Bihar Land Record Online Kaise Dekhe: पटना की ज़मीन के सारे रिकॉर्ड (2026)
सीधा जवाब: बिहार की ज़मीन के लगभग सारे सरकारी रिकॉर्ड अब ऑनलाइन हैं, और ज़्यादातर का रास्ता एक ही पोर्टल से खुलता है: biharbhumi.bihar.gov.in (राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग)। जमाबंदी (पंजी-II), दाखिल-खारिज की स्थिति, LPC की स्थिति और बंधक बिना लॉगिन मुफ़्त दिखते हैं। खतियान भू-अभिलेख पोर्टल पर, नक्शा भू-नक्शा पोर्टल पर, और रजिस्ट्री वाले कागज़ (केवाला की प्रमाणित कॉपी, भार प्रमाण पत्र) निबंधन विभाग के e-Nibandhan पोर्टल पर मिलते हैं। नीचे पूरी सूची है: कौन सा रिकॉर्ड, किस पोर्टल पर, क्या भरना है और पटना के ख़रीदार उसमें क्या मिलाएँ।
मान लीजिए आप बेंगलुरु या दुबई में नौकरी करते हैं और पटना के फुलवारी या बिहटा अंचल में दो कट्ठा का प्लॉट देख रहे हैं। ब्रोकर कहता है "सब कागज़ क्लियर है"। इस गाइड के रिकॉर्ड आप घर बैठे 20-30 मिनट में ख़ुद देख सकते हैं, और ज़्यादातर बड़े ख़तरे बयाना देने से पहले ही पकड़ में आ जाते हैं।
बिहार के ज़मीन रिकॉर्ड: कौन सा कागज़, किस पोर्टल पर? (एक नज़र में)
| रिकॉर्ड | क्या बताता है | पोर्टल | लॉगिन? |
|---|---|---|---|
| जमाबंदी (पंजी-II / रजिस्टर-2) | आज ज़मीन किसके नाम है, खाता-खेसरा, रकबा, लगान | बिहार भूमि → "जमाबंदी पंजी देखें" | नहीं, मुफ़्त |
| खतियान | सर्वे के समय ज़मीन किसके नाम दर्ज हुई (जड़ का रिकॉर्ड) | bhuabhilekh.bihar.gov.in | हाँ (मोबाइल नंबर); प्रमाणित कॉपी पर फ़ीस |
| नक्शा (राजस्व मानचित्र) | खेसरा ज़मीन पर कहाँ है, आकार, बगल के खेसरे | bhunaksha.bihar.gov.in; छपी प्रति घर पर: dlrs.bihar.gov.in | देखना: बटन से; प्रति: भुगतान |
| दाखिल-खारिज की स्थिति | किसी खेसरा पर किसने दाखिल-खारिज का आवेदन डाला, क्या हुआ | बिहार भूमि → "दाखिल ख़ारिज आवेदन स्थिति देखें" | नहीं |
| LPC | अंचल का प्रमाण कि ज़मीन रैयत के दखल-कब्ज़े में है | बिहार भूमि → LPC आवेदन / स्थिति | आवेदन: हाँ; स्थिति: नहीं |
| लगान रसीद | लगान किस साल तक भरा गया | bhulagan.bihar.gov.in | भुगतान के लिए हाँ |
| बंधक (गिरवी) | ज़मीन पर बैंक का कर्ज़ दर्ज है या नहीं | बिहार भूमि → "बंधक भूमि को देखने की सुविधा" | नहीं |
| रजिस्ट्री पर रोक (Prohibited) | उस गाँव में किन ज़मीनों की रजिस्ट्री पर रोक है | enibandhan.bihar.gov.in → "View Prohibited Properties" | नहीं |
| केवाले की प्रमाणित कॉपी, भार प्रमाण पत्र (EC) | रजिस्टर्ड डीड की कॉपी; ज़मीन पर पिछले लेन-देन | enibandhan.bihar.gov.in → "Certified Copy" / "Encumbrance Certificate" | आवेदन और फ़ीस पोर्टल पर |
