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Encumbrance Certificate Bihar: ज़मीन पर लोन या केस कैसे देखें (पटना 2026)

सीधा जवाब

भार प्रमाण पत्र (e-NEC) बताता है कि ज़मीन पर पहले कोई रजिस्टर्ड बिक्री, बंधक या दान हुआ है या नहीं।

  • आवेदन enibandhan.bihar.gov.in पर लॉगिन करके। फ़ीस ऑनलाइन, प्रमाण पत्र डिजिटल हस्ताक्षर के साथ।
  • पर मूल कागज़ जमा कराकर दिया गया बैंक लोन और मुक़दमे अक्सर इसमें नहीं दिखते।
  • इसलिए बिहार भूमि पर बंधक, CERSAI और eCourts / राजस्व न्यायालय भी जाँचिए।
📑 6 हिस्सों में सीधे जाएँ
  1. लोन, केस, बिक्री: कहाँ जाँचें
  2. e-NEC (भार-मुक्त प्रमाण पत्र) कैसे निकालें
  3. इसमें क्या दिखता, क्या नहीं
  4. बैंक लोन है या नहीं
  5. कोर्ट केस है या नहीं
  6. सवाल-जवाब

लोन, केस या पहले की बिक्री: किसे कहाँ जाँचें

भार (encumbrance) यानी ज़मीन पर किसी और का हक़ या दावा, जो बिक्री के बाद भी बना रह सकता है। पटना के ख़रीदार के लिए ये चार सबसे ज़रूरी हैं:

भार का प्रकारउदाहरणकहाँ जाँचें
पहले की रजिस्टर्ड बिक्री या दानवही ज़मीन किसी और को पहले बेची जा चुकीई-निबंधन: Encumbrance Certificate (e-NEC)
बैंक का बंधक (गिरवी)होम लोन, किसान क्रेडिट या बिज़नेस लोन के लिए ज़मीन गिरवीबिहार भूमि: बंधक भूमि खोज; CERSAI; EC (अगर बंधक रजिस्टर्ड हुआ)
अदालत या राजस्व न्यायालय में मुक़दमाबँटवारा, हक़ का दावा, दाखिल-खारिज की अपीलeCourts (सिविल कोर्ट); बिहार भूमि का ऑनलाइन राजस्व न्यायालय (RCMS)
सरकारी रोकरजिस्ट्री पर रोक वाली ज़मीनई-निबंधन: View Prohibited Properties

बिहार में Encumbrance Certificate (e-NEC) ऑनलाइन कैसे निकालें?

आवेदन और फ़ीस, दोनों ऑनलाइन:

  1. enibandhan.bihar.gov.in खोलकर "Encumbrance Certificate" पर क्लिक करें। यह नागरिक लॉगिन पर ले जाता है, इसलिए पहले अकाउंट बनाकर लॉगिन करें।
  2. आवेदन (फ़ॉर्म V) भरें: अपना नाम, ख़रीदार/दावेदार का नाम, केवाले (डीड) की संख्या, रजिस्ट्री की तारीख़ और वर्ष, रजिस्ट्री ऑफ़िस और ज़मीन का ब्योरा।
  3. फ़ीस ऑनलाइन भरें।
  4. प्रमाण पत्र (फ़ॉर्म VI) डिजिटल हस्ताक्षर के साथ ऑनलाइन मिलता है। जो पुराने केवाले अभी डिजिटल नहीं हुए, उनका प्रमाण पत्र ऑफ़िस हाथ से बनाकर ऑनलाइन भेजता है। e-NEC की मान्यता काग़ज़ वाले प्रमाण पत्र जैसी ही है।

टिप: फ़ॉर्म में केवाले की संख्या और वर्ष चाहिए, इसलिए पहले बेचने वाले के केवाले की फ़ोटोकॉपी लें। उसकी Certified Copy भी निकालकर मिलाइए (केवाला कैसे निकालें)। हेल्पडेस्क: 14544 / 0612-3522300 (पोर्टल पर दिया गया)।

