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Bihar Khatiyan Kya Hai, Kaise Nikale: खतियान PDF, मतलब और प्रकार (2026)

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सीधा जवाब

बिहार का खतियान भू-अभिलेख पोर्टल (bhuabhilekh.bihar.gov.in) पर ऑनलाइन मिलता है।

  • मोबाइल नंबर से Public Login कीजिए। दस्तावेज़ का प्रकार, ज़िला पटना, अंचल, मौज़ा और खाता/खेसरा भरकर Search कीजिए।
  • View से स्कैन कॉपी दिखेगी। Apply for Download Copy से फ़ीस भरकर डिजिटल हस्ताक्षर वाली PDF मिलेगी।

पर निकालना आसान हिस्सा है। उसे पढ़ना और आज की जमाबंदी से मिलाना ही असली बचाव है।

📑 7 हिस्सों में सीधे जाएँ
  1. खतियान ऑनलाइन कैसे निकालें
  2. खतियान का मतलब
  3. प्रकार: CS, RS, चकबंदी
  4. ज़मीन की किस्म: रैयती, बकाश्त
  5. खतियान और जमाबंदी में फ़र्क
  6. ख़रीदने से पहले क्या मिलाएँ
  7. सवाल-जवाब

Bihar Khatiyan Kaise Nikale: ऑनलाइन PDF निकालने का तरीका (स्टेप-बाय-स्टेप)

यह तरीका विभाग की आधिकारिक पुस्तिका "बिहारभूमि: ऑनलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी" के अनुसार है:

  1. biharbhumi.bihar.gov.in खोलें और भू-अभिलेख पर क्लिक करें, या सीधे bhuabhilekh.bihar.gov.in खोलें।
  2. Public Login चुनें और मोबाइल नंबर/OTP से लॉगिन करें (पहली बार हैं तो पहले रजिस्टर करें)।
  3. दस्तावेज़ का प्रकार चुनें, जैसे "कैडस्ट्रल सर्वे खतियान", "रिविज़नल सर्वे खतियान" या "चकबंदी खतियान"।
  4. जो लागू हो वह भरें: ज़िला (पटना), अंचल, मौज़ा, खाता, खेसरा, रैयत का नाम, वाद संख्या, साल। फिर Search दबाएँ।
  5. किसी अभिलेख के सामने View दबाकर स्कैन कॉपी देखें।
  6. डिजिटल हस्ताक्षर वाली कॉपी चाहिए तो Apply for Download Copy दबाएँ और ज़रूरी पृष्ठ लिखें। फ़ीस दिखेगी।
  7. Send Application दबाएँ, जानकारी जाँचें, फिर Make Payment से भुगतान करें।
  8. प्राप्ति रसीद सँभालकर रखें। स्थिति प्रोफ़ाइल मेन्यू के Track Application में दिखेगी।

फ़ीस कितनी है? फ़ीस चुने गए पृष्ठों पर निर्भर है और भुगतान से पहले पोर्टल पर दिखती है। इंटरनेट पर लिखे "₹10-20 प्रति पेज" जैसे आँकड़े हमें किसी आधिकारिक स्रोत में नहीं मिले। पोर्टल की राशि ही मानें। पोर्टल का रूप बदलता रहता है, पर क्रम यही रहता है (15 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया)।

Khatiyan Kya Hota Hai? (खतियान का मतलब)

राजस्व विभाग की शब्दावली के अनुसार, खतियान सर्वे के बाद बना अधिकार अभिलेख (Record of Rights) है। इसमें रैयत का नाम, अधिकार, खाता, खेसरा, रकबा, किस्म, लगान और कब्ज़ा दर्ज होता है। यह मूल स्वामित्व का सबसे प्रमुख सबूत है। सीधी भाषा में, खतियान ज़मीन की "जड़" है। बाद की हर बिक्री, बँटवारा और उत्तराधिकार जमाबंदी (रजिस्टर-II) में चढ़ता है।

खतियान में क्या लिखा होता हैइसका मतलब
रैयत का नामसर्वे के समय ज़मीन किसके नाम दर्ज हुई
खातारैयत का "खाता नंबर", जिसमें उसकी सारी ज़मीन दिखती है (बैंक पासबुक के खाता नंबर जैसा)
खेसरासर्वे में हर प्लॉट का नंबर, जो उस राजस्व गाँव (मौज़ा) में अलग (यूनिक) होता है
रकबाज़मीन का क्षेत्रफल
किस्मज़मीन किस प्रकार की है (जैसे रैयती, बकाश्त, गैरमजरूआ)
लगानउस ज़मीन पर तय सरकारी लगान
अधिकार और कब्ज़ारैयत का अधिकार किस तरह का है और कब्ज़ा किसका है

