Kewala Kaise Nikale: बिहार में केवाला की नकल ऑनलाइन (पटना 2026)
सीधा जवाब: केवाला (सेल डीड/बैनामा) की सत्यापित नकल (Certified Copy) कोई भी फ़ीस देकर निकाल सकता है। 16 दिसंबर 2024 के बाद रजिस्टर हुए केवाले के लिए enibandhan.bihar.gov.in पर "Certified Copy" में आवेदन करें। 15 दिसंबर 2024 तक के केवाले bhumijankari.bihar.gov.in पर नाम, खाता-खेसरा या डीड नंबर से खोजें। बहुत पुराना केवाला (जिसका रिकॉर्ड अभी काग़ज़ में है) उसी निबंधन कार्यालय से निकलेगा जहाँ रजिस्ट्री हुई थी।
पटना में यह सवाल अक्सर तीन मौक़ों पर आता है: घर का पुराना केवाला खो गया या फट गया, दाखिल-खारिज के लिए डीड नंबर चाहिए, या प्लॉट ख़रीदने से पहले विक्रेता के हाथ वाले केवाले को सरकारी रिकॉर्ड से मिलाना है। नीचे तीनों का तरीका है।
केवाला क्या होता है और उसकी नकल क्यों मिल जाती है?
केवाला ज़मीन या मकान की बिक्री का रजिस्टर्ड दस्तावेज़ है, जिसे सेल डीड, बैनामा या विक्रय पत्र भी कहते हैं। रजिस्ट्री के बाद एक कॉपी ख़रीदार को मिलती है, पर उसका रिकॉर्ड निबंधन कार्यालय (रजिस्टर बुक नंबर 1) में हमेशा के लिए रहता है।
नई रजिस्ट्री वालों के लिए: बिहार निबंधन नियमावली 2026 के नियम 9(8) के अनुसार रजिस्ट्री होते ही दस्तावेज़ की छपी कॉपी दी जाती है और/या रजिस्टर्ड दस्तावेज़ की PDF का लिंक पक्षकारों के रजिस्टर्ड मोबाइल/ईमेल पर भेजा जाता है। वह मैसेज या ईमेल डिलीट न करें; PDF डाउनलोड करके सँभाल लें।
रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 की धारा 57 के अनुसार बुक नंबर 1 और उसका इंडेक्स कोई भी व्यक्ति फ़ीस देकर देख सकता है और उसकी प्रमाणित कॉपी ले सकता है। इसलिए विक्रेता का केवाला जाँचने के लिए आपको उसकी अनुमति की ज़रूरत नहीं। (वसीयत जैसे दस्तावेज़ अलग बुक में रहते हैं और उनकी कॉपी के नियम सख़्त हैं।) धारा 57 के अनुसार रजिस्ट्री अधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर वाली कॉपी मूल दस्तावेज़ की बातों को साबित करने के लिए मान्य है।
आपका केवाला किस साल का है? उसी से तय होगा कहाँ से निकलेगा
| केवाला कब रजिस्टर हुआ | जानकारी कहाँ खोजें | सत्यापित नकल कहाँ से |
|---|---|---|
| 16 दिसंबर 2024 या उसके बाद | e-Nibandhan पोर्टल | e-Nibandhan → Certified Copy (ऑनलाइन, डिजिटल हस्ताक्षर वाली) |
| 2006 से 15 दिसंबर 2024 तक | Bhumijankari पोर्टल (Advance Search, Party Name, Serial/Deed No.) | e-Nibandhan पर Certified Copy में आवेदन करके देखें; न बने तो रजिस्ट्री वाले निबंधन कार्यालय में |
| 2006 से पहले | Bhumijankari का "Pre Computerisation" हिस्सा (नाम और डीड नंबर वाली खोज में 1996 से 2006 तक) | रजिस्ट्री वाले निबंधन कार्यालय का रिकॉर्ड रूम |
यह बँटवारा Bhumijankari पोर्टल की अपनी सूचना पर आधारित है: वहाँ 15 दिसंबर 2024 तक के रजिस्टर्ड दस्तावेज़ों का डेटा है, और 16 दिसंबर 2024 के बाद के दस्तावेज़ों की जानकारी e-Nibandhan के Certified Copy मॉड्यूल में है।
केवाला ऑनलाइन कैसे खोजें? (Bhumijankari, 15 दिसंबर 2024 तक के लिए)
bhumijankari.bihar.gov.in (निबंधन विभाग का पुराना पोर्टल) पर बिना लॉगिन के ये तीन तरीके हैं:
- Advance Search: अवधि चुनें: "Online Registration (2016 To Till Date)", "Post Computerisation (2006 To 2015)" या "Pre Computerisation (Before 2005)"। फिर निबंधन कार्यालय और तारीख़ चुनें, और जो पता हो वह भरें: अंचल (Circle), मौज़ा, खाता नंबर, प्लॉट (खेसरा) नंबर, डीड नंबर, पक्षकार का नाम, पिता/पति का नाम, रकबा।