फ़ीस: ताज़ा फ़ीस चार्ट (दिसंबर 2020) में खोज फ़ीस पहले साल ₹40 और बाद के हर साल ₹20 प्रति नाम है। एक ऑफ़िस में एक नाम के लिए अधिकतम ₹500। असली e-NEC फ़ीस आवेदन करते समय पोर्टल पर दिखती है; वही मानें।

स्रोत: बिहार निबंधन नियमावली 2026 और फ़ीस चार्ट (पूरी सूची सबसे नीचे)।

प्रमाण पत्र में क्या दिखता है, और क्या छूट जाता है

प्रमाण पत्र में ज़मीन (अंचल, गाँव/वार्ड, खाता, खेसरा, रकबा) लिखी होती है। साथ में वह अवधि जिसमें रजिस्ट्री ऑफ़िस के इंडेक्स I और II खोजे गए। हर मिले लेन-देन की डीड संख्या, तारीख़, प्रकार (बिक्री, बंधक, दान…), दावेदार और खंड/पेज भी। फिर लिखा होता है कि इसके अलावा कोई लेन-देन या भार नहीं मिला। यह आपके दिए ब्योरे पर चलता है: ग़लत खेसरा या गाँव, तो ग़लत ज़मीन खोजी जाएगी।

क्या छूट सकता हैक्योंफिर कैसे पकड़ें
बैंक का लोन जो मूल केवाला जमा कराकर दिया गयाEC सिर्फ़ रजिस्ट्री इंडेक्स देखता है। RBI के अनुसार बैंकों के ऐसे बंधक (mortgage by deposit of title deeds) CERSAI में दर्ज होते हैंCERSAI सर्च + बिहार भूमि बंधक खोज + बेचने वाले के पास मूल केवाला है या नहीं
अदालत में चल रहा मुक़दमामुक़दमा रजिस्ट्री ऑफ़िस में दर्ज नहीं होता। उच्चतम न्यायालय ने ख़ुद (2010) लिखा है कि ख़रीदार के पास यह जाँचने का कोई भरोसेमंद तरीका नहीं हैeCourts पर बेचने वाले और हिस्सेदारों के नाम से खोज; RCMS; पड़ोसियों से पूछताछ
बिना रजिस्ट्री वाला इक़रारनामा या बयानारजिस्टर्ड नहीं हुआ तो इंडेक्स में नहींबेचने वाले से लिखित घोषणा; ज़मीन पर कब्ज़ा किसका है, यह साइट पर देखें
पुश्तैनी ज़मीन में हिस्सेदारों का हक़उत्तराधिकार से मिला हक़ किसी केवाले से नहीं आतावंशावली और हर हिस्सेदार की सहमति: बँटवारा और वंशावली गाइड
किसी और का दाखिल-खारिज आवेदनयह राजस्व विभाग का रिकॉर्ड है, रजिस्ट्री का नहींबिहार भूमि पर प्लॉट के हिसाब से दाखिल-खारिज आवेदन: दाखिल-खारिज गाइड

ज़मीन पर बैंक लोन है या नहीं, कैसे पता करें?

  • बिहार भूमि पर बंधक खोज: biharbhumi.bihar.gov.in पर "बंधक भूमि को देखने की सुविधा" से "Recording of Encumbrances on Land" (land.bihar.gov.in/Encumbrances) खुलता है। कंप्यूटरीकृत जमाबंदी संख्या डालकर "Search Now" करें; लॉगिन नहीं चाहिए। संख्या कैसे मिले: जमाबंदी ऑनलाइन। इसमें सिर्फ़ इस सिस्टम में दर्ज बंधक दिखते हैं, इसलिए ख़ाली नतीजा लोन न होने का सबूत नहीं।
  • CERSAI (cersai.org.in): RBI के अनुसार बैंक और वित्तीय संस्थान संपत्ति पर अपना security interest यहाँ दर्ज करते हैं, मूल कागज़ जमा कराकर लिए बंधक भी। मक़सद है "security interest बताए बिना संपत्ति की धोखे से बिक्री" रोकना। "Public Search" फ़ीस देकर कोई भी कर सकता है। Asset Based Search में सर्वे/म्युनिसिपल, प्लॉट या मकान/फ़्लैट नंबर चाहिए (बिहार की ज़मीन के लिए खेसरा और प्लॉट नंबर)। Debtor Based Search में बेचने वाले का PAN या नाम; दोनों खोज करें।
  • मूल केवाला: कागज़ जमा कराकर लोन हो तो मूल केवाला बैंक के पास रहता है। बेचने वाले का मूल केवाला और पिछली चेन के मूल देखिए। "मूल खो गया, सिर्फ़ फ़ोटोकॉपी है"? रुकिए और वजह लिखित में लीजिए। लोन चल रहा हो तो रजिस्ट्री से पहले तय कीजिए कि वह कैसे चुकेगा, और बैंक का No Dues पत्र और मूल कागज़ वापस लीजिए।

