Registry Kho Jaye To Kya Kare? ज़मीन के कागज़ दोबारा कैसे निकालें (पटना)
सीधा जवाब
रजिस्ट्री (केवाला) खो जाए तो उसकी सत्यापित नकल रजिस्ट्री ऑफ़िस या e-Nibandhan से मिलती है। बाकी कागज़ ऑनलाइन दोबारा निकलते हैं।
- पहले थाने में गुम होने की रिपोर्ट लिखवाएँ और रसीद रखें।
- "डुप्लीकेट रजिस्ट्री" नहीं बनती। सत्यापित नकल ही मूल की बातें साबित करती है।
- होम लोन चुकाने के बाद बैंक ने कागज़ खोए, तो नकल का ख़र्च बैंक देगा।
पर नकल के लिए डीड नंबर और साल चाहिए। नहीं पता? तरीका नीचे है।
📑 6 हिस्सों में सीधे जाएँ
कागज़ खो जाएँ तो सबसे पहले क्या करें?
घबराइए मत। कागज़ खोने से ज़मीन आपके नाम से नहीं हटती। रजिस्ट्री का रिकॉर्ड रजिस्ट्री ऑफ़िस में हमेशा रहता है। जमाबंदी भी ऑनलाइन है। इसी क्रम में चलिए:
- जो बचा है, उसे सँभालिए। फ़ोटोकॉपी, मोबाइल की फ़ोटो, पुरानी लगान रसीद, आधा फटा या जला पन्ना, कुछ भी फेंकिए मत।
- रजिस्ट्री का मैसेज खोजिए। नई रजिस्ट्री में केवाले की PDF का लिंक दोनों पक्षों के मोबाइल या ईमेल पर आता है।
- ज़रूरी जानकारी लिखिए: डीड नंबर, रजिस्ट्री का साल, रजिस्ट्री ऑफ़िस, मौज़ा, खाता और खेसरा। ये पुरानी रसीद या ऑनलाइन जमाबंदी में मिल जाते हैं।
- थाने में गुम होने की रिपोर्ट लिखवाइए। चोरी हुई हो, तो FIR। तरीका नीचे है।
- रजिस्ट्री की सत्यापित नकल निकालिए। यही सबसे ज़रूरी कागज़ है।
- बाकी कागज़ ऑनलाइन निकालिए: जमाबंदी, खतियान, रसीद, नक्शा (नीचे की टेबल)।
बेचना है या लोन लेना है, तो अख़बार में सूचना और शपथ-पत्र भी तैयार रखिए। ख़रीदार और बैंक अक्सर ये माँगते हैं।
कौन सा कागज़ कहाँ से दोबारा मिलेगा?
| कागज़ | दोबारा कहाँ से | पूरा तरीका |
|---|---|---|
| रजिस्ट्री / केवाला (सेल डीड) | 16 दिसंबर 2024 के बाद का: e-Nibandhan पर Certified Copy। पुराना: Bhumijankari पर खोजें, नकल उसी रजिस्ट्री ऑफ़िस से। | केवाला कैसे निकालें |
| खतियान | भू-अभिलेख पोर्टल पर "Apply for Download Copy"। फ़ीस भरकर डिजिटल हस्ताक्षर वाली PDF। | खतियान कैसे निकालें |
| जमाबंदी | बिहार भूमि पर "जमाबंदी पंजी देखें"। मुफ़्त, बिना लॉगिन। | जमाबंदी ऑनलाइन |
| लगान रसीद | bhulagan.bihar.gov.in पर अपनी जमाबंदी खोजकर लगान भरें। भुगतान होते ही नई रसीद मिलती है। | लगान रसीद ऑनलाइन |
| दाखिल-खारिज का आदेश (शुद्धि पत्र) | दाखिल-खारिज हो चुका है, तो आपका नाम ऑनलाइन जमाबंदी में दिखता है। कागज़ी कॉपी के लिए अपने अंचल ऑफ़िस में पूछें। | दाखिल-खारिज गाइड |
| LPC | बिहार भूमि पर लॉगिन करके नया आवेदन। पहले लगान पूरा भरा होना चाहिए। | LPC ऑनलाइन |
| ज़मीन का नक्शा | भू-नक्शा पोर्टल पर अपने खेसरे की LPM Report, मुफ़्त PDF। | भू-नक्शा कैसे देखें |
| होल्डिंग टैक्स रसीद | pmcptax.bihar.gov.in पर "Print Property Reciept" में PID डालें। | होल्डिंग टैक्स रसीद |
