Bihar Land Survey 2026: प्रपत्र-2 कैसे भरें, लास्ट डेट (पटना)
सीधा जवाब: पटना ज़िले में बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण चल रहा है। 27 अक्टूबर 2026 को हमने सरकारी पोर्टल पर पटना के 4 अंचलों के 6 गाँवों (मौज़ों) का स्टेटस देखा। सब जगह उद्घोषणा हो चुकी है और स्वघोषणा (प्रपत्र-2) जमा हो रही है। खानापुरी पर्चा, प्रारूप और अंतिम प्रकाशन अभी "लंबित" हैं। 2026 के नियमों में साफ़ लिखा है कि स्वघोषणा उस गाँव का किस्तवार (नक्शा बनाने का काम) पूरा होने तक दी जा सकती है। इसलिए अगर आपकी ज़मीन पटना के किसी गाँव में है और आपने अब तक प्रपत्र-2 नहीं भरा है, तो देर न करें।
यह लेख पटना के ज़मीन मालिकों के लिए है। इसमें उन लोगों के लिए भी जानकारी है जो पुणे, बेंगलुरु, दिल्ली या खाड़ी देशों में रहते हैं और जिनकी पुश्तैनी ज़मीन पटना के आसपास के गाँवों में है। नीचे बताया गया है कि सर्वे क्या है, प्रपत्र-2 कैसे भरें, कौन से कागज़ लगेंगे, ऑनलाइन कहाँ जमा करें और आगे किन चरणों में आपत्ति देने का मौक़ा मिलता है।
बिहार भूमि सर्वे (विशेष सर्वेक्षण) क्या है?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के FAQ के अनुसार, विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त में हर रैयत का नया खतियान (अधिकार अभिलेख) और हर खेसरा का नया नक्शा आज की स्थिति के हिसाब से बनाया जाता है। फिर ज़मीन की प्रकृति और उपयोग के हिसाब से लगान तय होता है। पिछला कैडस्ट्रल सर्वे लगभग 1898 से 1920 के बीच हुआ था। इस बार नक्शा हवाई जहाज़ से खींची गई तस्वीरों (ऑर्थो मानचित्र) से बनता है।
पटना के लिए इसका मतलब यह है कि सर्वे पूरा होने के बाद आपकी ज़मीन का खाता, खेसरा और रकबा नए रिकॉर्ड के अनुसार दर्ज होंगे। अगर अभी आपका नाम, हिस्सा या चौहद्दी ग़लत दर्ज हो गई, तो बाद में उसे ठीक करवाने के लिए सुनवाई और अपील में जाना पड़ेगा।
पटना में भूमि सर्वे अभी किस चरण में है? (स्टेटस 27 अक्टूबर 2026)
भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय (DLRS) के पोर्टल पर पटना ज़िले के सभी 23 अंचल सूची में हैं। हमने इन गाँवों का स्टेटस खोलकर देखा:
| अंचल | मौज़ा (थाना नं.) | उद्घोषणा | स्वघोषणा/वंशावली मिलीं | खानापुरी से अंतिम प्रकाशन |
|---|---|---|---|---|
| फुलवारी | फुलवारी (35) | हो चुकी | 2010 | लंबित |
| फुलवारी | सिपारा (27) | हो चुकी | 181 | लंबित |
| फुलवारी | अबूपुर लोदीपुर (58) | हो चुकी | 345 | लंबित |
| दानापुर-सह-खगौल | बड़ी खगौल (49) | हो चुकी | 443 | लंबित |
| बिहटा | अलहनपुर (60) | हो चुकी | 276 | लंबित |
| पटना रूरल (पोर्टल का नाम) | फतेहपुर (25) | हो चुकी | 4549 | लंबित |
संख्याएँ रोज़ बदलती हैं। अपने गाँव का स्टेटस ख़ुद देखें: dlrs.bihar.gov.in पर "बिहार विशेष सर्वेक्षण संबंधित सेवाएं" खोलें, ज़िला PATNA चुनकर "Go" दबाएँ, फिर "अपने ग्राम/शहर में विशेष सर्वेक्षण की स्थिति देखें" में अंचल और मौज़ा चुनकर "Show" दबाएँ। यहीं आपके गाँव के शिविर का पता और अमीन, कानूनगो व शिविर प्रभारी के नाम और मोबाइल नंबर भी दिखते हैं।
तुलना के लिए: पहले चरण वाले ज़िलों में से 5 ज़िलों (लखीसराय, अरवल, जहानाबाद, शेखपुरा, शिवहर) के 560 गाँवों के अधिकार अभिलेख और नक्शे सरकार ने 30 सितंबर 2026 के गज़ट में अंतिम रूप से प्रकाशित कर दिए हैं। पटना अभी उससे काफ़ी पीछे, शुरुआती चरण में है।
Land survey Bihar last date: प्रपत्र-2 कब तक जमा कर सकते हैं?
