिन की ज़रूरत नहीं।
  2. ज़िला Patna और अपना अंचल चुनें (जैसे दानापुर, फुलवारी, संपतचक, पुनपुन, बिहटा, नौबतपुर)। पटना ज़िले में 23 अंचल हैं; आपका अंचल कागज़ (केवाला/रसीद) में लिखा होता है।
  3. हल्का और मौज़ा (राजस्व गाँव) चुनें।
  4. खोजने का एक तरीका चुनें: भाग-पृष्ठ संख्या, रैयत का नाम, खाता संख्या, खेसरा (प्लॉट) संख्या, पुरानी जमाबंदी संख्या या कंप्यूटरीकृत जमाबंदी संख्या। या मौज़े की पूरी पंजी नाम के अनुसार देखें।
  5. सुरक्षा कोड भरकर Search करें, फिर अपनी जमाबंदी के सामने View/देखें पर क्लिक करें।

पोर्टल का डिज़ाइन समय-समय पर बदलता है; बटन के नाम थोड़े अलग दिखें तो घबराएँ नहीं — क्रम यही रहता है (14 अक्टूबर 2026 को जाँचा)।

ऑनलाइन जमाबंदी में क्या-क्या दिखता है?

  • रैयत का नाम, पिता का नाम, पता
  • खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी
  • तय लगान और किस साल तक लगान भरा गया
  • 2017-18 के बाद ऑनलाइन दाखिल-खारिज से इस जमाबंदी से कटे रकबे के वाद
  • ज़मीन पर बंधक (Land Mortgage) का विवरण
  • अंचल स्तर पर किए गए बदलाव
  • राजस्व न्यायालयों में चल रहे मुक़दमे

ध्यान दें: बंधक और मुक़दमों के वही मामले दिखते हैं जो ऑनलाइन दर्ज हो चुके हैं। इसलिए "कुछ नहीं दिखा" का मतलब "कुछ है ही नहीं" नहीं होता।

रकबा एकड़-डिसमिल में होता है: कट्ठा में कैसे बदलें?

सरकारी रिकॉर्ड में रकबा आमतौर पर एकड़ और डिसमिल में लिखा होता है, जबकि पटना में सौदा कट्ठा-धुर में होता है। मोटा हिसाब:

इकाईबराबर
1 एकड़100 डिसमिल = 43,560 वर्ग फ़ुट
1 डिसमिल435.6 वर्ग फ़ुट
1 कट्ठा (पटना)लगभग 3.125 डिसमिल ≈ 1,361.25 वर्ग फ़ुट = 20 धुर

कट्ठे का माप जगह के हिसाब से थोड़ा बदल सकता है; हमेशा केवाले में लिखे रकबे और वर्ग फ़ुट को आधार मानें।

जमाबंदी ऑनलाइन नहीं दिख रही या उसमें ग़लती है तो क्या करें?

बिहार में जमाबंदी पंजी 2017-18 में डिजिटाइज़ होकर ऑनलाइन हुई। उससे पहले की पुरानी जमाबंदियाँ हाथ के रजिस्टर से चढ़ाई गईं, इसलिए उनमें नाम, खाता-खेसरा, रकबा या लगान की ग़लतियाँ आम हैं। सुधार का रास्ता है परिमार्जन प्लस पोर्टल:

  • नाम/पिता का नाम/पता, खाता-खेसरा, रकबा, चौहद्दी या लगान में ग़लती → परिमार्जन प्लस पर सबूत के साथ आवेदन; अंचल अधिकारी जाँच के बाद सुधार करेंगे।
  • पुरानी जमाबंदी चल रही है, रसीद भी कटती है, पर ऑनलाइन नहीं दिख रही → परिमार्जन प्लस पर "छूटी जमाबंदी" को ऑनलाइन कराने का आवेदन।
  • जमाबंदी किसी दूसरे मौज़े में चढ़ गई है → इसके लिए अंचल अधिकारी के पास ऑफ़लाइन आवेदन देना होता है।