- Search By Party Name: विक्रेता (Executant) या ख़रीदार (Claimant) का नाम अंग्रेज़ी में और साल चुनें। नाम शुरू से लिखें, जैसा केवाले में है। नतीजे में निबंधन कार्यालय, अंचल, मौज़ा, खाता, खेसरा और पक्षकार का नाम दिखता है।
- Search By Serial No.: अगर डीड नंबर पता है, तो निबंधन कार्यालय और साल चुनकर खोजें।
इसी पोर्टल पर "View Web Copy" में निबंधन कार्यालय, साल और डीड नंबर डालकर केवाले की स्कैन कॉपी देखी जा सकती है, अगर उपलब्ध हो। 20 अक्टूबर 2026 की हमारी जाँच में एक केवाले पर "Pdf File Not Available" आया, यानी हर केवाले की वेब कॉपी नहीं मिलती। वेब कॉपी सिर्फ़ देखने के लिए है; सरकारी या क़ानूनी काम के लिए सत्यापित प्रति निकालें।
टिप: पोर्टल धीमा है और अक्सर अटकता है। "No Records Found" आए तो दूसरी अवधि (Pre/Post Computerisation) या नाम की दूसरी स्पेलिंग से फिर खोजें।
e-Nibandhan से केवाले की सत्यापित नकल (Certified Copy) कैसे निकालें?
बिहार निबंधन नियमावली, 2026 के नियम 46 और 47 के अनुसार जो रिकॉर्ड कंप्यूटर में रजिस्टर हुए हैं या डिजिटल हो चुके हैं, उनकी सत्यापित प्रति विभाग के सॉफ़्टवेयर से ऑनलाइन मिलती है। ऐसी प्रति को e-Certified Copy कहते हैं, जिस पर अधिकारी का डिजिटल हस्ताक्षर होता है। तरीका:
- enibandhan.bihar.gov.in खोलें। होम पेज पर "Certified Copy" का विकल्प है। आवेदन के लिए पोर्टल पर नागरिक (Citizen) खाता बनाकर लॉगिन करना होता है।
- आवेदन में नियमावली के फ़ॉर्म-I वाली जानकारी भरें: दस्तावेज़ (केवाला) संख्या, रजिस्ट्री की तारीख़ और साल, किस निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री हुई, विक्रेता (Executant) और ख़रीदार (Claimant) के नाम, और आप ख़ुद कौन हैं (विक्रेता, ख़रीदार या कोई और)।
- फ़ीस ऑनलाइन भरें (नीचे देखें)।
- डिजिटल हस्ताक्षर वाली प्रति ऑनलाइन मिलती है। पोर्टल में दिक़्क़त हो तो हेल्पडेस्क 14544 / 0612-3522300 (पोर्टल पर दिया गया नंबर)।
नियम 47(3) के अनुसार ऑनलाइन मिली प्रति और दफ़्तर से हाथ से दी गई प्रति बराबर मानी जाती हैं। ऑनलाइन प्रति लेने के बाद भी अगर आपको दफ़्तर के काग़ज़ी रिकॉर्ड से प्रति चाहिए, तो वह भी फ़ीस देकर मिल सकती है, जहाँ रिकॉर्ड उपलब्ध हो।
पुराना केवाला (2006 से पहले) रजिस्ट्री ऑफ़िस से कैसे निकालें?
नियम 47(2) के अनुसार जिन पुराने केवालों का रिकॉर्ड अभी काग़ज़ (हार्ड कॉपी) में रिकॉर्ड रूम में रखा है, उनकी सत्यापित प्रति निबंधन कार्यालय से हाथ से दी जाती है, जिस पर रजिस्ट्री अधिकारी का हस्ताक्षर और मुहर होती है।
- पता करें कि केवाला किस निबंधन कार्यालय में रजिस्टर हुआ था। यह केवाले पर लगी मुहर और रजिस्ट्री वाले पन्ने (endorsement) पर लिखा होता है।
- उस कार्यालय में खोज और कॉपी का आवेदन (फ़ॉर्म-I) दें: डीड नंबर, साल, कार्यालय, विक्रेता और ख़रीदार के नाम।
- खोज (searching) और नक़ल (copying) की फ़ीस भरें और रसीद लें। प्रति मिलने की तारीख़ दफ़्तर से पूछ लें।
डीड नंबर नहीं पता? तो साल का अंदाज़ा और विक्रेता-ख़रीदार का नाम लेकर जाएँ; खोज की फ़ीस हर नाम और हर साल के हिसाब से लगती है (नीचे देखें)। घर में पुरानी लगान रसीद या जमाबंदी हो तो उसमें खाता-खेसरा देखकर साथ ले जाएँ।
Bhumijankari की सूची में पटना ज़िले के निबंधन कार्यालय ये हैं (कोड के साथ): Patna (2800), Patna City (2801), Danapur (2802), Barh (2803), Bikram (2804), Masaurhi (2805), Phulwarisharif (2806), Bihta (2808), Fatuha (2809), Sampatchak (2810)।
केवाले की नकल की फ़ीस कितनी है?