| राजस्व मुक़दमे | राजस्व अदालतों में चल रहे वाद | बिहार भूमि → "राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली" (RCMS) | वाद की स्थिति पोर्टल पर |
| मापी (नापी) आवेदन | अमीन से सरकारी नापी और उसकी रिपोर्ट | emapi.bihar.gov.in | हाँ; मापी फ़ीस |
सारे पोर्टल 15 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए। सरकारी पोर्टल का डिज़ाइन बदलता रहता है; बटन का नाम थोड़ा अलग दिखे तो क्रम वही रहता है।
शुरू करने से पहले: पटना की ज़मीन के लिए ये 6 जानकारी तैयार रखें
लगभग हर पोर्टल यही पूछता है। विक्रेता से पुराना केवाला, लगान रसीद या जमाबंदी की कॉपी लेकर ये लिख लें:
- ज़िला: Patna
- अंचल (Circle): पटना ज़िले में 23 अंचल हैं, जैसे दानापुर, फुलवारी, संपतचक, पुनपुन, बिहटा, नौबतपुर। अंचल लगान रसीद पर लिखा होता है।
- हल्का: अंचल के अंदर राजस्व कर्मचारी का इलाक़ा।
- मौज़ा: राजस्व गाँव का नाम (कई बार कॉलोनी का नाम कुछ और होता है, मौज़ा कुछ और)।
- खाता संख्या और खेसरा (प्लॉट) संख्या
- जमाबंदी संख्या या भाग-पृष्ठ संख्या (रसीद पर होती है)
पटना की ख़ास बात: शहर के बाहर बसी नई कॉलोनियों का नाम अक्सर मौज़े से अलग होता है। अगर "XYZ नगर" नाम से मौज़ा नहीं मिल रहा, तो केवाले में लिखा मौज़ा और थाना नंबर देखें। मौज़ा ग़लत चुना तो सारे रिकॉर्ड ग़लत ज़मीन के खुलेंगे।
1. जमाबंदी (पंजी-II) ऑनलाइन कैसे देखें: आज ज़मीन किसके नाम है
पंजी-II या रजिस्टर-2 जमाबंदी का ही दूसरा नाम है। ख़रीदार के लिए यह सबसे पहला और सबसे ज़रूरी रिकॉर्ड है।
- बिहार भूमि पोर्टल पर "जमाबंदी पंजी देखें" पर क्लिक करें।
- ज़िला Patna, अंचल, हल्का और मौज़ा चुनें।
- खाता, खेसरा, रैयत का नाम या जमाबंदी संख्या से खोजें, सुरक्षा कोड भरें और Search करें।
- अपनी जमाबंदी के सामने View/देखें दबाएँ।
यहाँ रैयत का नाम, खाता-खेसरा, रकबा, चौहद्दी, लगान का हिसाब, और ऑनलाइन दर्ज बंधक और मुक़दमे दिखते हैं। अगर हिंदी पढ़ने में दिक़्क़त हो तो पोर्टल पर "जमाबंदी पंजी देखें (भारत की सभी 22 भाषाओं में)" का विकल्प भी है, जो बाहर रहने वाले परिवारों के काम आता है।
पूरा तरीका, स्क्रीन पर क्या दिखता है और ग़लती होने पर परिमार्जन कैसे कराएँ, यह सब हमारी पटना में जमाबंदी, खतियान, LPC ऑनलाइन कैसे देखें गाइड में है।
2. खतियान ऑनलाइन: ज़मीन की जड़ का रिकॉर्ड
खतियान bhuabhilekh.bihar.gov.in पर मिलता है। मोबाइल नंबर से Public Login करें, दस्तावेज़ का प्रकार चुनें, ज़िला पटना, अंचल, मौज़ा और खाता/खेसरा भरकर खोजें। View से स्कैन कॉपी दिखती है; "Apply for Download Copy" से फ़ीस भरकर डिजिटल हस्ताक्षरित कॉपी मिलती है। इसी पोर्टल पर पुराने जमाबंदी पंजी की प्रति, दाखिल-खारिज पंजी और राजस्व मानचित्र जैसे और अभिलेख भी रखे जाते हैं, हालाँकि हर मौज़े का हर रिकॉर्ड स्कैन हुआ हो, यह ज़रूरी नहीं।