ख़रीदार के लिए सबसे ज़रूरी बात: अगर विक्रेता की जमाबंदी ऑनलाइन नहीं है, या उसमें बेचे जा रहे खेसरा का पूरा रकबा नहीं है, तो रजिस्ट्री के बाद आपका दाखिल-खारिज अटक जाएगा। ऐसी हालत में पहले विक्रेता से परिमार्जन करवाइए, फिर सौदा कीजिए। यह नियम राजस्व विभाग के अपने FAQ में लिखा है। दाखिल-खारिज की पूरी प्रक्रिया हमारी दाखिल-खारिज ऑनलाइन गाइड में है।

खतियान ऑनलाइन कैसे निकालें? (भू-अभिलेख पोर्टल)

  1. bhuabhilekh.bihar.gov.in खोलें और Public Login पर क्लिक करें।
  2. मोबाइल नंबर से लॉगिन करें (नए यूज़र हैं तो पहले रजिस्ट्रेशन)।
  3. दस्तावेज़ का प्रकार चुनें और ज़िला, अंचल, मौज़ा, खाता, खेसरा, पार्टी का नाम जैसी जानकारी भरकर Search करें।
  4. रिकॉर्ड की सूची में View से स्कैन कॉपी देखें।
  5. डिजिटल हस्ताक्षरित (प्रमाणित) कॉपी चाहिए तो Apply for Download Copy पर क्लिक करें, पेज चुनें, दिखाई गई फ़ीस का भुगतान करें और रसीद सँभालें। स्थिति "Track Application" में दिखेगी।

भू-अभिलेख पोर्टल पर कैडस्ट्रल खतियान, रिविज़नल खतियान, राजस्व मानचित्र, जमाबंदी पंजी की प्रति, दाखिल-खारिज पंजी और वाद अभिलेख, बंदोबस्ती, सीलिंग, चकबंदी और मापी वाद जैसे अभिलेख उपलब्ध कराए जाते हैं — हर मौज़े के सभी रिकॉर्ड स्कैन हुए हों, यह ज़रूरी नहीं।

पुराना खतियान कैथी लिपि में? पटना के कई पुराने खतियान और केवाले कैथी लिपि में हैं। बिहार भूमि पोर्टल पर "कैथी दस्तावेज़ अनुवाद सेवा" का लिंक है। गाँव का नक्शा भू-नक्शा पोर्टल पर देखा जा सकता है, और राजस्व मानचित्र की प्रति घर मँगाने की सेवा भी विभाग ने शुरू की है।

LPC (भूमि दखल-कब्ज़ा प्रमाण पत्र) ऑनलाइन कैसे बनवाएँ?

  1. बिहार भूमि पोर्टल पर "ऑनलाइन एलपीसी आवेदन करें" पर क्लिक करें और मोबाइल नंबर से लॉगिन करें (नए हैं तो रजिस्ट्रेशन)।
  2. ज़िला और अंचल चुनकर नया LPC आवेदन शुरू करें।
  3. हल्का, मौज़ा और खाता/खेसरा/नाम/जमाबंदी संख्या से अपनी जमाबंदी खोजें और "चयन करें" दबाएँ।
  4. लगान अद्यतन होना ज़रूरी है। बकाया है तो पहले भू-लगान ऑनलाइन भरें, तभी LPC का बटन चलेगा।
  5. नाम, पता, LPC का उद्देश्य भरें, स्व-घोषणा पत्र और कोई और सबूत PDF में अपलोड करें, preview देखकर Final Submit करें और पावती रख लें।
  6. स्थिति "LPC आवेदन स्थिति देखें" से जाँचें; स्वीकृत होने पर प्रमाण पत्र वहीं से मिल जाता है।

LPC ख़ासकर बैंक से ज़मीन पर लोन लेते समय माँगा जाता है। आपके बैंक को किस फ़ॉर्मेट में चाहिए, यह उनसे पूछ लें।

भू-लगान ऑनलाइन कैसे भरें?