लोग सबसे ज़्यादा यही पूछते हैं। नियम यह है:
- बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2026 के नियम 6(2) के अनुसार, ग्रामीण और नगर दोनों क्षेत्रों में रैयत स्वघोषणा किस्तवार का काम पूरा होने तक जमा कर सकते हैं।
- यानी पूरे बिहार या पूरे पटना के लिए एक तारीख़ नहीं है। हर गाँव की अपनी समय-सीमा है, जो उस गाँव में किस्तवार ख़त्म होते ही पूरी हो जाती है।
- स्वघोषणा का रेवेन्यू रिकॉर्ड से मिलान खानापुरी शुरू होने तक होता है (नियम 6(6))।
ख़बरों में "सर्वे दिसंबर 2026 तक पूरा करने" का लक्ष्य बताया गया है। हमें इसकी कोई सरकारी अधिसूचना नहीं मिली, और यह स्वघोषणा की अलग अंतिम तिथि भी नहीं है। अपने गाँव की सही स्थिति शिविर या ऊपर बताए स्टेटस पेज से ही जानें।
स्थल जाँच के समय मौजूद न रह पाएँ तो? नियम 9(4)(B) के अनुसार, अगर खानापुरी में स्थल जाँच के समय रैयत मौजूद न हो और तय तारीख़ के बाद आए, तो अमीन उसकी ज़मीन का ब्योरा याददाश्त पंजी (प्रपत्र-3(2)) में दर्ज करता है। यह आख़िरी रास्ता है, इस पर भरोसा करके न बैठें।
प्रपत्र-2 (स्वघोषणा) में क्या भरना होता है?
प्रपत्र-2 का पूरा नाम है "रैयत द्वारा स्वामित्व/धारित भूमि की स्व-घोषणा हेतु प्रपत्र"। ऊपर राजस्व ग्राम, थाना नंबर, हल्का नंबर, अंचल और ज़िला भरें। फिर हर ज़मीन की एक लाइन भरें:
| कॉलम | क्या भरें |
|---|---|
| 1. रैयत का नाम | सह-हिस्सेदारों के नाम और हिस्से (अगर हों), पिता का नाम |
| 2. स्थायी पता | बाहर रहते हों तो भी स्थायी पता |
| 3-5. खाता, खेसरा, रकबा | पुरानी रसीद, जमाबंदी या खतियान से; रकबा एकड़-डिसमिल (ए0 डी0) में |
| 6. चौहद्दी | चारों तरफ़ किसकी ज़मीन या रास्ता है |
| 7. किस्म ज़मीन | ज़मीन की किस्म |
| 8. लगान | सेस को छोड़कर लगान |
| 9. जमाबंदी संख्या | लगान रसीद या जमाबंदी पंजी से |
| 10. दावे का आधार | उत्तराधिकार, दान, क्रय (केवाला), बंदोबस्त या अन्य |
| 11. अभ्युक्ति | कोई ख़ास बात, जैसे केस चल रहा हो |
नीचे यह घोषणा है कि दी गई जानकारी सही है और ग़लत प्रविष्टि के लिए आप ज़िम्मेदार होंगे। इसके बाद हस्ताक्षर या अँगूठे का निशान, मोबाइल नंबर और आधार नंबर लिखें। फ़ॉर्म दो प्रतियों में दें। एक प्रति पर लेने वाला कर्मी तारीख़ और क्रमांक लिखकर पावती के रूप में लौटाता है। यह पावती सँभालकर रखें।
रकबा डिसमिल में लिखना होता है, जबकि पटना में लोग कट्ठा और धुर में बात करते हैं। मोटा हिसाब है: 1 कट्ठा ≈ 3.125 डिसमिल और 1 एकड़ = 100 डिसमिल। फिर भी फ़ॉर्म में रकबा वही लिखें जो आपके केवाले या खतियान में दर्ज है, अपना हिसाब न लगाएँ।
पटना शहर (नगर क्षेत्र) के लिए: जून 2026 के संशोधन में नगर क्षेत्रों के लिए अलग प्रपत्र-2(A) और वंशावली के लिए प्रपत्र-3(1)(A) बनाए गए हैं। प्रपत्र-2(A) में बिल्डिंग का नाम, फ़्लोर, फ़्लैट नंबर, बिल्ट-अप एरिया और पार्किंग का एरिया भी भरा जाता है। अपने वार्ड में सर्वे शुरू हुआ है या नहीं, यह स्टेटस पेज या बंदोबस्त कार्यालय से पता करें।
प्रपत्र-2 के साथ कौन से कागज़ लगेंगे?