CS, RS और चकबंदी खतियान का फ़र्क, कैथी लिपि वाले खतियान और PDF निकालने के स्टेप हमारी Bihar Khatiyan Kaise Nikale गाइड में विस्तार से हैं।
3. भू-नक्शा: पटना में खेसरा ज़मीन पर कहाँ है
कागज़ सही हो सकता है और फिर भी आपको दिखाया गया प्लॉट कोई दूसरा खेसरा हो सकता है। इसीलिए नक्शा देखना ज़रूरी है। स्क्रीनशॉट के साथ पूरा तरीका, खेसरा का मुफ़्त PDF (LPM) और पटना के अंचलों के पोर्टल वाले नाम: Bhu Naksha Bihar Download गाइड।
- ऑनलाइन देखना: bhunaksha.bihar.gov.in पर "Click on the button below to view map" के नीचे वाले बटन से नक्शा खुलता है। फिर ज़मीन की जगह चुनकर अपना खेसरा खोजें। पोर्टल पर दो तरह के नक्शे हैं: विशेष सर्वेक्षण (First Map से Final Published Map तक) और पुराना सर्वे (Cadastral, Revisional, Chakbandi, और शहरी इलाक़ों के Cadastral/Revisional Municipality नक्शे)।
- छपी प्रति घर पर: dlrs.bihar.gov.in पर "Door Step Delivery of Revenue Maps" खोलें → Area Type, Map Type, District, Survey Thana/Municipal और मौज़ा/वार्ड चुनकर "Search Map" → "Click & View" से देखें → जितनी प्रति चाहिए, टिक करके "Add to Cart" (एक कार्ट में अधिकतम 5 नक्शे) → Proceed, डिलीवरी का पता भरें, Checkout और भुगतान। प्राप्ति रसीद सँभालें; "Track Your Order" में consignment नंबर से ऑर्डर देख सकते हैं।
पटना में क्या मिलाएँ: नक्शे में आपका खेसरा किस खेसरे से सटा है, सड़क या आम रास्ता किस तरफ़ है, और यह केवाले की चौहद्दी से मिलता है या नहीं। नक्शे के रास्ते और ज़मीन पर बने रास्ते में फ़र्क हो सकता है; इसीलिए आख़िर में अमीन से नापी ज़रूरी है (नीचे भाग 10 देखें)।
4. दाखिल-खारिज स्टेटस: आपके प्लॉट पर किसने आवेदन डाला है?
यह सुविधा ख़रीदार के लिए बहुत काम की है, पर कम लोग जानते हैं। विभाग के अनुसार किसी मौज़े के किसी प्लॉट पर कौन-कौन से दाखिल-खारिज आवेदन दायर हुए हैं, यह कोई भी देख सकता है:
- बिहार भूमि पर "दाखिल ख़ारिज आवेदन स्थिति देखें" खोलें।
- ज़िला, अंचल और वर्ष चुनकर Proceed दबाएँ।
- मौज़ा और प्लॉट (खेसरा) संख्या भरकर Search करें। उस वित्तीय वर्ष में उस प्लॉट पर दायर आवेदनों की सूची दिख जाएगी।
पटना के ख़रीदार ऐसे इस्तेमाल करें: पिछले 2-3 वित्तीय वर्ष एक-एक करके चुनकर देखें। अगर विक्रेता का खेसरा किसी और के नाम दाखिल-खारिज में लंबित है, तो इसका मतलब हो सकता है कि वह हिस्सा पहले ही किसी को बिक चुका है। ऐसा दिखे तो सौदा रोककर पहले पूरी बात साफ़ कराएँ।
अगर किसी ने ग़लत तरीक़े से आपकी ज़मीन पर आवेदन डाला है, तो उस पर ऑनलाइन आपत्ति भी दर्ज हो सकती है ("दाखिल ख़ारिज वाद पर आपत्ति दर्ज करें", लॉगिन से)। अपने आवेदन की स्थिति टोकन नंबर या वाद संख्या से कैसे देखें, और समय-सीमा क्या है, यह हमारी दाखिल-खारिज ऑनलाइन गाइड में है।