इसलिए किसी भी प्लॉट के लिए पहले बेचने वाले से मौज़ा, खाता और खेसरा माँगें। खाता, खेसरा और कॉलोनी प्लॉट नंबर का फ़र्क: यहाँ समझें।

खतियान के प्रकार: CS, RS और चकबंदी खतियान

खतियानकब बनाख़रीदार के लिए क्या मायने
CS (कैडस्ट्रल सर्वे) खतियानअंग्रेज़ों के समय, बिहार काश्तकारी अधिनियम 1885 के तहत हुए पहले भू-सर्वे में (बिहार में लगभग 1898 से 1920 के बीच)पहला अधिकार अभिलेख। ज़्यादातर ज़िलों में आज भी इसे आधार (बेस) रिकॉर्ड माना जाता है।
RS (रिविज़नल सर्वे) खतियानआज़ादी के बाद, कई ज़िलों में 1952 से हुए दूसरे सर्वे मेंCS का अपडेट किया हुआ रूप, कानूनी रूप से अहम। पर यह सर्वे बिहार के सभी ज़िलों में नहीं हुआ।
चकबंदी खतियानजिन गाँवों में चकबंदी (ज़मीन के टुकड़े मिलाकर चक बनाना) हुईचकबंदी के बाद खेसरा और रकबा बदल सकते हैं। ऐसे गाँव में पुराने और चकबंदी, दोनों खतियान देखें।
विशेष सर्वेक्षण का अधिकार अभिलेखअभी चल रहे बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त में, गाँव-दर-गाँवजहाँ अंतिम प्रकाशन हो चुका है, वहाँ यही नया खतियान बनेगा। हर रैयत को इसकी "रैयती फर्द" लेनी चाहिए।

पटना में कौन सा खतियान देखें? पोर्टल पर अपने मौज़े के जो-जो खतियान मिलें, सब देखें; हर मौज़े का हर प्रकार हो, यह ज़रूरी नहीं। RS खतियान हो तो CS से मिलाएँ कि खेसरा और रकबा कैसे बदले।

खतियान में ज़मीन की किस्म: रैयती, बकाश्त, गैरमजरूआ का मतलब

खतियान में लिखी "किस्म" बहुत कुछ बताती है। विभाग की शब्दावली के अनुसार:

किस्ममतलबख़रीदार ध्यान दें
रैयतीरैयत (काश्तकार) के अधिकार वाली निजी ज़मीनसामान्य ख़रीद-बिक्री वाली ज़मीन यही होती है। फिर भी आज की जमाबंदी ज़रूर मिलाएँ।
बकाश्तज़मींदारी ख़त्म होने (भूमि सुधार अधिनियम, 1950) के समय ज़मींदार की अपनी खेती वाली ज़मीनदेखें कि बाद में यह किसके नाम जमाबंदी में चढ़ी और कैसे।
गैरमजरूआ आमगाँव या समाज के सामूहिक उपयोग की ज़मीन: चरागाह, तालाब, सड़क, कब्रिस्तान, मैदान, नदी-नालाइस पर किसी व्यक्ति का निजी स्वामित्व नहीं होता। ऐसी ज़मीन न ख़रीदें।
गैरमजरूआ खास/मालिकज़मींदार के कब्ज़े वाली वह ज़मीन जो रैयत की तरह दर्ज नहीं थीभूमि सुधार अधिनियम 1950 के बाद यह राज्य सरकार में निहित हो गई। बिना अंचल से पक्की जाँच के पैसा न लगाएँ।

एक उदाहरण: दानापुर अंचल में बेचने वाले ने अपने नाम की जमाबंदी दिखाई। पर खतियान में उस खेसरा की किस्म "गैरमजरूआ" निकली। यहीं रुकना चाहिए। पटना के बाहरी इलाकों में खेत काटकर प्लॉट बिकते हैं, इसलिए किस्म ख़ुद पढ़ें, बिचौलिये से नहीं।

खतियान और जमाबंदी में क्या फ़र्क है?