| फ़्लैट के कागज़ | रजिस्टर्ड सेल डीड और बिल्डर एग्रीमेंट की नकल रजिस्ट्री ऑफ़िस से। अलॉटमेंट लेटर, कब्ज़ा पत्र और भुगतान की रसीदें बिल्डर से माँगें। | फ़्लैट चेकलिस्ट |
पुरखों की ज़मीन है और घर में एक भी कागज़ नहीं? शुरुआत खतियान से कीजिए। फिर ऑनलाइन जमाबंदी देखिए कि आज ज़मीन किसके नाम दर्ज है।
रजिस्ट्री (केवाला) की नकल कैसे निकालें: डुप्लीकेट नहीं, सत्यापित नकल
रजिस्ट्री खोने पर लोग "डुप्लीकेट रजिस्ट्री" खोजते हैं। पर मूल केवाला दोबारा नहीं बनता। रजिस्ट्री ऑफ़िस उसकी सत्यापित नकल (Certified Copy) देता है। रजिस्ट्रेशन क़ानून के अनुसार यह नकल मूल केवाले की बातें साबित करने के लिए मान्य है।
- 16 दिसंबर 2024 के बाद की रजिस्ट्री: enibandhan.bihar.gov.in पर लॉगिन करें, फिर "Certified Copy"। डिजिटल हस्ताक्षर वाली नकल ऑनलाइन मिलती है।
- 2006 से 15 दिसंबर 2024 तक की: पहले Bhumijankari पर डीड खोजें। फिर e-Nibandhan पर आवेदन करके देखें। न बने, तो उसी रजिस्ट्री ऑफ़िस में।
- 2006 से पहले की: उसी रजिस्ट्री ऑफ़िस के रिकॉर्ड रूम से। खोज और नकल का फ़ॉर्म भरें, फ़ीस की रसीद लें।
ऑनलाइन मिली नकल और दफ़्तर से मिली नकल बराबर मानी जाती हैं। फ़ीस, पटना के रजिस्ट्री ऑफ़िस और हर स्टेप: केवाले की नकल कैसे निकालें।
स्रोत: रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908; बिहार निबंधन नियमावली 2026 (बिहार गजट सं. 759)।
थाने में रिपोर्ट, अख़बार में सूचना और शपथ-पत्र कब चाहिए?
थाने की रिपोर्ट: कागज़ जहाँ खोए, उस इलाके के थाने में लिखित रिपोर्ट दीजिए। बिहार पुलिस के नागरिक अधिकार पत्र के अनुसार "खोई हुई संपत्ति रिपोर्ट" 1 घंटे में दर्ज होती है। रसीद भी मिलती है। बिहार पुलिस की वेबसाइट पर "खोया-पाया" में ऑनलाइन रिपोर्ट का फ़ॉर्म भी है।
रिपोर्ट में मौज़ा, खाता, खेसरा, डीड नंबर और साल ज़रूर लिखिए। रसीद की कई फ़ोटोकॉपी रखिए। बैंक और ख़रीदार अक्सर इसी की कॉपी माँगते हैं।
अख़बार में सूचना: यह कोई सरकारी नियम नहीं है। पर ज़मीन बेचनी हो या उस पर लोन लेना हो, तो ख़रीदार या बैंक इसे माँग सकते हैं। एक हिंदी और एक अंग्रेज़ी अख़बार में छोटी सूचना काफ़ी रहती है। नमूना:
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी ज़मीन, मौज़ा ____, खाता ____, खेसरा ____, अंचल ____, ज़िला पटना का मूल केवाला (डीड सं. ____, वर्ष ____, रजिस्ट्री ऑफ़िस ____) दिनांक ____ को कहीं खो गया है। इसकी रिपोर्ट ____ थाने में दर्ज है। किसी को मिले तो नीचे के नंबर पर लौटाएँ। इस कागज़ से कोई लेन-देन मान्य नहीं होगा। नाम ____, पता ____, मोबाइल ____।
शपथ-पत्र (Affidavit): बैंक या ख़रीदार माँगे, तो नोटरी से बनवाइए। उसमें कागज़ खोने की तारीख़ और तरीका लिखिए। थाने की रिपोर्ट का नंबर भी। यह भी लिखिए कि मूल कागज़ गिरवी नहीं रखा। बैंक अक्सर अपना फ़ॉर्मेट देते हैं। वही लीजिए।
बैंक ने आपके कागज़ खो दिए, तो क्या करें?