5. LPC की स्थिति ऑनलाइन कैसे देखें
LPC (भूमि दखल-कब्ज़ा प्रमाण पत्र) का आवेदन बिहार भूमि पर लॉगिन करके होता है, और लगान अद्यतन हुए बिना आवेदन नहीं होता। आवेदन के बाद उसकी स्थिति "एल० पी० सी० आवेदन स्थिति देखें" लिंक से देखी जा सकती है। आवेदन के पूरे स्टेप जमाबंदी-खतियान-LPC गाइड में हैं।
6. लगान रसीद: किस साल तक लगान भरा है
bhulagan.bihar.gov.in पर अपनी जमाबंदी खोलकर बकाया देखें और ऑनलाइन भरें। जमाबंदी पंजी में भी दिखता है कि लगान किस साल तक भरा गया। ख़रीदार के लिए संकेत: सालों से लगान बकाया हो तो पूछें क्यों। रजिस्ट्री के बाद लगान अपने नाम से भरते रहें; यह आपके कब्ज़े का रोज़ का सबूत है।
7. बंधक भूमि: ज़मीन पर बैंक का कर्ज़ तो नहीं?
बिहार भूमि पर "बंधक भूमि को देखने की सुविधा" है, जहाँ बिना लॉगिन देखा जा सकता है कि ज़मीन पर कोई बंधक दर्ज है या नहीं। जमाबंदी पंजी में भी "Land Mortgage" का विवरण आता है। ध्यान रहे, यहाँ वही बंधक दिखते हैं जो ऑनलाइन दर्ज हुए हैं; कुछ न दिखे तो विक्रेता से लिखित घोषणा भी लें।
8. रजिस्ट्री वाले रिकॉर्ड: प्रतिबंधित ज़मीन, केवाले की कॉपी और भार प्रमाण पत्र
रजिस्ट्री का रिकॉर्ड राजस्व विभाग का नहीं, बल्कि मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग का है। उसका पोर्टल enibandhan.bihar.gov.in है।
- View Prohibited Properties: रजिस्ट्री कार्यालय (Registration Office), अंचल (Circle) और गाँव (Village) चुनकर, कैप्चा भरकर Search करें। उस गाँव की वे ज़मीनें दिखती हैं जिनकी रजिस्ट्री पर रोक दर्ज है, साथ में रोक का प्रकार और वह अभी लागू (Active) है या नहीं। जिस ज़मीन की रजिस्ट्री पर रोक दर्ज है, उसका सौदा करने से पहले ही पता चल जाए, इसके लिए यह जाँच ज़रूर करें।
- Certified Copy: विक्रेता के पुराने केवाले की प्रमाणित कॉपी के लिए। इससे पता चलता है कि उसके हाथ का केवाला असली रजिस्टर्ड डीड से मेल खाता है।
- Encumbrance Certificate (भार प्रमाण पत्र): किसी अवधि में उस ज़मीन पर हुए रजिस्टर्ड लेन-देन की जानकारी, ताकि पता चले कि वही ज़मीन किसी और को पहले तो नहीं बेची गई।
Certified Copy और EC के आवेदन का तरीका और फ़ीस e-Nibandhan पोर्टल पर देखें। हेल्पलाइन 14544 (पोर्टल पर दिया गया)। रजिस्ट्री का पूरा ख़र्च हमारी पटना रजिस्ट्री ख़र्च गाइड में है।
पटना के लिए: पटलिपुत्र टाउनशिप वाले गाँवों में रजिस्ट्री पर रोक का अलग मामला है। अपना गाँव उस सूची में है या नहीं, यह पटलिपुत्र टाउनशिप गाँवों की सूची में देखें।
9. राजस्व न्यायालय (RCMS): ज़मीन पर मुक़दमा तो नहीं चल रहा?