खतियानजमाबंदी (रजिस्टर-II)
क्या बताता हैसर्वे के समय ज़मीन किसके नाम दर्ज हुईआज ज़मीन किसके नाम दर्ज है, लगान कितना और कब तक भरा
बदलता है?नहीं, नए सर्वे में ही नया बनता हैहाँ, हर दाखिल-खारिज के बाद इसमें प्रविष्टि जुड़ती या सुधरती है
कहाँ मिलेगाभू-अभिलेख पोर्टल (लॉगिन के साथ)बिहार भूमि पर "जमाबंदी पंजी देखें" (बिना लॉगिन)

दोनों के बीच की कड़ी केवाले, बँटवारे और दाखिल-खारिज हैं। जमाबंदी और LPC देखने का तरीका: पटना में जमाबंदी, खतियान, LPC ऑनलाइन कैसे देखें।

खतियान दादा-परदादा के नाम पर है? खतियान के रैयत से आज के सभी वारिसों तक वंशावली बनवाएँ। देखें कि जमाबंदी में वारिसों के नाम चढ़े हैं या नहीं। नहीं चढ़े, तो उत्तराधिकार या बँटवारे के आधार पर दाखिल-खारिज का आवेदन करें। ऐसी ज़मीन ख़रीद रहे हैं, तो सभी हिस्सेदार केवाले पर दस्तख़त करें या पंजीकृत दस्तावेज़ से हिस्सा छोड़ चुके हों। बेचने वाले की जमाबंदी ऑनलाइन भी होनी चाहिए। विस्तार से: पुश्तैनी ज़मीन का बँटवारा।

पटना में प्लॉट ख़रीदने से पहले खतियान से क्या मिलाएँ?

जाँचकहाँ देखेंख़तरे का संकेत
ज़मीन की किस्मखतियानगैरमजरूआ आम या खास/मालिक लिखा है
खेसरा और रकबाखतियान + जमाबंदीबेचा जा रहा रकबा खतियान/जमाबंदी के रकबे से मेल नहीं खाता
रैयत से बेचने वाले तक कड़ीखतियान + केवाले + वंशावलीबीच का कोई केवाला या वारिस ग़ायब
आज का नामजमाबंदी पंजीविक्रेता के नाम जमाबंदी नहीं है
नक्शे पर जगहभू-नक्शा / राजस्व मानचित्रदिखाया गया प्लॉट नक्शे के खेसरा से मेल नहीं खाता
बंधकबंधक भूमि देखेंज़मीन पर बैंक का बंधक दर्ज

रिकॉर्ड में रकबा एकड़-डिसमिल में होता है, सौदा कट्ठा-धुर में (1 कट्ठा = 20 धुर): कट्ठा कन्वर्टर। ज़मीन के बाक़ी सरकारी रिकॉर्ड एक जगह: Bihar Land Record Online Kaise Dekhe।

आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)

  • टोकन देने से पहले बेचने वाले से मौज़ा, खाता और खेसरा लेकर ख़ुद खतियान और जमाबंदी दोनों देखें।
  • किस्म ज़रूर पढ़ें। गैरमजरूआ लिखा हो तो आगे बढ़ने से पहले अंचल कार्यालय से स्थिति पक्की करें।
  • कोर्ट, बैंक या सर्वे के लिए स्कैन का स्क्रीनशॉट नहीं, डिजिटल हस्ताक्षर वाली कॉपी लें।
  • पुराने खतियान से आज के बेचने वाले तक की पूरी कड़ी (केवाले, वंशावली, दाखिल-खारिज) जोड़कर देखें। यही सबसे ज़्यादा टूटती है।
  • मास्टर प्लान का ज़ोन भी देखें: पटना मास्टर प्लान 2031 आसान भाषा में।

खतियान से जुड़े सवाल-जवाब

  1. खतियान ऑनलाइन नहीं मिल रहा तो क्या करें?

    पोर्टल की अस्वीकरण सूचना के अनुसार स्कैन की गई छवि ही मान्य है। खोज वाली जानकारी टाइप की गई है, इसलिए उसमें ग़लती हो सकती है। खाता, खेसरा और नाम से अलग-अलग खोजें, स्पेलिंग बदलकर देखें। फिर भी न मिले तो अंचल कार्यालय से पूछें कि उस मौज़े का रिकॉर्ड कहाँ मिलेगा।

  2. कैथी में लिखा पुराना खतियान कैसे पढ़ें?