नियम 46 के अनुसार खोज और कॉपी की फ़ीस विभाग की फ़ीस तालिका के हिसाब से भरी जाती है, और फ़ॉर्म-I की रसीद में Searching fee और Copying fee अलग-अलग लिखी जाती हैं। विभाग की प्रकाशित फ़ीस तालिका (दिसंबर 2020 वाली, जो 20 अक्टूबर 2026 को भी विभाग की सबसे नई प्रकाशित तालिका है) में:
| काम | फ़ीस (तालिका के अनुसार) |
|---|---|
| इंडेक्स की खोज, हर नाम के लिए | पहला साल ₹40, उसके बाद हर साल ₹20 (एक कार्यालय में एक नाम पर अधिकतम ₹500) |
| दस्तावेज़ की कॉपी बनाना | ₹3 हर 100 शब्द |
ऑनलाइन आवेदन पर कुल कितनी फ़ीस लगेगी, यह पोर्टल पर आवेदन करते समय दिखती है; वही अंतिम मानें।
केवाले की नकल किस काम आती है?
- मूल केवाला खो गया या फट गया: सत्यापित प्रति से मूल दस्तावेज़ में लिखी बातें साबित होती हैं। बैंक लोन या कोर्ट के काम में और क्या कागज़ चाहिए, यह उसी बैंक या वकील से पूछें।
- दाखिल-खारिज: आवेदन में डीड नंबर और तारीख़ भरनी होती है और केवाला अपलोड करना होता है। तरीका: दाखिल-खारिज ऑनलाइन गाइड।
- प्लॉट ख़रीदने से पहले: विक्रेता के हाथ वाले केवाले की फ़ोटोकॉपी लेकर उसी डीड की सत्यापित प्रति निकालें और दोनों को लाइन-दर-लाइन मिलाएँ: नाम, खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी। फ़र्क़ मिले तो सौदा रोकें।
- पूरी कड़ी जोड़ने के लिए: खतियान वाले रैयत से आज के विक्रेता तक हर बिक्री का केवाला निकालें। खतियान: खतियान कैसे निकालें।
केवाले की नकल निकालते समय आम गलतियाँ
| गलती | क्या होता है | क्या करें |
|---|---|---|
| ग़लत निबंधन कार्यालय चुनना | रिकॉर्ड नहीं मिलता | केवाले की मुहर पर कार्यालय का नाम देखें |
| नाम हिंदी में या अलग स्पेलिंग में खोजना | "No Records Found" | नाम अंग्रेज़ी में, केवाले वाली स्पेलिंग से खोजें |
| 16 दिसंबर 2024 के बाद वाला केवाला Bhumijankari पर खोजना | डेटा वहाँ नहीं है | e-Nibandhan के Certified Copy में जाएँ |
| वेब कॉपी को सत्यापित प्रति समझना | सरकारी काम में नहीं चलती | Certified Copy के लिए आवेदन करें |
- बिहार निबंधन नियमावली, 2026, बिहार गजट (असाधारण) सं. 759, 13 जुलाई 2026: नियम 2(xiv) (e-Certified Copy की परिभाषा), नियम 9(8) (रजिस्ट्री के बाद छपी कॉपी/PDF लिंक), नियम 45 (रिकॉर्ड रूम), नियम 46 (खोज और कॉपी का आवेदन, फ़ीस), नियम 47 (सत्यापित प्रति), परिशिष्ट-C फ़ॉर्म-I (आवेदन), पेज 51, 56, 67-68, 95 — PDF
- रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908, धारा 57 (बुक नंबर 1 का निरीक्षण और सत्यापित प्रति) — India Code
- भूमि जानकारी (Bhumijankari) पोर्टल, निबंधन विभाग बिहार: सूचना "डेटा 15 दिसंबर 2024 तक; 16 दिसंबर 2024 के बाद के दस्तावेज़ e-Nibandhan के Certified Copy मॉड्यूल में", Advance Search, Search By Party Name, Search By Serial No., View Web Copy — bhumijankari.bihar.gov.in
- ई-निबंधन पोर्टल, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार: Certified Copy, हेल्पडेस्क 14544 / 0612-3522300 — enibandhan.bihar.gov.in
- निबंधन विभाग की फ़ीस तालिका (दिसंबर 2020), क्रम 60 (Searching/Inspection) और 61 (कॉपी: ₹3 हर 100 शब्द)
- सभी पोर्टल और दस्तावेज़ 20.10.2026 को खोलकर जाँचे गए।
आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)
- घर के सारे केवालों की सत्यापित प्रति अभी निकालकर रखें, ख़ासकर पुराने केवाले जो फट रहे हैं। ज़रूरत के समय पुराने रिकॉर्ड खोजने में ज़्यादा समय लगता है।
- प्लॉट ख़रीदने से पहले विक्रेता के केवाले की सत्यापित प्रति ख़ुद निकालें; विक्रेता या बिचौलिए की दी हुई "नकल" पर भरोसा न करें।
- साथ में भार प्रमाण पत्र (EC) भी निकालें, ताकि पता चले कि उसी ज़मीन की पहले भी कोई बिक्री या बंधक तो रजिस्टर नहीं है।
- पूरी जाँच की लिस्ट: पटना में प्लॉट ख़रीदने से पहले पूरी गाइड और ज़मीन फ़्रॉड से कैसे बचें।
- बाहर रहते हैं और पटना जाकर दफ़्तर के चक्कर नहीं लगा सकते? हम केवाले की नकल निकालकर पूरी कड़ी जाँच सकते हैं।
केवाला निकालने से जुड़े सवाल-जवाब
- केवाला कैसे निकाले ऑनलाइन?