बिहार भूमि पर "राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली" (RCMS) है, जहाँ राजस्व अदालतों के वाद ऑनलाइन दायर होते हैं और उनकी स्थिति देखी जा सकती है। जमाबंदी पंजी में भी राजस्व न्यायालयों में चल रहे वाद दिखते हैं। अंचलाधिकारी कोर्ट की "कॉज़ लिस्ट" भी बिहार भूमि पर है।
ध्यान दें: RCMS में सिर्फ़ राजस्व अदालतों के वाद हैं। सिविल कोर्ट (टाइटल सूट, बँटवारे के मुक़दमे) इसमें नहीं आते। उनके लिए विक्रेता से लिखित घोषणा लें और ज़रूरत हो तो वकील से पटना सिविल कोर्ट में जाँच कराएँ।
10. ई-मापी: अमीन से सरकारी नापी ऑनलाइन कैसे मँगाएँ
ऑनलाइन रिकॉर्ड काग़ज़ पर ज़मीन बताते हैं; ज़मीन पर वह कहाँ और कितनी है, यह नापी से पता चलता है। विभाग की प्रक्रिया:
- emapi.bihar.gov.in पर "apply for Mapi" दबाएँ और मोबाइल नंबर से लॉगिन करें (नए यूज़र पहले रजिस्ट्रेशन)।
- ज़िला, अंचल चुनकर Proceed; फिर हल्का, मौज़ा, भाग संख्या, पृष्ठ संख्या भरकर "Get Reg-2" दबाएँ। आपकी जमाबंदी दिखेगी।
- जिस ज़मीन की नापी चाहिए, उसका खाता, खेसरा, रकबा भरें; अपना विवरण, चौहद्दीदारों का विवरण भरें।
- कुछ सवालों के जवाब दें, सबूत की PDF और "Self Declaration" अपलोड करें, declaration स्वीकार करें। आवेदन संख्या मिलेगी।
- अंचलाधिकारी स्वीकृत करें तो "Application Status → Pending for mapi" में "Proceed for Payment" से मापी फ़ीस भरें और संभावित तिथि चुनें। नापी के बाद रिपोर्ट "View Mapi" में मिलती है।
ध्यान दें: ई-मापी का आवेदन रैयत की अपनी जमाबंदी से शुरू होता है, इसलिए आम तौर पर इसे ज़मीन मालिक ही करता है। ख़रीदने से पहले ख़रीदार विक्रेता से कहें कि वह नापी कराए, या निजी अमीन से नापी कराएँ।
11. SMS अलर्ट: आपकी ज़मीन में कोई बदलाव हो तो मोबाइल पर ख़बर
बिहार भूमि पर लॉगिन करके अपनी जमाबंदी पर SMS अलर्ट सेवा चुन सकते हैं। जमाबंदी में सुधार (Rectification) या लेन-देन (Transaction) होने पर SMS आता है। पटना से बाहर रहने वाले ज़मीन मालिकों के लिए यह सबसे सस्ती सुरक्षा है: कोई आपकी ज़मीन का दाखिल-खारिज कराने की कोशिश करे, तो आपको समय रहते पता चल जाता है। साथ ही "आधार / मोबाइल सीडिंग स्थिति जांचें" से देख लें कि आपकी जमाबंदी में सही मोबाइल नंबर जुड़ा है।
12. रिकॉर्ड में ग़लती है? परिमार्जन प्लस और शिकायत
जमाबंदी में नाम, खाता-खेसरा, रकबा या लगान ग़लत है, या पुरानी जमाबंदी ऑनलाइन नहीं दिख रही, तो परिमार्जन प्लस पर आवेदन होता है और स्थिति भी वहीं दिखती है। दूसरी शिकायतों के लिए बिहार भूमि पर "जन शिकायत पोर्टल" और "शिकायत दर्ज करे" के लिंक हैं। ख़रीदार के लिए नियम: विक्रेता की जमाबंदी में गड़बड़ी है तो पहले वह परिमार्जन कराए, फिर रजिस्ट्री, वरना बाद में आपका दाखिल-खारिज अटकेगा।
अंचल कार्यालय में काम अटका हो तो पटना के सभी 23 अंचल अधिकारियों के नंबर और शिकायत का पूरा तरीका: पटना अंचल अधिकारी (CO) लिस्ट और नंबर।
पटना में प्लॉट ख़रीदने से पहले ऑनलाइन जाँच का सही क्रम
| क्रम | क्या देखें | ख़तरे का संकेत |
|---|---|---|
