Patna Me Registry Charge Kitna Hai 2026: ज़मीन-फ़्लैट पर 7% + 2%
सीधा जवाब
पटना में रजिस्ट्री का खर्च: डील प्राइस या MVR, जो ज़्यादा हो, उसका 9%।
| कौन किसको बेच रहा है | कुल खर्च |
|---|---|
| पुरुष → महिला | 8.5% |
| महिला → पुरुष | 9.1% |
| बाक़ी सब | 9% |
₹40 लाख का प्लॉट (पुरुष → पुरुष, MVR ₹40 लाख से कम) = ₹3.6 लाख। अपना खर्च निकालिए →
"6% + 2%" जून 2026 से पहले का रेट है। जून में शहर की MVR भी दोगुनी हुई, जो अब डील प्राइस से ज़्यादा हो सकती है।
📑 7 हिस्सों में सीधे जाएँ
आपकी डील पर कितना लगेगा: ₹40 लाख प्लॉट और ₹50 लाख फ़्लैट का हिसाब
मान लीजिए MVR आपकी डील प्राइस से कम है, यानी हिसाब डील प्राइस पर लगेगा:
| मामला | ₹40 लाख प्लॉट | ₹50 लाख फ़्लैट |
|---|---|---|
| पुरुष → पुरुष (7% + 2%) | ₹2,80,000 + ₹80,000 = ₹3,60,000 | ₹3,50,000 + ₹1,00,000 = ₹4,50,000 |
| पुरुष → महिला (6.6% + 1.9%) | ₹2,64,000 + ₹76,000 = ₹3,40,000 | ₹3,30,000 + ₹95,000 = ₹4,25,000 |
| महिला → पुरुष (7% + 2.1%) | ₹2,80,000 + ₹84,000 = ₹3,64,000 | ₹3,50,000 + ₹1,05,000 = ₹4,55,000 |
पहली रक़म स्टांप ड्यूटी है, दूसरी रजिस्ट्री फ़ीस (निबंधन शुल्क)। स्कैनिंग फ़ीस (नीचे देखें) अलग से जुड़ती है।
- अगर MVR ज़्यादा है: पूरा हिसाब MVR वाली क़ीमत पर होगा। प्लॉट की MVR ₹50 लाख हो, तो पुरुष → पुरुष में ₹4,50,000 लगेंगे।
- पुराने रेट से तुलना: 6% + 2% पर पुरुष → पुरुष प्लॉट में ₹3,20,000 लगते थे। यानी MVR के असर के बिना भी वही डील अब ₹40,000 महँगी है।
- महिला के नाम रजिस्ट्री: पुरुष बेचने वाले से ख़रीद पर ₹40 लाख की डील में लगभग ₹20,000 कम लगते हैं। पर जिसके नाम रजिस्ट्री होगी, क़ानूनन मालिक वही होगा। होम लोन, विरासत और परिवार देखकर फ़ैसला करें।
अपनी डील का हिसाब हमारे मुफ़्त बिहार रजिस्ट्री ख़र्च कैलकुलेटर में लगाइए। डील प्राइस और MVR डालिए। बिल्डर से फ़्लैट ले रहे हैं? उसका नया फ़्लैट मोड बिल्डर एग्रीमेंट और होम लोन डीड भी जोड़ देता है।
कौन किसको बेच रहा है, उस हिसाब से रेट (केवाला / सेल डीड)
| बेचने वाला → ख़रीदार | स्टांप ड्यूटी | रजिस्ट्री फ़ीस | कुल |
|---|---|---|---|
| पुरुष → महिला | 6.6% | 1.9% | 8.5% |
| महिला → पुरुष | 7% | 2.1% | 9.1% |
| बाक़ी सभी मामले (जैसे पुरुष → पुरुष, महिला → महिला) | 7% | 2% | 9% |
ये दरें ज़मीन, मकान और फ़्लैट तीनों पर एक जैसी हैं। पटना शहर हो या बिहटा, नौबतपुर, पुनपुन जैसे प्रखंड, प्रतिशत वही है। फ़र्क़ सिर्फ़ MVR का होता है, जो हर इलाक़े में अलग है।
जॉइंट नाम (जैसे पति-पत्नी) में ख़रीद: सरकारी नोटिफ़िकेशन (अधिसूचना) में सिर्फ़ "पुरुष से महिला" और "अन्य सभी मामले" लिखे हैं। जॉइंट नाम पर कौन-सी दर लगेगी, यह रजिस्ट्री ऑफ़िस (अवर निबंधन कार्यालय) से पूछें। सौदा पक्का करने से पहले जवाब लिखित में लें।
बिक्री नहीं, परिवार के भीतर ट्रांसफ़र है? देखें: गिफ़्ट, बँटवारा, रिलीज़ डीड और POA पर स्टांप ड्यूटी।
MVR क्या है और 2026 में कितनी बढ़ी?
