पटना या बिहार में कहीं भी ज़मीन, मकान या फ़्लैट की केवाला (सेल डीड) के लिए। 18 जून 2026 से लागू रेट इस्तेमाल होते हैं।
ख़र्च देखने के लिए सौदे की क़ीमत डालिए।
इसमें शामिल नहीं: कातिब (डीड राइटर) या वकील की फ़ीस, जो आपस में तय होती है। रजिस्ट्री के दिन से पहले लिखित में पूछ लीजिए।
संयुक्त नाम (जैसे पति-पत्नी) में ख़रीद रहे हैं? नोटिफ़िकेशन में सिर्फ़ "पुरुष से महिला" और "बाक़ी मामले" लिखे हैं। कौन सा रेट लगेगा, रजिस्ट्री ऑफ़िस से पूछिए और लिखित में लीजिए।
| बेचने वाला → ख़रीदार | स्टांप ड्यूटी | निबंधन शुल्क | कुल |
|---|---|---|---|
| पुरुष → महिला | 6.6% | 1.9% | 8.5% |
| महिला → पुरुष | 7% | 2.1% | 9.1% |
| बाक़ी सभी मामले | 7% | 2% | 9% |
स्कैनिंग फ़ीस: 1–10 पेज ₹250, 11–20 पेज ₹500, 20 से ज़्यादा पेज ₹1,000।
स्रोत: स्टांप ड्यूटी के लिए बिहार गज़ट नोटिफ़िकेशन सं. 636 (18 जून 2026), और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार सरकार की स्टांप ड्यूटी व फ़ीस तालिका। 18 अक्टूबर 2026 तक निबंधन शुल्क बदलने का कोई नोटिफ़िकेशन नहीं मिला।
18 जून 2026 से बिहार में केवाला पर 7% स्टांप ड्यूटी + 2% निबंधन शुल्क = 9% लगता है। पुरुष से महिला को बिक्री पर 6.6% + 1.9% = 8.5%, और महिला से पुरुष को 7% + 2.1% = 9.1%।
जो ज़्यादा हो उस पर। अगर प्रॉपर्टी की MVR वैल्यू डीड की क़ीमत से ज़्यादा है, तो स्टांप ड्यूटी और फ़ीस MVR वैल्यू पर लगेगी।
अगर MVR वैल्यू ₹40 लाख से कम है, तो पुरुष से पुरुष को बिक्री पर ₹2,80,000 स्टांप ड्यूटी + ₹80,000 फ़ीस = ₹3,60,000, ऊपर से स्कैनिंग फ़ीस। पुरुष से महिला को ₹3,40,000।
हाँ, पर सिर्फ़ तब जब पुरुष महिला को बेचे: 7% और 2% की जगह 6.6% स्टांप ड्यूटी और 1.9% फ़ीस। ₹40 लाख के सौदे पर लगभग ₹20,000 बचते हैं।
राजस्व विभाग के FAQ के मुताबिक़ कोई फ़ीस नहीं है। 2026 के संशोधन में हर आवेदन पर ₹200 जोड़ा गया है, पर वो सरकार की बताई तारीख़ से लागू होगा; 18 अक्टूबर 2026 तक ऐसा कोई नोटिफ़िकेशन नहीं मिला।
खतियान, जमाबंदी या डीड का ड्राफ़्ट WhatsApp पर भेजिए। पहली सलाह मुफ़्त है।