    सौ साल से पुराने खतियान अक्सर कैथी लिपि में होते हैं। बिहार भूमि पर नागरिक लॉगिन से "कैथी दस्तावेज़ अनुवाद सेवा" मिलती है। मुख्य पेज पर कैथी लिपि पाठ्य पुस्तिका (PDF) मुफ़्त है। सौदे से पहले किसी जानकार से पढ़वाकर पुष्टि करें।

  3. ज़मीन बिकने पर खाता नंबर बदलता है?

    नहीं। शब्दावली के अनुसार बिक्री या उत्तराधिकार में वही खाता नंबर ज़मीन के साथ नए वारिस या ख़रीदार के पास जाता है। बदलती है जमाबंदी, दाखिल-खारिज के बाद।

  4. बिहार विशेष सर्वे में खतियान की ज़रूरत है?

    स्व-घोषणा (प्रपत्र-2) के साथ खतियान की नक़ल (अगर हो), जमाबंदी संख्या या लगान रसीद और बाक़ी कागज़ लगते हैं। वंशावली भी देनी है (प्रपत्र 3(1); नगर निकाय क्षेत्र में जून 2026 से प्रपत्र 3(1)(A))। फिर खानापुरी पर्चा और प्रारूप अभिलेख जाँचें, ग़लती पर आपत्ति दें और अंत में "रैयती फर्द" लें। गाँव का चरण: dlrs.bihar.gov.in। पूरा तरीका: बिहार भूमि सर्वे 2026।

अगला कदम Bhu Naksha Bihar Download: पटना में ज़मीन का नक्शा कैसे देखें (2026) खतियान का खेसरा नक्शे पर किस प्लॉट का है, मिलाइए। आगे पढ़िए →
भू-अभिलेख पोर्टल पर और क्या मिलता है?

विभाग की पुस्तिका के अनुसार पोर्टल पर 28 तरह के अभिलेख हैं। पटना के ख़रीदार के काम के मुख्य अभिलेख:

  • कैडस्ट्रल सर्वे, रिविज़नल सर्वे और चकबंदी खतियान
  • राजस्व ग्राम मानचित्र (गाँव का नक्शा)
  • जमाबंदी पंजी (डिजिटाइज़्ड)
  • नामांतरण (दाखिल-खारिज) पंजी और अभिलेख
  • भूमि मापी पंजी और अभिलेख
  • गैरमजरूआ आम/खास/कैसरे हिन्द भूमि पंजी
  • भू-हदबंदी (सीलिंग) और भू-दान से जुड़ी पंजी

गाँव का नक्शा भू-नक्शा पोर्टल पर भी है, और विभाग राजस्व मानचित्र की घर तक डिलीवरी भी देता है।

स्रोत (Sources)
  • "बिहारभूमि: ऑनलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी" पुस्तिका, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग — पृष्ठ 14 (भू-अभिलेख पोर्टल पर डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति लेने का तरीका, बिहार अभिलेख मैनुअल 1960 का नियम-297(क)), पृष्ठ 15 (पोर्टल पर मिलने वाले 28 अभिलेख), पृष्ठ 32 (विशेष सर्वेक्षण सेवाएँ) — PDF
  • "राजस्व शब्दावली" (Bihar Revenue Glossary) — CS/RS खतियान, खतियान, खाता, खेसरा, फर्द, बकाश्त, गैरमजरूआ की परिभाषाएँ — PDF
  • "FAQ of Bihar Special Survey" — प्रश्न 3 (कैडस्ट्रल सर्वे लगभग 1898–1920, बिहार काश्तकारी अधिनियम 1885), प्रश्न 4 (रैयतों के कर्तव्य, प्रपत्र 2 और 3(1), रैयती फर्द) — PDF
  • भू-अभिलेख पोर्टल की अस्वीकरण सूचना (स्कैन छवि मान्य, data entry सिर्फ़ खोज के लिए) — bhuabhilekh.bihar.gov.in
  • सभी पोर्टल और PDF 15.10.2026 को जाँचे गए।

यह जानकारी सरकारी स्रोतों से 28 अक्टूबर 2026 को जाँची गई है। नियम बदलते रहते हैं, पैसा देने से पहले रजिस्ट्री या अंचल ऑफ़िस से पक्का कर लें।

प्रेम प्रकाश यादव

भारतीय वायुसेना में 36+ साल की सेवा, और साथ-साथ पटना की ज़मीन का 20+ साल का अनुभव।

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