bhulagan.bihar.gov.in पर लॉगिन करें, ज़िला-अंचल-हल्का-मौज़ा और जमाबंदी का विवरण भरकर अपनी जमाबंदी खोलें, बकाया देखें और भुगतान करें। विभाग की सूचना के अनुसार नेट बैंकिंग, UPI, कार्ड या बैंक चालान जैसे विकल्प हैं (कौन-से बैंक, यह पोर्टल पर देखें)। सफल भुगतान के बाद रसीद मिलती है। ख़रीदने के बाद लगान अपने नाम से भरते रहें — यह आपके कब्ज़े का रोज़ का सबूत है।

पटना में प्लॉट ख़रीदने से पहले ऑनलाइन क्या-क्या मिलान करें?

जाँचकहाँ देखेंख़तरे का संकेत
विक्रेता का नाम जमाबंदी मेंजमाबंदी पंजीनाम किसी और का (दादा/पिता) — तब वंशावली और सभी हिस्सेदारों की सहमति चाहिए
खेसरा और रकबाजमाबंदी पंजीबेचा जा रहा रकबा जमाबंदी के रकबे से ज़्यादा
मिलजुमला रकबाजमाबंदी / केवालाकई खेसरों का एक साथ रकबा — ऐसे का दाखिल-खारिज नहीं होता
लगानजमाबंदी / भू-लगानसालों से लगान बकाया
चल रहा दाखिल-खारिजजमाबंदी के साथ दिखने वाले वादउसी खेसरा पर किसी और का आवेदन लंबित
बंधकजमाबंदी / बंधक भूमि देखेंज़मीन पर बैंक का बंधक दर्ज
मुक़दमाजमाबंदी / राजस्व न्यायालय (RCMS)राजस्व कोर्ट में वाद लंबित
खतियान से कड़ीभू-अभिलेखखतियान के रैयत से आज के विक्रेता तक केवाले/वंशावली की कड़ी टूटी हुई

एक और काम की सुविधा: बिहार भूमि पर किसी भी खेसरा पर SMS अलर्ट चालू कर सकते हैं। उस खेसरा पर दाखिल-खारिज जैसा कोई बदलाव होने से पहले आपके मोबाइल पर सूचना आएगी। बाहर रहने वाले ज़मीन मालिकों के लिए यह बहुत ज़रूरी है।

आधिकारिक स्रोत
  • बिहार भूमि पोर्टल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार — "जमाबंदी FAQ" (जमाबंदी देखना, परिमार्जन प्लस, विभागीय पत्र 1426(9) दि. 05.06.2024, 2153(9) दि. 08.08.2024, 168(9) दि. 20.01.2025, 597(9A) दि. 01.03.2025) — User Manual, Process and FAQ
  • "दाखिल-खारिज FAQ" (प्रश्न 10–15: विक्रेता की ऑनलाइन जमाबंदी, मिलजुमला रकबा) — वही पेज
  • नागरिक सुविधाओं की जानकारी: भाग-3 (भू-लगान), भाग-8 (SMS अलर्ट), भाग-9 (LPC), भाग-12 (भू-अभिलेख पोर्टल) — biharbhumi.bihar.gov.in → नागरिक सुविधाओं के बारे में जानकारी
  • "Online LPC आवेदन करने की प्रक्रिया" (लगान अद्यतन होना ज़रूरी) — FAQ पेज, क्रम 4
  • पटना ज़िले में 6 अनुमंडल, 23 प्रखंड, 23 अंचल — patna.nic.in
  • सभी पोर्टल 14.10.2026 को जाँचे गए।

आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)

  • टोकन/बयाना देने से पहले विक्रेता से खाता-खेसरा लेकर ख़ुद जमाबंदी देखें। विक्रेता की भेजी स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें।
  • नाम मिलान बारीकी से करें — पिता का नाम, रकबा और चौहद्दी भी।
  • ऑनलाइन रिकॉर्ड पहली जाँच है, आख़िरी नहीं। असली कागज़, ज़मीन पर कब्ज़ा, अमीन से नापी और रास्ता ज़मीन पर जाकर देखें — पूरी सूची हमारी पटना में प्लॉट ख़रीदने की पूरी गाइड में है।
  • ज़मीन मास्टर प्लान के किस ज़ोन में है, यह भी देखें — पटना मास्टर प्लान 2031 आसान भाषा में।
  • पुराने खतियान, कैथी या उलझी वंशावली वाले मामलों में किसी जानकार से कागज़ ज़रूर जँचवाएँ।