होम लोन लेते समय मूल केवाला बैंक के पास रहता है। लोन पूरा चुकाने के बाद बैंक ने कागज़ खो दिए या ख़राब कर दिए, तो RBI का नियम आपके साथ है:
- पूरा भुगतान होने के 30 दिन के भीतर बैंक को सारे मूल कागज़ लौटाने हैं।
- देरी बैंक की वजह से हो, तो बैंक हर दिन की देरी पर ₹5,000 हर्जाना देगा।
- कागज़ खो गए या ख़राब हुए, तो सत्यापित नकल निकलवाने में बैंक मदद करेगा और सारा ख़र्च बैंक उठाएगा। इसके लिए बैंक को 30 दिन और मिलते हैं। उसके बाद, यानी कुल 60 दिन बाद, हर्जाना शुरू होता है।
यह नियम उन मामलों पर लागू है जिनमें कागज़ लौटाने की तारीख़ 1 दिसंबर 2023 या उसके बाद आई। बैंक को लिखित में शिकायत दीजिए। 30 दिन में जवाब न मिले, तो RBI के शिकायत पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर जाइए।
स्रोत: RBI सर्कुलर, 13 सितंबर 2023।
आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)
- कागज़ अभी सही-सलामत हैं? आज ही सबका स्कैन बनाइए और एक कॉपी परिवार के दूसरे सदस्य के पास रखिए। पुराने, फटते केवालों की सत्यापित नकल भी निकाल लीजिए।
- कागज़ खो गए हैं: ऊपर वाले क्रम में चलिए। पहले थाने की रिपोर्ट, फिर रजिस्ट्री की नकल, फिर बाकी कागज़।
- ज़मीन ख़रीद रहे हैं और बेचने वाला कहे "मूल केवाला खो गया"? सावधान हो जाइए। हो सकता है मूल कागज़ किसी बैंक या साहूकार के पास गिरवी हों। ऐसा गिरवी हर बार रजिस्टर नहीं होता, इसलिए भार प्रमाण पत्र (EC) में भी न दिखे।
- ऐसे सौदे में बेचने वाले से थाने की रिपोर्ट, अख़बार की सूचना और शपथ-पत्र लीजिए। पूरी जाँच: पटना में प्लॉट ख़रीदने से पहले पूरी गाइड।
- बाहर रहते हैं और पटना के दफ़्तरों के चक्कर नहीं लगा सकते? हम नकल निकालकर पूरी कड़ी जोड़ सकते हैं।
कागज़ खोने से जुड़े सवाल-जवाब
डीड नंबर नहीं पता। रजिस्ट्री की नकल कैसे निकालें?
Bhumijankari पोर्टल पर "Search By Party Name" में बेचने वाले या ख़रीदार का नाम अंग्रेज़ी में डालें और साल चुनें। नतीजे में ऑफ़िस, मौज़ा, खाता और खेसरा दिखते हैं। अंदाज़े का साल और नाम लेकर रजिस्ट्री ऑफ़िस में भी खोज करवा सकते हैं। तरीका: केवाला कैसे निकालें।
कागज़ जल गए या दीमक खा गई, आधा हिस्सा बचा है। क्या करें?
बचा हुआ हिस्सा फेंकिए मत। उसमें डीड नंबर, ऑफ़िस या मुहर दिख जाए, तो नकल निकालना आसान हो जाता है। फिर उसी डीड की सत्यापित नकल निकालिए और दोनों साथ रखिए।
पुश्तैनी ज़मीन है, घर में कोई कागज़ ही नहीं। क्या करें?