MVR (सरकारी न्यूनतम रेट) हर इलाक़े के लिए सरकार की तय की हुई दर है। इससे कम क़ीमत पर स्टांप ड्यूटी नहीं कटती। आम बोलचाल में लोग इसे सर्किल रेट भी कहते हैं।
- केवाले में लिखी क़ीमत MVR से ज़्यादा → स्टांप ड्यूटी और फ़ीस लिखी क़ीमत पर।
- लिखी क़ीमत MVR से कम → स्टांप ड्यूटी और फ़ीस MVR वाली क़ीमत पर।
2026 की बढ़ोतरी (सरकारी): 19 जून 2026 से मौजूदा MVR एक बार बढ़ी। ग्रामीण इलाक़ों में 1.6 गुना और शहरी व बाहरी (peripheral) इलाक़ों में 2 गुना। इसके बाद हर वित्त वर्ष की शुरुआत में MVR 5% अपने-आप बढ़ेगी। हर 3 साल पर ज़िला मूल्यांकन समिति पूरा बदलाव करेगी।
यानी पुराना आँकड़ा, वीडियो या प्राइवेट कैलकुलेटर असली MVR का आधा भी हो सकता है। अपने मौज़ा, खाता-खेसरा या फ़्लैट की आज की MVR रजिस्ट्री ऑफ़िस से ही पूछें। पोर्टल पर अभी पुराना रेट क्यों दिखता है: पटना MVR रेट कैसे देखें।
इसी बदलाव से पूरे राज्य में ज़मीन की एक जैसी श्रेणियाँ तय हुईं (सूची नीचे 2026 वाले बॉक्स में)। आपकी ज़मीन किस श्रेणी में है, इससे खर्च बहुत बदल सकता है। खेती की ज़मीन के लिए देखें: बिहार लैंड कन्वर्ज़न 2026: क़ानून ख़त्म।
दाम या श्रेणी कम न लिखवाएँ। अगस्त 2026 में स्टांप क़ानून बदला गया। अब केवाले में दाम MVR से कम हो, तो रजिस्ट्री अधिकारी (निबंधन पदाधिकारी) रजिस्ट्री से पहले मामला कलेक्टर/AIG को भेजेगा। ज़मीन की श्रेणी, लोकेशन या उस पर बना ढाँचा ग़लत लगे, तब भी यही होगा। कलेक्टर रजिस्ट्री के 4 साल के भीतर (पहले 2 साल) ख़ुद भी मामला खोल सकते हैं। जानबूझकर ग़लत जानकारी पर कम पड़ी स्टांप ड्यूटी के बराबर (100%) जुर्माना लगेगा। कम दाम लिखवाना आगे बेचने, लोन लेने और टैक्स के हिसाब में भी नुक़सान करता है।
स्टांप ड्यूटी और फ़ीस के अलावा और कौन-से खर्च?