विभाग के विशेष सर्वेक्षण FAQ (प्रश्न 4) के अनुसार स्वघोषणा के साथ ये कागज़ लगाएँ:
- जमाबंदी संख्या की विवरणी या मालगुज़ारी (लगान) रसीद की फ़ोटोकॉपी। ताज़ा रसीद नहीं है तो पहले कटवा लें: लगान रसीद ऑनलाइन कैसे कटे
- खतियान की नकल (अगर उपलब्ध हो): खतियान ऑनलाइन कैसे निकालें
- जिस ज़मीन का दावा है, उससे जुड़े दस्तावेज़ों (केवाला, बँटवारा, दानपत्र आदि) की विवरणी
- जमाबंदी वाले रैयत की मृत्यु हो चुकी हो तो मृत्यु की तिथि/वर्ष या मृत्यु प्रमाण पत्र की कॉपी
- सक्षम न्यायालय का आदेश हो तो उसकी सच्ची प्रति
- आप मृतक के वारिस हैं, इसका प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड की कॉपी और मोबाइल नंबर
साथ में वंशावली प्रपत्र 3(1) भरकर शिविर या बंदोबस्त कार्यालय में जमा करें। वंशावली कैसे बनती है, यह यहाँ पढ़ें: पुश्तैनी ज़मीन का बँटवारा और वंशावली।
प्रपत्र-2 कहाँ और कैसे जमा करें? (शिविर या ऑनलाइन)
- फ़ॉर्म डाउनलोड करें: dlrs.bihar.gov.in पर "बिहार विशेष सर्वेक्षण संबंधित सेवाएं" में ज़िला PATNA चुनें। ऊपर "स्व-घोषणा हेतु प्रपत्र-2 यहां डाउनलोड करें" और "वंशावली हेतु प्रपत्र-3(1) यहां डाउनलोड करें" के लिंक हैं। प्रपत्र-2 PDF सीधे भी खुलता है।
- शिविर में जमा करें: स्टेटस पेज पर अपने मौज़ा का शिविर स्थल देखें, दोनों प्रतियाँ और कागज़ लेकर जाएँ, और पावती ज़रूर लें।
- या ऑनलाइन जमा करें: उसी पेज पर "स्व-घोषणा हेतु प्रपत्र-2 यहाँ से समर्पित करें" खोलें। नाम, राज्य, ज़िला, मोबाइल, आधार नंबर और ईमेल (ज़रूरी नहीं) भरकर "Verify Mobile" दबाएँ और मोबाइल सत्यापित करें। फिर स्क्रीन पर बताए गए स्टेप पूरे करें। नियम 6(1A) और 6(3) ऑनलाइन जमा करने की अनुमति देते हैं।
- जमा करने के बाद जाँचें: "अपलोड किए गए स्व घोषणा /वंशावली यहाँ देखें" से देख लें कि आपका फ़ॉर्म दर्ज हुआ है।
बाहर रहते हैं तो ऑनलाइन रास्ता सबसे आसान है। फिर भी शिविर के अमीन या कानूनगो से फ़ोन पर पुष्टि कर लें कि आपकी स्वघोषणा उनके रिकॉर्ड में आ गई है।
सर्वे के आगे के चरण: कब-कब आपत्ति देने का मौक़ा है?