| 1 | जमाबंदी: विक्रेता का नाम, खेसरा, रकबा | नाम किसी और का; बेचा जा रहा रकबा जमाबंदी से ज़्यादा |
| 2 | दाखिल-खारिज स्टेटस (पिछले 2-3 साल) | उसी खेसरा पर किसी और का आवेदन |
| 3 | बंधक + RCMS | बैंक का बंधक या राजस्व वाद लंबित |
| 4 | e-Nibandhan: Prohibited Properties | गाँव/खेसरा रोक की सूची में (Active) |
| 5 | खतियान | खतियान के रैयत से आज के विक्रेता तक कड़ी टूटी हुई |
| 6 | भू-नक्शा | दिखाया गया प्लॉट नक्शे के खेसरा से मेल नहीं खाता; रास्ता नक्शे में नहीं |
| 7 | लगान | सालों से बकाया |
| 8 | पुराने केवाले की Certified Copy / EC | हाथ वाला केवाला रजिस्टर्ड डीड से अलग; पहले भी बिक्री दर्ज |
रकबा सरकारी रिकॉर्ड में एकड़-डिसमिल में होता है, सौदा कट्ठा-धुर में। पटना में मोटा हिसाब: 1 कट्ठा ≈ 3.125 डिसमिल ≈ 1,361.25 वर्ग फ़ुट = 20 धुर; 1 डिसमिल = 435.6 वर्ग फ़ुट। जगह के हिसाब से कट्ठे का माप थोड़ा बदल सकता है, केवाले में लिखा रकबा ही आधार है।
- बिहार भूमि पोर्टल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार: सभी नागरिक सेवाओं के लिंक (जमाबंदी पंजी, दाखिल-खारिज स्थिति, LPC, बंधक भूमि, RCMS, SMS अलर्ट, परिमार्जन प्लस, भू-नक्शा, भू-अभिलेख, ई-मापी) — biharbhumi.bihar.gov.in
- "Citizen Services (नागरिक सुविधाओं) के बारे में जानकारी": भाग-6 (भू-मापी), भाग-8 (SMS अलर्ट), भाग-10 (राजस्व मानचित्र घर पर), भाग-15 (अपने प्लॉट पर दायर दाखिल-खारिज आवेदन) — नागरिक सुविधाओं के बारे में जानकारी
- भू-नक्शा पोर्टल (विशेष सर्वेक्षण और पुराने सर्वे के नक्शे) — bhunaksha.bihar.gov.in
- e-Nibandhan, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार: Certified Copy, Encumbrance Certificate, View Prohibited Properties; हेल्पडेस्क 14544 — enibandhan.bihar.gov.in
- पटना ज़िले में 23 अंचल — patna.nic.in
- सभी पोर्टल 15.10.2026 को जाँचे गए।
आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)
- बयाना देने से पहले ऊपर की 8 जाँच ख़ुद करें। विक्रेता या ब्रोकर के भेजे स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें; खाता-खेसरा लेकर पोर्टल पर ख़ुद खोलें।
- ऑनलाइन रिकॉर्ड पहली जाँच है, आख़िरी नहीं। वही दिखता है जो ऑनलाइन दर्ज है। असली कागज़, ज़मीन पर कब्ज़ा, नापी, रास्ता और पड़ोसियों से बात ज़मीन पर जाकर ही होती है। पूरी सूची: पटना में प्लॉट ख़रीदने से पहले पूरी गाइड।
- मास्टर प्लान का ज़ोन भी देखें। कृषि या ग्रीन ज़ोन में घर का नक्शा पास होने में दिक़्क़त हो सकती है: पटना मास्टर प्लान 2031 आसान भाषा में।
- पटना से बाहर रहते हैं? ख़रीदने के बाद तुरंत दाखिल-खारिज कराएँ, SMS अलर्ट चालू करें और लगान हर साल भरें। बाहर से ख़रीदने की पूरी गाइड: बाहर रहकर पटना में प्रॉपर्टी कैसे ख़रीदें।
- पुराना खतियान, कैथी, उलझी वंशावली या मिलजुमला रकबा हो तो किसी जानकार से कागज़ ज़रूर जँचवाएँ।
बिहार लैंड रिकॉर्ड ऑनलाइन से जुड़े सवाल-जवाब
- Bihar land record online kaise dekhe?