| खर्च | कितना |
|---|---|
| स्कैनिंग फ़ीस (सरकारी) | दस्तावेज़ के कुल पन्ने (एंडोर्समेंट और फ़ोटो वाले पन्ने मिलाकर): 1–10 पन्ने ₹250, 11–20 पन्ने ₹500, 20 से ज़्यादा ₹1,000 |
| ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर छूट | विभाग की तालिका में स्टांप ड्यूटी पर 1% छूट लिखी है, अधिकतम ₹2,000। आपके मामले में अब भी मिलेगी या नहीं, रजिस्ट्री ऑफ़िस से पूछें। |
| दस्तावेज़ लिखने वाले (कातिब/डीड राइटर) या वकील की फ़ीस | सरकारी नहीं, आपसी तय। पहले ही पूछकर लिख लें। |
| होम लोन का बंधक (मॉर्गेज) दस्तावेज़ | बैंक/वित्तीय संस्था के पक्ष में रिटेल हाउसिंग लोन पर स्टांप ड्यूटी अधिकतम ₹20,000 और रजिस्ट्री फ़ीस अधिकतम ₹5,000 |
ये रजिस्ट्री खर्च में नहीं आते: GST (अगर बिल्डर लेता है), पार्किंग और मेंटेनेंस डिपॉज़िट। बिल्डर से हर रक़म का लिखित ब्योरा लें। होम लोन ले रहे हैं? हमारे होम लोन EMI कैलकुलेटर (पटना) में EMI और अपनी जेब से कितना लगेगा (डाउन पेमेंट + रजिस्ट्री), दोनों देखिए।
रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज: राजस्व विभाग के FAQ के अनुसार इसकी कोई फ़ीस नहीं है। 2026 में दाखिल-खारिज क़ानून में बदलाव से हर याचिका, अपील और रिवीज़न (दोबारा सुनवाई) पर ₹200 फ़ीस जुड़ी है। पर यह सरकार के नोटिफ़िकेशन वाली तारीख़ से लागू होगी। 18 अक्टूबर 2026 तक ऐसा नोटिफ़िकेशन हमें नहीं मिला। तरीका: दाखिल-खारिज ऑनलाइन गाइड।
बिल्डर एग्रीमेंट और बयाना एग्रीमेंट पर कितना लगता है?
बिल्डर से फ़्लैट लेने में आम तौर पर दो दस्तावेज़ बनते हैं:
- बिल्डर के साथ एग्रीमेंट: विभाग की तालिका में बहुमंज़िला इमारत के फ़्लैट/यूनिट बनाने के एग्रीमेंट की एक पंक्ति है। उस पर 2% स्टांप ड्यूटी और ₹5 करोड़ तक की क़ीमत पर ₹20,000 फ़ीस है। RERA के तहत बिल्डर रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के बिना क़ीमत का 10% से ज़्यादा नहीं ले सकता।
- कब्ज़े के समय केवाला (सेल डीड): ऊपर की तालिका के हिसाब से 7% + 2%।
ज़मीन का बयाना / एकरारनामा: बिक्री के एग्रीमेंट पर 2% स्टांप ड्यूटी और ₹1,000 फ़ीस है। बहुत-से लोग बिना रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के सिर्फ़ रसीद पर बयाना दे देते हैं। यह जोखिम भरा है।
दोनों मामलों में रजिस्ट्री ऑफ़िस से पूछें कि आपका एग्रीमेंट किस पंक्ति में आएगा। यह भी पूछें कि उस पर दी गई ड्यूटी केवाले के समय कैसे गिनी जाएगी। फ़्लैट की पूरी जाँच-सूची: पटना में फ़्लैट ख़रीदने से पहले चेकलिस्ट।
रजिस्ट्री से पहले ये जाँच लें