ज़मीन पर कोई केस (मुक़दमा) है या नहीं, कैसे देखें?

सिविल केस services.ecourts.gov.in पर हैं:

  1. "Case Status" खोलें और State: Bihar, District: Patna और Court Complex चुनें।
  2. "Party Name" टैब चुनकर नाम के कम से कम 3 अक्षर लिखें। पक्षकार वादी, प्रतिवादी, अपीलकर्ता या कोई भी हो सकता है।
  3. Registration Year ज़रूरी है, इसलिए कई साल एक-एक करके देखें।
  4. "Both" (pending और disposed) चुनें, कैप्चा भरकर Go करें। "View" से केस का पूरा ब्योरा खुलता है।

बेचने वाला, उसके पिता और पुश्तैनी ज़मीन हो तो हर हिस्सेदार, पटना के हर कोर्ट कॉम्प्लेक्स में खोजें। पुराने केस हमेशा ऑनलाइन नहीं होते, इसलिए "कुछ नहीं मिला" सबूत नहीं।

राजस्व केस (CO, DCLR, ADM, DM या आयुक्त के यहाँ) बिहार भूमि के "ऑनलाइन राजस्व न्यायालय" (RCMS) पर हैं। Case Status में कोर्ट, अधिनियम, केस का प्रकार, वर्ष और केस संख्या चाहिए। यानी यह नाम से नहीं, पता केस जाँचता है। बेचने वाले से लिखित पूछिए, और संख्या मिले तो ख़ुद देखिए। अंचल कार्यालय मदद कर सकता है: पटना अंचल अधिकारी सूची।

साइट पर: विवाद की ख़बर अक्सर पड़ोसियों को पहले होती है। कब्ज़ा किसका है और कोई बोर्ड या नोटिस लगा है, देखिए।

आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)

  • सिर्फ़ EC पर भरोसा न करें। चारों जाँच कीजिए: EC, बंधक खोज, CERSAI और eCourts। इनका ख़र्च ज़मीन की क़ीमत के आगे बहुत छोटा है।
  • EC लंबी अवधि का निकालें, कम से कम बेचने वाले के ज़मीन लेने से पहले से।
  • बयाना छोटा रखें, और इक़रारनामे में लिखें कि बंधक या केस निकला तो पूरा वापस।
  • केवाले में बेचने वाले की घोषणा लिखवाएँ: कोई बंधक, केस या तीसरे का दावा नहीं।
  • होम लोन ले रहे हैं? बैंक से उसकी लीगल सर्च रिपोर्ट की कॉपी माँगकर अपनी जाँच से मिलाइए।
  • रजिस्ट्री पर रोक ("View Prohibited Properties") और पाटलिपुत्र टाउनशिप के गाँव भी देखें। आम धोखे: ज़मीन फ़्रॉड से कैसे बचें। पूरा तरीका: प्लॉट ख़रीद गाइड।

Encumbrance Certificate और ज़मीन पर लोन/केस से जुड़े सवाल-जवाब

  1. केस चल रहा हो और ज़मीन ख़रीद लें तो क्या होगा?