biharbhumi.bihar.gov.in खोलें। जमाबंदी के लिए "जमाबंदी पंजी देखें" में ज़िला, अंचल, हल्का, मौज़ा चुनकर खाता, खेसरा या नाम से खोजें। खतियान bhuabhilekh.bihar.gov.in पर, नक्शा bhunaksha.bihar.gov.in पर, और रजिस्ट्री वाले रिकॉर्ड enibandhan.bihar.gov.in पर मिलते हैं।
- बिहार में रजिस्टर 2 (पंजी-II) ऑनलाइन कैसे देखें?
पंजी-II ही जमाबंदी पंजी है। बिहार भूमि पोर्टल पर "जमाबंदी पंजी देखें" से बिना लॉगिन और मुफ़्त देख सकते हैं।
- पटना में किसी प्लॉट पर दाखिल-खारिज का आवेदन किसने डाला है, कैसे पता करें?
बिहार भूमि पर "दाखिल ख़ारिज आवेदन स्थिति देखें" खोलें, ज़िला पटना, अंचल और वर्ष चुनकर Proceed करें, फिर मौज़ा और प्लॉट संख्या भरकर Search करें। उस वित्तीय वर्ष में उस प्लॉट पर दायर सभी आवेदन दिखेंगे।
- ज़मीन पर लोन (बंधक) है या नहीं, ऑनलाइन कैसे देखें?
बिहार भूमि पर "बंधक भूमि को देखने की सुविधा" (land.bihar.gov.in/Encumbrances) पर बिना लॉगिन देखें; जमाबंदी पंजी में भी बंधक का विवरण आता है। रजिस्टर्ड लेन-देन के लिए e-Nibandhan से Encumbrance Certificate लें।
- किस ज़मीन की रजिस्ट्री पर रोक है, कैसे पता करें?
enibandhan.bihar.gov.in पर "View Prohibited Properties" खोलें, रजिस्ट्री कार्यालय, अंचल और गाँव चुनकर कैप्चा भरें और Search करें। रोक का प्रकार और वह Active है या नहीं, यह दिखता है।
- क्या बिहार भूमि पर ज़मीन का रिकॉर्ड देखने की फ़ीस है?
जमाबंदी पंजी, दाखिल-खारिज स्थिति, बंधक और LPC स्थिति देखना मुफ़्त है। खतियान की डिजिटल हस्ताक्षरित कॉपी, नक्शे की छपी प्रति, ई-मापी, Certified Copy और EC पर पोर्टल पर बताई गई फ़ीस लगती है।
- क्या ऑनलाइन रिकॉर्ड देखकर पटना में ज़मीन ख़रीदना सुरक्षित है?
नहीं, अकेले इतना काफ़ी नहीं। ऑनलाइन रिकॉर्ड में वही दिखता है जो दर्ज हुआ है। केवालों की चेन, वंशावली, ज़मीन पर कब्ज़ा, नापी, रास्ता, सिविल कोर्ट के मुक़दमे और मास्टर प्लान ज़ोन भी जाँचना ज़रूरी है।
यह लेख 15 अक्टूबर 2026 तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार के पोर्टलों पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। पोर्टल और नियम बदल सकते हैं — कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अंचल कार्यालय या निबंधन कार्यालय से पुष्टि करें।