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मुफ़्त टूल · 2026 के रजिस्ट्री रेट

पटना में घर/ज़मीन ख़रीदने का पूरा ख़र्च + EMI

क़ीमत → रजिस्ट्री ख़र्च → अपनी जेब से कितना लगेगा → हर महीने की EMI, सब एक जगह। पटना या बिहार में कहीं भी प्लॉट, मकान या फ़्लैट के लिए।

रजिस्ट्री रेट जाँचे गए: 18 अक्टूबर 2026 · RBI लोन सीमा जाँची गई: 21 अक्टूबर 2026
आप क्या ख़रीद रहे हैं?
ज़रूरी नहीं। रजिस्ट्री क़ीमत और MVR में से जो ज़्यादा हो, उस पर लगती है। आज की MVR रजिस्ट्री ऑफ़िस से पूछिए।
कौन किसे बेच रहा है?
क़ीमत का हिस्सा चुनिए, या बैंक ने जितना ऑफ़र किया है वो रक़म लिखिए।
आपका बैंक आज जो रेट बता रहा है, वो लिखिए। बैंक रेट बार-बार बदलते हैं, इसलिए हम कोई रेट नहीं दिखाते।
सबसे लंबी अवधि बैंक आपकी उम्र और लोन के प्रकार से तय करता है।
ज़रूरी नहीं: कातिब या वकील, बैंक की प्रोसेसिंग फ़ीस, ब्रोकर, शिफ़्टिंग। ये आपस में तय होते हैं।

1. रजिस्ट्री ख़र्च (सरकार को)

केवाला: स्टांप ड्यूटी + फ़ीस + स्कैन
रजिस्ट्री कुल
रजिस्ट्री का पूरा हिसाब देखें →

2. अपनी जेब से कितना लगेगा

डाउन पेमेंट (क़ीमत − लोन)
रजिस्ट्री ख़र्च
इतना पैसा अपना जुटाइए

3. हर महीने की EMI

हर महीने EMI
कुल ब्याज
बैंक को कुल भुगतान

4. ख़रीद का पूरा ख़र्च

ब्याज मिलाकर कुल
अपना पैसा (डाउन पेमेंट) रजिस्ट्री लोन ब्याज

क़ीमत + रजिस्ट्री + बाक़ी ख़र्च + पूरी लोन अवधि का ब्याज (अगर पहले नहीं चुकाया)।

ये कैलकुलेटर हिसाब कैसे लगाता है

रजिस्ट्री: 18 जून 2026 से लागू बिहार के रेट पर स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क, क़ीमत और MVR में से जो ज़्यादा हो उस पर, और हर दस्तावेज़ पर ₹500 स्कैनिंग फ़ीस (11–20 पेज)। नए फ़्लैट में बिल्डर एग्रीमेंट (2% स्टांप ड्यूटी + ₹5 करोड़ तक ₹20,000 फ़ीस) और टिक करने पर बैंक मॉर्गेज डीड (1%, अधिकतम ₹20,000 + 2%, अधिकतम ₹5,000) भी जुड़ता है।

लोन सीमा: RBI के हिसाब से होम लोन ₹30 लाख तक के लोन पर प्रॉपर्टी की क़ीमत का 90%, ₹30 लाख से ऊपर ₹75 लाख तक 80%, और ₹75 लाख से ऊपर 75% तक ही हो सकता है। स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री ख़र्च क़ीमत में नहीं गिने जाते, सिर्फ़ ₹10 लाख तक के मकान को छोड़कर। आपका बैंक इससे कम भी दे सकता है।

EMI: आम घटते-बैलेंस वाला फ़ॉर्मूला: EMI = L × r × (1 + r)ⁿ ÷ ((1 + r)ⁿ − 1), जहाँ L लोन है, r महीने की दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100) और n महीनों की गिनती।

स्रोत: बिहार गज़ट अधिसूचना संख्या 636 (18 जून 2026) और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार की स्टांप ड्यूटी व फ़ीस तालिका; RBI Master Circular on Housing Finance (लोन-टू-वैल्यू सीमा; ₹10 लाख तक के मकान छोड़कर स्टांप ड्यूटी क़ीमत में नहीं; प्लॉट लोन)।