- संपत्ति रजिस्ट्री पर रोक वाली सूची में तो नहीं? enibandhan.bihar.gov.in पर "View Prohibited Properties" देखें। रजिस्ट्री ऑफ़िस, अंचल, थाना, खाता और प्लॉट नंबर से खोज सकते हैं।
- बेचने वाले की जमाबंदी ऑनलाइन है और रकबा पूरा है? नहीं है तो रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज अटकेगा। देखें: जमाबंदी, खतियान, LPC ऑनलाइन कैसे देखें।
- ज़मीन मास्टर प्लान में किस ज़ोन में है? कृषि/संरक्षण ज़ोन या प्रस्तावित सड़क वाली ज़मीन की रजिस्ट्री हो जाती है। पर घर बनाने में दिक्कत आ सकती है। देखें: पटना मास्टर प्लान 2031 आसान भाषा में।
बाक़ी सारी जाँच, सही क्रम में: पटना में प्लॉट ख़रीदने की पूरी गाइड।
आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)
- बजट में 9% से थोड़ा ज़्यादा रखें: स्कैनिंग, डीड राइटर और आने-जाने का खर्च भी होता है।
- आज की MVR पहले पूछें, दाम तय होते ही। वह डील प्राइस से ज़्यादा है, तो खर्च उसी पर लगेगा।
- पूरा खर्च लिखित में लें, बयाना देने से पहले: MVR, स्टांप, फ़ीस, स्कैनिंग और डीड राइटर, सबका जोड़।
- काग़ज़ पर दाम या ज़मीन की श्रेणी कम लिखवाने का दबाव न मानें। अब इसकी जाँच 4 साल तक हो सकती है और 100% जुर्माना लग सकता है।
- महिला के नाम ख़रीद पर थोड़ी बचत है, पर मालिकाना हक़ का फ़ैसला सोच-समझकर करें।
- रजिस्ट्री के बाद उसी हफ़्ते दाखिल-खारिज का आवेदन करें।
पटना रजिस्ट्री खर्च से जुड़े सवाल-जवाब
MVR से कम दाम पर रजिस्ट्री हो सकती है क्या?
कम दाम लिखा जा सकता है, पर ड्यूटी और फ़ीस कम से कम MVR वाली क़ीमत पर लगेगी। MVR से कम वाला केवाला कलेक्टर/AIG को भेजा जाता है। अगस्त 2026 से 4 साल तक जाँच हो सकती है, और जानबूझकर ग़लत जानकारी पर 100% जुर्माना।
पति-पत्नी जॉइंट नाम में ख़रीदें तो कौन-सा रेट लगेगा?
जून 2026 के नोटिफ़िकेशन में सिर्फ़ "पुरुष से महिला" और "अन्य सभी मामले" लिखे हैं। जॉइंट ख़रीद का ज़िक्र नहीं है। रजिस्ट्री ऑफ़िस से पूछें और सौदा पक्का करने से पहले जवाब लिखित में लें।
पटना शहर और बिहटा-नौबतपुर में रजिस्ट्री का रेट अलग है क्या?
नहीं। प्रतिशत पूरे बिहार में एक जैसा है, ज़मीन, मकान और फ़्लैट तीनों पर। फ़र्क़ हर इलाक़े की MVR का है। MVR डील प्राइस से ज़्यादा हो, तो हिसाब MVR वाली क़ीमत पर होता है।
रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज की कोई फ़ीस है?
राजस्व विभाग के FAQ के अनुसार कोई फ़ीस नहीं है। 2026 में क़ानून से हर याचिका, अपील और रिवीज़न पर ₹200 फ़ीस जोड़ी गई। पर यह सरकार के नोटिफ़िकेशन की तारीख़ से लागू होगी, और 18 अक्टूबर 2026 तक ऐसा नोटिफ़िकेशन नहीं मिला।
बिहार में गिफ़्ट डीड या बँटवारे की रजिस्ट्री में कितना लगता है?