16 दिसंबर 2024 के बाद रजिस्टर हुए केवाले की सत्यापित प्रति enibandhan.bihar.gov.in पर लॉगिन करके "Certified Copy" से निकलती है, डिजिटल हस्ताक्षर के साथ। 15 दिसंबर 2024 तक के केवाले bhumijankari.bihar.gov.in पर नाम, खाता-खेसरा या डीड नंबर से खोजे जा सकते हैं।
- पुराना केवाला कैसे निकाले?
जिन पुराने केवालों का रिकॉर्ड काग़ज़ में है, उनकी सत्यापित प्रति उसी निबंधन कार्यालय से मिलती है जहाँ रजिस्ट्री हुई थी। फ़ॉर्म-I में डीड नंबर, साल और पक्षकारों के नाम देकर खोज और नक़ल की फ़ीस भरें।
- केवाला की नकल के लिए क्या-क्या जानकारी चाहिए?
डीड (केवाला) नंबर, रजिस्ट्री का साल और तारीख़, निबंधन कार्यालय का नाम, और विक्रेता व ख़रीदार के नाम। डीड नंबर न पता हो तो Bhumijankari पर नाम या खाता-खेसरा से पहले खोजें।
- क्या किसी और की ज़मीन का केवाला निकाल सकते हैं?
हाँ। रजिस्ट्रेशन अधिनियम की धारा 57 के अनुसार बिक्री जैसे दस्तावेज़ों (बुक नंबर 1) की प्रति कोई भी व्यक्ति फ़ीस देकर ले सकता है। इसीलिए ख़रीदार विक्रेता का केवाला ख़ुद निकालकर जाँच सकता है।
- केवाला की नकल की फ़ीस कितनी है?
विभाग की फ़ीस तालिका (दिसंबर 2020) में खोज के लिए हर नाम पर पहला साल ₹40 और फिर हर साल ₹20, और कॉपी बनाने के ₹3 हर 100 शब्द लिखे हैं। ऑनलाइन आवेदन पर कुल फ़ीस पोर्टल पर दिखती है; वही अंतिम मानें।
- क्या ऑनलाइन वाली सत्यापित प्रति मान्य है?
हाँ। बिहार निबंधन नियमावली 2026 के नियम 47(3) के अनुसार ऑनलाइन (डिजिटल हस्ताक्षर वाली) और दफ़्तर से दी गई सत्यापित प्रति बराबर मानी जाती हैं।
- Bhumijankari पर केवाला नहीं मिल रहा तो क्या करें?
पहले देखें कि केवाला 16 दिसंबर 2024 के बाद का तो नहीं; तब वह e-Nibandhan पर मिलेगा। नाम अंग्रेज़ी में और केवाले वाली स्पेलिंग से खोजें, दूसरी अवधि भी आज़माएँ। फिर भी न मिले तो रजिस्ट्री वाले निबंधन कार्यालय में आवेदन दें।
यह लेख 20 अक्टूबर 2026 को बिहार निबंधन नियमावली 2026 (बिहार गजट सं. 759), रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908, निबंधन विभाग की फ़ीस तालिका, और ई-निबंधन व भूमि जानकारी पोर्टल को देखकर लिखा गया है। पोर्टल के मेन्यू और फ़ीस बदल सकते हैं; आवेदन के समय पोर्टल या दफ़्तर में बताई जानकारी ही अंतिम मानें। यह सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। बड़ा सौदा करने से पहले अपने कागज़ किसी जानकार से जाँच करवाएँ।