    बिक्री अपने-आप रद्द नहीं होती, पर आप उस केस के नतीजे से बँधे रहते हैं। T.G. Ashok Kumar v. Govindammal (2010) में एक हिस्सेदार ने बँटवारे के केस के दौरान ज़मीन बेची। सुप्रीम कोर्ट ने कहा ख़रीदार का हक़ सिर्फ़ उतने हिस्से पर बचा जितना बेचने वाले को आख़िर में मिला। पटना के आसपास पुश्तैनी ज़मीन में यही सबसे आम जाल है।

  2. EC की खोज में कुछ छूट जाए तो ज़िम्मेदार कौन?

    रजिस्ट्रेशन अधिनियम के तहत इंडेक्स खोजना आवेदक का काम है। जहाँ ऑफ़िस स्टाफ़ खोज करता है, वहाँ प्रमाण पत्र के फ़ॉर्म में लिखा है कि अनजाने में हुई ग़लती के लिए वे ज़िम्मेदार नहीं। इसलिए EC को एक जाँच मानिए, आख़िरी फ़ैसला नहीं।

  3. क्या CERSAI में ज़मीन पर हर लोन दिखता है?

    नहीं। इसमें सिर्फ़ बैंक और वित्तीय संस्थान आते हैं। किसी व्यक्ति, साहूकार या रिश्तेदार से लिया कर्ज़ नहीं दिखेगा। और पोर्टल के अनुसार एक Asset ID की रिपोर्ट एक खोज में सिर्फ़ एक बार डाउनलोड होती है, इसलिए तुरंत सेव करें।

  4. फ़्लैट ख़रीद रहा हूँ। क्या EC काफ़ी है?