| चरण | क्या होता है | आपको क्या करना है |
|---|---|---|
| 1. उद्घोषणा (प्रपत्र-1) | गाँव में सर्वे शुरू होने की घोषणा | अपनी ज़मीन की मेड़ ठीक करें और सीमा चिह्नित करें |
| 2. स्वघोषणा (प्रपत्र-2, 3(1)) | रैयत अपनी ज़मीन और वंशावली देते हैं | किस्तवार पूरा होने से पहले जमा करें |
| 3. किस्तवार | हवाई तस्वीर से बने नक्शे की ज़मीन पर जाँच, खेसरा नंबर डालना | मौके पर मौजूद रहें और मेड़ पर घूमकर अपनी चौहद्दी बताएँ |
| 4. खानापुरी पर्चा (प्रपत्र-7) | हर रैयत को उसकी ज़मीन का पर्चा मिलता है | ग़लती हो तो प्रपत्र-8 में दावा/आपत्ति दें |
| 5. प्रारूप अधिकार अभिलेख (प्रपत्र-12) | नक्शे के साथ 30 दिन तक लगातार प्रकाशित रहता है, साथ ही आपत्ति के लिए सूचना निकलती है | ग़लती हो तो जल्दी प्रपत्र-14 में आपत्ति दें |
| 6. लगान दर तालिका (प्रपत्र-18(क)) | नया लगान तय होता है | पोर्टल पर देखें |
| 7. अंतिम प्रकाशन (प्रपत्र-20) | अंतिम अधिकार अभिलेख और नक्शा | प्रकाशन से 90 दिन के अंदर प्रपत्र-21 में दावा/आपत्ति दें; खतियान की प्रति "रैयती फर्द" शिविर या बंदोबस्त कार्यालय से ज़रूर लें |
| 8. अपील | दावे पर आदेश के ख़िलाफ़ | आदेश के 30 दिन के अंदर अपील करें (अपर समाहर्ता या उससे ऊपर के अधिकारी के पास) |
हर चरण के पर्चे, प्रारूप, आदेश और अंतिम अभिलेख उसी पोर्टल पर ज़िला चुनकर देखे जा सकते हैं। वहाँ "पुराना खाता / खेसरा के आधार पर Special Survey का नया खेसरा देखे" का विकल्प भी है। सर्वे पूरा होने के बाद ज़मीन का नया नक्शा भू-नक्शा पोर्टल पर भी दिखता है।
पटना में प्लॉट ख़रीद रहे हैं? सर्वे के समय क्या ध्यान रखें
- विक्रेता से पूछें कि उसने उस ज़मीन की स्वघोषणा दी है या नहीं, और पावती देखें।
- गाँव में खानापुरी पर्चा बँट चुका है तो विक्रेता का पर्चा देखें और मिलाएँ कि खेसरा और रकबा केवाले से मेल खाते हैं या नहीं।
- रजिस्ट्री के बाद सिर्फ़ दाखिल-खारिज करवाकर न रुकें। अगर सर्वे अभी स्वघोषणा वाले चरण में है, तो अपनी ख़रीदी ज़मीन की स्वघोषणा भी दें, ताकि नए खतियान में आपका नाम आए।
- पूरी जाँच-सूची यहाँ है: पटना में प्लॉट ख़रीदने से पहले पूरी गाइड।
सर्वे में आम गलतियाँ
| गलती | नतीजा | क्या करें |
|---|---|---|
| "लास्ट डेट आएगी तब भरेंगे" सोचकर रुकना | किस्तवार ख़त्म, स्वघोषणा का मौक़ा गया | गाँव का स्टेटस आज ही देखें |
| सिर्फ़ अपने नाम की ज़मीन भरना, सह-हिस्सेदार छोड़ देना | बाद में परिवार में विवाद | हिस्से साफ़ लिखें, वंशावली सबकी सहमति से भरें |
| पावती न लेना | फ़ॉर्म जमा होने का सबूत नहीं रहता | दूसरी प्रति पर तारीख़ और क्रमांक लिखवाएँ |
| खानापुरी पर्चा न देखना | ग़लत नाम या रकबा प्रारूप में चला जाता है | पर्चा मिलते ही जाँचें, ग़लती हो तो प्रपत्र-8 में आपत्ति दें |
| दलाल को पैसे देकर "सर्वे में नाम चढ़वाना" | धोखा, या ग़लत दावा जिसकी ज़िम्मेदारी आप पर होगी | सिर्फ़ शिविर या आधिकारिक पोर्टल से काम करें |
- बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2026: अधिसूचना 1 जून 2026, बिहार गज़ट (असाधारण) सं. 624, 16.06.2026, अंग्रेज़ी पाठ पृष्ठ 60-68. नियम 4(1) (प्रपत्र-1/1A), 6(1A), 6(2) (किस्तवार पूरा होने तक स्वघोषणा), 6(3) (प्रपत्र 3(1)/3(1)(A), ऑनलाइन या शिविर में), 6(6), 9(4)(B) (याददाश्त पंजी), 9(6)-9(9) (खानापुरी पर्चा, प्रपत्र-8), 11-13 (प्रारूप प्रपत्र-12 का 30 दिन प्रकाशन, आपत्ति प्रपत्र-14), 14(5)(A) (लगान तालिका), 15(1), 15(3) (90 दिन, प्रपत्र-21), 15'A' (30 दिन में अपील; अपील सुनने वाला अधिकारी अपर समाहर्ता से नीचे का नहीं). प्रपत्र-2(A): पृष्ठ 70. PDF
- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की अधिसूचना, बिहार गज़ट (असाधारण) सं. 1208, 30.09.2026: पहले चरण के 5 ज़िलों (लखीसराय, अरवल, जहानाबाद, शेखपुरा, शिवहर) के 560 राजस्व ग्रामों के अधिकार अभिलेख और मानचित्र का अंतिम प्रकाशन, अधिनियम की धारा 12(2) के तहत. PDF
- भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, बिहार: "बिहार विशेष सर्वेक्षण संबंधित सेवाएं" (ज़िला PATNA), जिसमें मौज़ावार स्टेटस, प्रपत्र-2 और 3(1) डाउनलोड, ऑनलाइन स्वघोषणा (Verify Mobile), खानापुरी पर्चा, प्रारूप, अंतिम अभिलेख और नया खेसरा खोज शामिल हैं. dlrs.bihar.gov.in. प्रपत्र-2 (तकनीकी मार्गदर्शिका पृष्ठ 282): PDF
- "FAQ of Bihar Special Survey", राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग: प्रश्न 1, 3 (कैडस्ट्रल सर्वे लगभग 1898-1920, हवाई तस्वीर से नक्शा), प्रश्न 4 (रैयतों के कर्तव्य, स्वघोषणा के साथ लगने वाले कागज़, प्रपत्र 7, 8, 12, 14, 20, 21, रैयती फर्द), प्रश्न 5 (सर्वे के चरण). PDF
- सभी पोर्टल और दस्तावेज़ 27.10.2026 को खोलकर जाँचे गए।
आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)
- आज ही अपने गाँव का स्टेटस देखें। अगर स्वघोषणा का चरण चल रहा है तो प्रपत्र-2 और वंशावली जमा करें और पावती रखें।
- कागज़ पहले ठीक करें: ताज़ा लगान रसीद, जमाबंदी, खतियान की नकल और केवाले की कड़ी एक फ़ाइल में रखें। जमाबंदी में ग़लती हो तो सर्वे से पहले परिमार्जन करवाएँ: ज़मीन के कागज़ कैसे ठीक करें।
- परिवार में पहले बात कर लें। सबकी सहमति से वंशावली और हिस्से एक जैसे भरें, ताकि सर्वे में भाई-बहनों के बीच नया झगड़ा न खड़ा हो।
- हर पर्चे को जाँचें। खानापुरी पर्चा, प्रारूप और अंतिम प्रकाशन, तीनों में अपना नाम, खेसरा, रकबा और चौहद्दी मिलाएँ।
- ज़मीन के बाक़ी ऑनलाइन रिकॉर्ड देखने का तरीका: बिहार लैंड रिकॉर्ड ऑनलाइन कैसे देखें। अंचल कार्यालय के नंबर: पटना अंचल अधिकारी (CO) सूची।
- बाहर रहते हैं और कागज़ समझ नहीं आ रहे? हम आपकी जमाबंदी, खतियान और प्रपत्र-2 में भरी जाने वाली जानकारी जाँच सकते हैं।
बिहार भूमि सर्वे से जुड़े सवाल-जवाब
- बिहार भूमि सर्वे में प्रपत्र-2 की लास्ट डेट क्या है?