गिफ़्ट डीड पर बिक्री वाली ही दर है: पुरुष → महिला 6.6% स्टांप, बाक़ी मामलों में 7%, साथ में फ़ीस। पुश्तैनी/पारिवारिक संपत्ति के बँटवारे पर ₹50 स्टांप और ₹50 फ़ीस है। रिलीज़ डीड और पावर ऑफ़ अटॉर्नी की दरें हमारे गिफ़्ट, बँटवारा, रिलीज़ डीड और POA लेख में हैं।
इस सीरीज़ के सभी लेख (20): पटना प्रॉपर्टी ख़रीदार गाइड
- NRI Property in Patna: बाहर रहकर प्रॉपर्टी कैसे ख़रीदें (2026)
- Flat Kharidne Se Pehle Checklist: पटना में RERA से कब्ज़े तक (2026)
- RERA Bihar Project Kaise Check Kare: पटना के फ़्लैट-प्लॉट की जाँच 2026
- Patna Me Registry Charge Kitna Hai 2026: ज़मीन-फ़्लैट पर 7% + 2%
- Patna Me Registry Kaise Hoti Hai 2026: 10 स्टेप + कौन-से कागज़ चाहिए
- Dakhil Kharij Online Bihar: पटना में दाखिल-खारिज, कागज़, समय, स्टेटस
- Bihar Jamabandi Online Kaise Dekhe: पटना में जमाबंदी, खतियान, LPC (2026)
- Power of Attorney Kaise Banaye Bihar: पटना में मुख़्तारनामा गाइड 2026
- Zameen Fraud Se Kaise Bache: पटना में ज़मीन धोखाधड़ी के 8 तरीके
- RERA Bihar Complaint Kaise Kare: पटना में बिल्डर की देरी पर शिकायत 2026
- Zameen Ka Batwara Kaise Kare: पटना में पुश्तैनी ज़मीन और वंशावली
- Bihar Land Conversion 2026: क़ानून ख़त्म, पटना में खेत की ज़मीन पर घर
- Encumbrance Certificate Bihar: ज़मीन पर लोन या केस कैसे देखें (पटना 2026)
- Kewala Kaise Nikale: बिहार में केवाला की नकल ऑनलाइन (पटना 2026)
- Bihar Rasid Online: लगान रसीद कैसे कटे और निकालें (पटना 2026)
- Bihar Land Survey 2026: प्रपत्र-2 कैसे भरें, लास्ट डेट (पटना)
- Flat Lena Chahiye Ya Plot: पटना में कौन बेहतर, 8 बातों में तुलना
- Patna Me Home Loan Kaise Le: कागज़, PMAY सब्सिडी, सरकारी कर्मचारी
- Parimarjan Plus Bihar: जमाबंदी में सुधार ऑनलाइन, स्टेटस (पटना 2026)
- Khanapuri Parcha Kya Hai, Kaise Nikale: भूमि सर्वे, आपत्ति (पटना 2026)
2026 में क्या-क्या बदला
| तारीख़ | बदलाव | गजट |
|---|---|---|
| 18 जून 2026 | बिक्री (केवाला) और गिफ़्ट पर स्टांप ड्यूटी 7%; पुरुष से महिला को 6.6% (पहले 6% / 5.7%) | सं. 636 |
| 19 जून 2026 | MVR एक बार बढ़ी: ग्रामीण 1.6 गुना, शहरी और बाहरी 2 गुना; फिर हर वित्त वर्ष 5%; हर 3 साल पूरा बदलाव; ज़मीन की श्रेणियाँ पूरे राज्य में एक जैसी | सं. 635 |
| जुलाई 2026 | नई बिहार रजिस्ट्री नियमावली (निबंधन नियमावली), 2026 ने 2008 वाली नियमावली की जगह ली | सं. 759 |
| 3 अगस्त 2026 (क़ानून) | दाखिल-खारिज की हर याचिका, अपील और रिवीज़न पर ₹200 फ़ीस, पर नोटिफ़िकेशन वाली तारीख़ से (18 अक्टूबर 2026 तक नोटिफ़िकेशन नहीं) | सं. 924 |