जमाबंदी, खतियान और LPC से जुड़े सवाल-जवाब

  1. पटना की ज़मीन की जमाबंदी ऑनलाइन कैसे देखें?

    biharbhumi.bihar.gov.in पर "जमाबंदी पंजी देखें" खोलें, ज़िला पटना, अंचल, हल्का और मौज़ा चुनें, फिर खाता, खेसरा, रैयत के नाम या जमाबंदी संख्या से खोजें। इसके लिए लॉगिन ज़रूरी नहीं।

  2. क्या ऑनलाइन जमाबंदी देखने की कोई फ़ीस है?

    नहीं, जमाबंदी पंजी देखना मुफ़्त है। भू-अभिलेख पोर्टल से खतियान जैसे रिकॉर्ड की डिजिटल हस्ताक्षरित कॉपी लेने पर पोर्टल पर दिखाई गई फ़ीस लगती है।

  3. खतियान ऑनलाइन कैसे डाउनलोड करें बिहार?

    bhuabhilekh.bihar.gov.in पर Public Login से मोबाइल नंबर द्वारा लॉगिन करें, ज़िला-अंचल-मौज़ा और खाता/खेसरा भरकर खोजें। View से स्कैन कॉपी देख सकते हैं, और "Apply for Download Copy" से भुगतान करके डिजिटल हस्ताक्षरित कॉपी ले सकते हैं।

  4. LPC ऑनलाइन आवेदन क्यों नहीं हो रहा?

    सबसे आम कारण बकाया लगान है। विभाग के अनुसार अद्यतन लगान भुगतान के बिना ऑनलाइन LPC का आवेदन नहीं होता। पहले भू-लगान पोर्टल पर बकाया भरें।

  5. मेरी जमाबंदी ऑनलाइन नहीं दिख रही, क्या करूँ?

    परिमार्जन प्लस पोर्टल पर सबूत के साथ आवेदन करें। अंचल अधिकारी जाँच के बाद छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करते हैं या ग़लती सुधारते हैं। जमाबंदी किसी दूसरे मौज़े में चढ़ गई हो तो अंचल अधिकारी को ऑफ़लाइन आवेदन देना होता है।

  6. पुरानी जमाबंदी और नई जमाबंदी में क्या अंतर है?

    2017-18 में ऑनलाइन दाखिल-खारिज शुरू होने से पहले की जमाबंदी हाथ के रजिस्टर से डिजिटाइज़ की गई है — इसे पुरानी जमाबंदी कहते हैं। उसके बाद ऑनलाइन दाखिल-खारिज से जो जमाबंदी अपने-आप बनी, वह नई है। ग़लतियाँ ज़्यादातर पुरानी जमाबंदी में मिलती हैं।

  7. क्या ऑनलाइन जमाबंदी देखकर ज़मीन ख़रीदना सुरक्षित है?

    नहीं, सिर्फ़ इतना काफ़ी नहीं। ऑनलाइन जमाबंदी पहली जाँच है। केवालों की चेन, वंशावली, ज़मीन पर कब्ज़ा, नापी, रास्ता और मास्टर प्लान ज़ोन भी देखना ज़रूरी है।

यह लेख 14 अक्टूबर 2026 तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। पोर्टल और नियम बदल सकते हैं — कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अंचल कार्यालय से पुष्टि करें।

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PP Properties Team

Author · PP Properties

PP Properties पटना में ज़मीन और मकान ख़रीदने वालों को कागज़ की जाँच में मदद करता है। यह लेख राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के आधिकारिक पोर्टल और FAQ के आधार पर लिखा गया है।

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