नतीजे पर भरोसा करने से पहले

  • बैंक आम तौर पर सौदे की क़ीमत और अपने वैल्यूअर की क़ीमत में से जो कम हो, उस पर लोन देता है। वैल्यूअर ने क़ीमत कम आँकी तो लोन घटेगा और आपकी जेब का हिस्सा बढ़ेगा।
  • लोन का पैसा आम तौर पर बैंक के वकील के काग़ज़ (खतियान, जमाबंदी, पुराने केवाला, भार-मुक्ति) पास करने के बाद ही सीधे बेचने वाले या बिल्डर को जाता है। टोकन देने से पहले काग़ज़ जँचवा लीजिए।
  • फ़्लोटिंग रेट वाली EMI बैंक का रेट बदलने पर बदलती है। कुछ EMI जितना पैसा अलग से बचाकर रखिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पटना में ₹50 लाख का फ़्लैट ख़रीदने में अपनी जेब से कितना लगेगा?

80% लोन (₹40 लाख) पर: ₹10 लाख डाउन पेमेंट + ₹4,50,000 रजिस्ट्री (7% स्टांप ड्यूटी + 2% फ़ीस, पुरुष से पुरुष) + ₹500 स्कैनिंग फ़ीस = क़रीब ₹14.5 लाख, कातिब, वकील या बैंक के ख़र्च के अलावा। बिल्डर से नया फ़्लैट हो और एग्रीमेंट रजिस्टर हो, तो ₹1,20,500 और (2% स्टांप ड्यूटी + ₹20,000 फ़ीस + स्कैन)।

क्या होम लोन में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री का ख़र्च भी मिलता है?

आम तौर पर नहीं। RBI बैंकों से कहता है कि स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्री और काग़ज़ी ख़र्च प्रॉपर्टी की क़ीमत में न गिनें। सिर्फ़ ₹10 लाख तक के मकान पर छूट है। इसलिए रजिस्ट्री का पैसा अपना तैयार रखिए।

प्रॉपर्टी पर कितना होम लोन मिलेगा?

RBI की सीमा: ₹30 लाख तक के लोन पर क़ीमत का 90%, ₹30 लाख से ऊपर ₹75 लाख तक 80%, और ₹75 लाख से ऊपर 75%। आपकी आमदनी, बैंक की वैल्यूएशन और काग़ज़ देखकर बैंक इससे कम भी दे सकता है।

₹40 लाख के होम लोन पर 20 साल की EMI कितनी होगी?

ब्याज दर पर निर्भर है। 8% सालाना पर क़रीब ₹33,458 महीना, 8.5% पर क़रीब ₹34,713, 9% पर क़रीब ₹35,989। 8.5% पर 20 साल में क़रीब ₹43.3 लाख ब्याज जाता है। ये रेट सिर्फ़ उदाहरण हैं: कैलकुलेटर में अपने बैंक का रेट लिखिए।

क्या पटना में प्लॉट ख़रीदने के लिए लोन मिलता है?

कुछ बैंक प्लॉट लोन देते हैं। RBI प्लॉट के लिए बैंक लोन तभी देने देता है जब आप लिखकर दें कि बैंक की तय अवधि में उस पर मकान बनाएँगे। कितना लोन और किस रेट पर, ये बैंक तय करता है, और पहले उसका वकील प्लॉट के काग़ज़ जाँचता है।

क्या कम साल का लोन लेने से EMI कम होती है?

नहीं, EMI बढ़ती है लेकिन कुल ब्याज बहुत घटता है। ₹40 लाख का लोन 8.5% पर 20 साल के लिए क़रीब ₹34,713 महीना (₹43.3 लाख ब्याज) और 15 साल के लिए क़रीब ₹39,390 महीना (₹30.9 लाख ब्याज) है।

दूसरा मुफ़्त टूल: बिहार रजिस्ट्री ख़र्च कैलकुलेटर →

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