| 20 अगस्त 2026 | स्टांप क़ानून: कम दाम की जाँच 4 साल तक (पहले 2 साल); जानबूझकर ग़लत जानकारी पर 100% जुर्माना | सं. 1017 |
| 23 सितंबर 2026 | नया "Conversion Deed" (खेती की ज़मीन से कमर्शियल): MVR के अंतर का 7% + 2% | सं. 1147, 1148 |
ज़मीन की एक जैसी श्रेणियाँ (दर प्रति डिसमिल)। ग्रामीण और बाहरी इलाक़े: कमर्शियल, औद्योगिक, रिहायशी, हाईवे/MDR से सटी, सिंचित, असिंचित और परती ज़मीन। शहरी इलाक़े: प्रधान सड़क, मुख्य सड़क और शाखा सड़क (कमर्शियल/रिहायशी), दूसरी गलियाँ (रिहायशी), औद्योगिक, और कृषि/गैर-रिहायशी।
रेट कहाँ से हैं। स्टांप ड्यूटी: 18 जून 2026 का नोटिफ़िकेशन। रजिस्ट्री फ़ीस: विभाग की फ़ीस तालिका। 18 अक्टूबर 2026 तक बिहार गजट में फ़ीस बदलने वाला कोई नोटिफ़िकेशन हमें नहीं मिला।
स्रोत (Sources)
- निबंधन विभाग की अधिसूचना सं. 10/नि0 MVR पुनरीक्षण 4060, दिनांक 18 जून 2026, बिहार गजट (असाधारण) सं. 636: अनुसूची-1A अनुच्छेद 23 (केवाला) और 33 (दान): पुरुष से महिला 6.6%, अन्य 7% — PDF
- बिहार स्टांप (लिखतों के अवमूल्यन का निवारण) (संशोधन) नियमावली, 2026, गजट सं. 635, 19 जून 2026: नियम 5 परंतुक (ज़मीन की श्रेणियाँ), नियम 6(2)(c)-(d) (3 साल पर संशोधन, सालाना 5%, एक बार 1.6/2 गुना) — PDF
- भारतीय स्टांप (बिहार संशोधन) अधिनियम, 2026 (बिहार अधिनियम 29, 2026), गजट सं. 1017, 20 अगस्त 2026: धारा 47A(1), (3), (7), (8) — PDF
- बिहार निबंधन नियमावली, 2026, गजट सं. 759 (जुलाई 2026), 2008 वाली नियमावली की जगह — PDF
- Conversion Deed: गजट सं. 1147 और 1148, 23 सितंबर 2026 — PDF · PDF
- बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) अधिनियम, 2026 (बिहार अधिनियम 21, 2026), गजट सं. 924, 3 अगस्त 2026: धारा 17(a) ₹200 फ़ीस; लागू होने की तारीख़ अधिसूचना से — PDF
- "Table of Stamp Duty & Registration Fee", मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग (दिसंबर 2020 में अपडेट; निबंधन शुल्क, स्कैनिंग फ़ीस, छूट और ऊपर के बाक़ी दस्तावेज़) — PDF (nibandhan.bihar.gov.in): पेज 3 क्रम 19 (निबंधन शुल्क 1.9%/2.1%/2%), पेज 2 क्रम 15 (क़ीमत या MVR, जो ज़्यादा), पेज 1 क्रम 5(b) (एग्रीमेंट), पेज 5 क्रम 34 (मॉर्गेज), पेज 6 क्रम 39 (बँटवारा), पेज 7 क्रम 43 (पावर ऑफ़ अटॉर्नी), पेज 8 क्रम 47 और 50 (हक़त्याग, सेटलमेंट), पेज 10 (छूट), पेज 11 (स्कैनिंग)
- "View Prohibited Properties" — enibandhan.bihar.gov.in
- गजट अधिसूचनाएँ egazette.bihar.gov.in पर 18 अक्टूबर 2026 को खोजी गईं।
यह जानकारी सरकारी स्रोतों से 28 अक्टूबर 2026 को जाँची गई है। नियम बदलते रहते हैं, पैसा देने से पहले रजिस्ट्री या अंचल ऑफ़िस से पक्का कर लें।