    नहीं। बिल्डर का प्रोजेक्ट लोन और RERA पेज भी देखिए: फ़्लैट ख़रीदने की चेकलिस्ट।

अगला कदम Patna Me Zameen/Plot Kaise Kharide: पूरी गाइड 2026 (कागज़, नाप, लोकेशन, खर्च) ख़रीदने से पहले की पूरी जाँच-सूची में यह जाँच कहाँ आती है, देखिए। आगे पढ़िए →
इस सीरीज़ के सभी लेख (21): पटना प्रॉपर्टी ख़रीदार गाइड
  1. NRI Property in Patna: बाहर रहकर प्रॉपर्टी कैसे ख़रीदें (2026)
  2. Flat Kharidne Se Pehle Checklist: पटना में RERA से कब्ज़े तक (2026)
  3. RERA Bihar Project Kaise Check Kare: पटना के फ़्लैट-प्लॉट की जाँच 2026
  4. Patna Me Registry Charge Kitna Hai 2026: ज़मीन-फ़्लैट पर 7% + 2%
  5. Patna Me Registry Kaise Hoti Hai 2026: 10 स्टेप + कौन-से कागज़ चाहिए
  6. Dakhil Kharij Online Bihar: पटना में दाखिल-खारिज, कागज़, समय, स्टेटस
  7. Bihar Jamabandi Online Kaise Dekhe: पटना में जमाबंदी, खतियान, LPC (2026)
  8. Power of Attorney Kaise Banaye Bihar: पटना में मुख़्तारनामा गाइड 2026
  9. Zameen Fraud Se Kaise Bache: पटना में ज़मीन धोखाधड़ी के 8 तरीके
  10. RERA Bihar Complaint Kaise Kare: पटना में बिल्डर की देरी पर शिकायत 2026
  11. Zameen Ka Batwara Kaise Kare: पटना में पुश्तैनी ज़मीन और वंशावली
  12. Bihar Land Conversion 2026: क़ानून ख़त्म, पटना में खेत की ज़मीन पर घर
  13. Encumbrance Certificate Bihar: ज़मीन पर लोन या केस कैसे देखें (पटना 2026)
  14. Kewala Kaise Nikale: बिहार में केवाला की नकल ऑनलाइन (पटना 2026)
  15. Bihar Rasid Online: लगान रसीद कैसे कटे और निकालें (पटना 2026)
  16. Bihar Land Survey 2026: प्रपत्र-2 कैसे भरें, लास्ट डेट (पटना)
  17. Flat Lena Chahiye Ya Plot: पटना में कौन बेहतर, 8 बातों में तुलना
  18. Patna Me Home Loan Kaise Le: कागज़, PMAY सब्सिडी, सरकारी कर्मचारी
  19. Parimarjan Plus Bihar: जमाबंदी में सुधार ऑनलाइन, स्टेटस (पटना 2026)
  20. Khanapuri Parcha Kya Hai, Kaise Nikale: भूमि सर्वे, आपत्ति (पटना 2026)
  21. Registry Kho Jaye To Kya Kare? ज़मीन के कागज़ दोबारा कैसे निकालें (पटना)
पटना में ज़मीन ख़रीदने से पहले भार और केस की 8-पॉइंट चेकलिस्ट
#जाँचरुक जाएँ अगर
1e-NEC (लंबी अवधि, सही खेसरा और गाँव के साथ)बेचने वाले के केवाले के बाद उसी ज़मीन का कोई और केवाला या बंधक
2बेचने वाले के केवाले की Certified Copyहाथ वाला केवाला रजिस्टर्ड कॉपी से अलग
3बिहार भूमि: बंधक भूमि खोजकोई बंधक दर्ज
4CERSAI: खेसरा/प्लॉट नंबर और बेचने वाले के PAN/नाम सेकिसी बैंक का charge दर्ज
5मूल केवाला देखेंमूल नहीं दिखा पा रहे, या बैंक के पास है
6eCourts: बेचने वाले और हिस्सेदारों के नाम, कई सालज़मीन से जुड़ा कोई केस Pending
7RCMS और दाखिल-खारिज आवेदन (प्लॉट के हिसाब से)राजस्व केस या किसी और का दाखिल-खारिज आवेदन
8ई-निबंधन: Prohibited Propertiesगाँव/खेसरा रोक की सूची में (Active)
स्रोत (Sources)
  • बिहार निबंधन नियमावली, 2026 (अधिसूचना S.O. IV/M1-1-02/2026-4219, 11 जुलाई 2026), बिहार गजट (असाधारण) सं. 759, 13 जुलाई 2026: नियम 2(xx) (e-NEC की परिभाषा), नियम 46 (खोज और कॉपी का आवेदन, फ़ीस), नियम 49 (e-NEC), परिशिष्ट-C फ़ॉर्म-V (आवेदन) और फ़ॉर्म-VI (प्रमाण पत्र), पेज 51, 67-68, 98-99 — PDF
  • ई-निबंधन पोर्टल, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार: Encumbrance Certificate (लॉगिन), Certified Copy, View Prohibited Properties, हेल्पडेस्क 14544 / 0612-3522300 — enibandhan.bihar.gov.in
  • निबंधन विभाग की फ़ीस तालिका (दिसंबर 2020), क्रम 60: Searching/Inspection (₹40 पहला साल, ₹20 हर अगला साल, एक कार्यालय में एक नाम पर अधिकतम ₹500)
  • राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार: "बंधक भूमि को देखने की सुविधा" / Recording of Encumbrances on Land — land.bihar.gov.in/Encumbrances; ऑनलाइन राजस्व न्यायालय (RCMS) — biharbhumi.bihar.gov.in
  • भारतीय रिज़र्व बैंक, परिपत्र RBI/2010-11/546 (RPCD.CO RCB.BC.No.73/07.38.03/2010-11), 26 मई 2011: SARFAESI अधिनियम, 2002, धारा 23 के तहत Central Electronic Registry — rbi.org.in
  • CERSAI पोर्टल: Public Search (Asset Based / Debtor Based), निर्धारित फ़ीस पर — cersai.org.in
  • eCourts सेवाएँ, Case Status → Party Name — services.ecourts.gov.in
  • उच्चतम न्यायालय, T.G. Ashok Kumar बनाम Govindammal, सिविल अपील 10325/2010, 8 दिसंबर 2010, [2010] 14 (Addl.) S.C.R. 560, पैरा 10 (संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882, धारा 52)
  • रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908, धारा 57 (इंडेक्स की खोज)
  • सभी पोर्टल और दस्तावेज़ 18.10.2026 को खोलकर जाँचे गए।

यह जानकारी सरकारी स्रोतों से 28 अक्टूबर 2026 को जाँची गई है। नियम बदलते रहते हैं, पैसा देने से पहले रजिस्ट्री या अंचल ऑफ़िस से पक्का कर लें।

प्रेम प्रकाश यादव

भारतीय वायुसेना में 36+ साल की सेवा, और साथ-साथ पटना की ज़मीन का 20+ साल का अनुभव।

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