पूरे राज्य के लिए एक तारीख़ नहीं है। 2026 नियमावली के नियम 6(2) के अनुसार स्वघोषणा उस गाँव का किस्तवार पूरा होने तक दी जा सकती है। अपने गाँव का चरण dlrs.bihar.gov.in के स्टेटस पेज पर या शिविर में पूछकर देखें।
- Land survey Bihar form 2 PDF कहाँ मिलेगा?
dlrs.bihar.gov.in पर "बिहार विशेष सर्वेक्षण संबंधित सेवाएं" खोलें और ज़िला चुनें। वहाँ "स्व-घोषणा हेतु प्रपत्र-2 यहां डाउनलोड करें" का लिंक है। वंशावली के लिए प्रपत्र-3(1) भी वहीं मिलता है।
- क्या भूमि सर्वे का प्रपत्र-2 ऑनलाइन जमा कर सकते हैं?
हाँ। उसी पेज पर "स्व-घोषणा हेतु प्रपत्र-2 यहाँ से समर्पित करें" में नाम, ज़िला, मोबाइल और आधार भरकर मोबाइल सत्यापित करें और आगे के स्टेप पूरे करें। नियम 6(3) ऑनलाइन या शिविर, दोनों रास्तों की अनुमति देता है।
- पटना में भूमि सर्वे का स्टेटस कैसे देखें?
dlrs.bihar.gov.in पर "बिहार विशेष सर्वेक्षण संबंधित सेवाएं" में PATNA चुनें, फिर "अपने ग्राम/शहर में विशेष सर्वेक्षण की स्थिति देखें" में अंचल और मौज़ा चुनें। वहाँ उद्घोषणा, स्वघोषणा, खानापुरी और प्रकाशन की स्थिति, शिविर का पता और अमीन का नंबर दिखता है।
- सर्वे के लिए कौन-कौन से कागज़ चाहिए?
जमाबंदी संख्या या लगान रसीद की कॉपी, खतियान की नकल (अगर हो), दावे वाली ज़मीन के दस्तावेज़ों की विवरणी, मृत रैयत की मृत्यु तिथि या प्रमाण पत्र, कोर्ट का आदेश (अगर हो), वारिस होने का प्रमाण, आधार और मोबाइल नंबर। साथ में वंशावली प्रपत्र 3(1)।
- सर्वे में मेरा नाम या रकबा ग़लत आ गया तो क्या करें?
खानापुरी पर्चे पर प्रपत्र-8 में और प्रारूप अधिकार अभिलेख पर प्रपत्र-14 में आपत्ति दें। अंतिम प्रकाशन के बाद 90 दिन के अंदर प्रपत्र-21 में दावा दे सकते हैं। उस पर हुए आदेश के ख़िलाफ़ 30 दिन में अपील होती है।
- मैं पटना से बाहर रहता हूँ, स्वघोषणा कैसे दूँ?
ऑनलाइन जमा करें, या परिवार के किसी सदस्य से दोनों प्रतियाँ और कागज़ शिविर में जमा करवाकर पावती लें। फिर स्टेटस पेज पर "अपलोड किए गए स्व घोषणा /वंशावली" में जाँच लें और शिविर के अमीन से फ़ोन पर पुष्टि कर लें।
यह लेख 27 अक्टूबर 2026 को बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली 2026, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की अधिसूचना (गज़ट 1208), भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के पोर्टल और विभाग के विशेष सर्वेक्षण FAQ को देखकर लिखा गया है। गाँवों का स्टेटस और स्वघोषणा की संख्या रोज़ बदलती है; अपने गाँव की ताज़ा स्थिति पोर्टल या शिविर से ही लें। यह सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। विवाद वाली ज़मीन में किसी जानकार वकील से सलाह लें।