खतियान से शुरू कीजिए। उसमें सर्वे के समय के रैयत का नाम होता है। फिर ऑनलाइन जमाबंदी में देखिए कि आज ज़मीन किसके नाम है। परिवार में बँटवारा करना हो, तो वंशावली चाहिए: पुश्तैनी ज़मीन का बँटवारा।
क्या मूल केवाले के बिना ज़मीन बेच सकते हैं?
रजिस्ट्री का रिकॉर्ड सरकारी दफ़्तर में है, इसलिए मालिकाना हक़ नहीं जाता। पर ख़रीदार और उसका बैंक ज़्यादा कागज़ माँगेंगे: सत्यापित नकल, थाने की रिपोर्ट, अख़बार की सूचना और शपथ-पत्र। ये पहले से तैयार रखिए।
रजिस्ट्री के बाद दिया गया PDF वाला मैसेज डिलीट हो गया। अब?
तब भी e-Nibandhan पर "Certified Copy" से उसी डीड की डिजिटल हस्ताक्षर वाली नकल निकाल सकते हैं। डीड नंबर, रजिस्ट्री की तारीख़ और ऑफ़िस चाहिए।
7 नवंबर 2026 को रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908, बिहार निबंधन नियमावली 2026, बिहार पुलिस की वेबसाइट और RBI के 13 सितंबर 2023 के सर्कुलर को देखकर लिखा गया। पोर्टल के मेन्यू बदल सकते हैं; आवेदन के समय पोर्टल या दफ़्तर की जानकारी ही अंतिम मानें।
इस सीरीज़ के सभी लेख (21): पटना प्रॉपर्टी ख़रीदार गाइड
- NRI Property in Patna: बाहर रहकर प्रॉपर्टी कैसे ख़रीदें (2026)
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- Registry Kho Jaye To Kya Kare? ज़मीन के कागज़ दोबारा कैसे निकालें (पटना)
स्रोत (Sources)
- रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908, धारा 57 (बुक नंबर 1 की सत्यापित प्रति; मूल दस्तावेज़ की बातें साबित करने में मान्य) — India Code
- बिहार निबंधन नियमावली, 2026, बिहार गजट (असाधारण) सं. 759, 13 जुलाई 2026: नियम 9(8) (रजिस्ट्री के बाद छपी कॉपी/PDF लिंक), नियम 46–47 (खोज, सत्यापित प्रति; ऑनलाइन और दफ़्तर की प्रति बराबर) — PDF
- भूमि जानकारी (Bhumijankari) पोर्टल, निबंधन विभाग बिहार: डेटा 15 दिसंबर 2024 तक, उसके बाद e-Nibandhan का Certified Copy मॉड्यूल — bhumijankari.bihar.gov.in
- बिहार पुलिस, आधिकारिक वेबसाइट: नागरिक अधिकार पत्र ("खोई हुई संपत्ति रिपोर्ट: 1 घंटा, रिपोर्ट दर्ज करना और रसीद जारी करना") और "खोया-पाया" ऑनलाइन फ़ॉर्म — police.bihar.gov.in (7.11.2026 को देखा)
- RBI सर्कुलर RBI/2023-24/60, DoR.MCS.REC.38/01.01.001/2023-24, 13 सितंबर 2023, "Responsible Lending Conduct – Release of Movable / Immovable Property Documents on Repayment/ Settlement of Personal Loans", पैरा 2, 6, 7, 9 — rbi.org.in (7.11.2026 को देखा)
- रिज़र्व बैंक – एकीकृत लोकपाल योजना, 2021: बैंक 30 दिन में जवाब न दे या शिकायत ठुकरा दे, तो लोकपाल के पास शिकायत — cms.rbi.org.in
- संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882, धारा 58(f) और 59 (मूल कागज़ जमा करके गिरवी रखना, इसके लिए रजिस्टर्ड दस्तावेज़ ज़रूरी नहीं) — India Code
- खतियान, जमाबंदी, LPC, लगान रसीद, भू-नक्शा और होल्डिंग टैक्स के पोर्टल-स्टेप: ऊपर लिंक की गई हमारी गाइड्स, जिनमें हर एक के अपने आधिकारिक स्रोत हैं।
यह जानकारी सरकारी स्रोतों से 7 नवंबर 2026 को जाँची गई है। नियम बदलते रहते हैं, पैसा देने से पहले रजिस्ट्री या अंचल ऑफ़िस से पक्का कर लें।