पटना में दाखिल-खारिज ऑनलाइन कैसे करें: कागज़, समय, स्टेटस
सीधा जवाब: बिहार में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) का आवेदन सिर्फ़ ऑनलाइन होता है — biharbhumi.bihar.gov.in पर "ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन करें" से। इसकी कोई सरकारी फ़ीस नहीं है। ज़मीन का अधिकार मिलने (जैसे रजिस्ट्री) के 90 दिन के भीतर आवेदन करना चाहिए। बिना आपत्ति वाले मामले 35 कार्य दिवस में और आपत्ति वाले 75 कार्य दिवस में निपटाने का नियम है।
पटना में बहुत से लोग रजिस्ट्री करवाकर मान लेते हैं कि ज़मीन अब उनकी हो गई। पर जब तक दाखिल-खारिज नहीं होता, सरकारी जमाबंदी में ज़मीन पुराने मालिक के नाम ही रहती है — लगान रसीद उन्हीं के नाम कटती है, और आगे बेचने या लोन लेने में दिक्कत आती है। यह गाइड रजिस्ट्री के बाद का यही ज़रूरी काम स्टेप-बाय-स्टेप समझाती है।
दाखिल-खारिज क्या है और रजिस्ट्री के बाद क्यों ज़रूरी है?
दाखिल-खारिज वह क़ानूनी प्रक्रिया है जिससे सरकारी रिकॉर्ड (जमाबंदी पंजी) में ज़मीन का मालिक बदला जाता है: ख़रीदार का नाम "दाखिल" होता है और विक्रेता का रकबा "खारिज" होता है। राजस्व विभाग के शब्दों में, सिर्फ़ ख़रीद-बिक्री से राजस्व अभिलेख में स्वामित्व नहीं बदलता; इसके लिए दाखिल-खारिज ज़रूरी है।
यह बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 और बिहार भूमि दाखिल-खारिज नियमावली, 2012 के तहत अंचल अधिकारी (CO) करते हैं। पटना ज़िले में यह काम आपकी ज़मीन वाले अंचल कार्यालय का है — जैसे दानापुर, फुलवारी, संपतचक, पुनपुन, बिहटा या नौबतपुर।
दाखिल-खारिज के लिए कौन-से कागज़ चाहिए?
| ज़मीन कैसे मिली | ज़रूरी कागज़ |
|---|---|
| ख़रीद (केवाला), दान, अदला-बदली | निबंधित दस्तावेज़ / केवाला |
| विरासत (बिना वसीयत) | मृत्यु प्रमाण पत्र और वंशावली |
| वसीयत | प्रोबेट आदेश के साथ वसीयत |
| बँटवारा | कोर्ट का बँटवारा आदेश, या निबंधित बँटवारा दस्तावेज़, या सभी हिस्सेदारों के हस्ताक्षर वाला आपसी/पंचायती बँटवारा — साथ में सभी हिस्सेदारों की लिखित सहमति |
| कोर्ट का आदेश/डिक्री | सक्षम न्यायालय के आदेश की प्रति |
| सरकारी बंदोबस्ती/पर्चा, भूदान, वासगीत आदि | पर्चा की प्रति |
अगर विक्रेता ख़ुद जमाबंदी रैयत नहीं है (जैसे ज़मीन दादा के नाम है और पोते ने बेची), तो ऊपर के कागज़ों के अलावा वंशावली, जमाबंदी रैयत से विक्रेता का रिश्ता दिखाने वाला सबूत और बाकी हिस्सेदारों का सहमति पत्र भी लगाना ज़रूरी है। अपलोड करने वाली हर फ़ाइल 2 MB से छोटी रखें।
आवेदन से पहले यह जाँच ज़रूर करें (सबसे ज़्यादा आवेदन यहीं अटकते हैं)
दाखिल-खारिज ऑनलाइन तभी हो सकता है जब:
- विक्रेता (या पुराने जमाबंदी रैयत) की जमाबंदी ऑनलाइन हो, और
- उस जमाबंदी में वही खाता, खेसरा और पर्याप्त रकबा दर्ज हो जो आपके केवाले में है।
अगर ऐसा नहीं है, तो पहले विक्रेता/पुराने रैयत को परिमार्जन प्लस से जमाबंदी ऑनलाइन करानी या सुधारनी होगी, उसके बाद आप आवेदन कर पाएँगे। इसीलिए विभाग की सलाह है: ज़मीन हमेशा जमाबंदी रैयत से ख़रीदें, और ख़रीदने से पहले ऑनलाइन जमाबंदी जाँच लें। कैसे जाँचें — हमारी जमाबंदी, खतियान और LPC ऑनलाइन गाइड देखें।
मिलजुमला रकबा: अगर केवाले में कई खेसरों का रकबा एक साथ (मिलजुमला) लिखा है, तो उसका दाखिल-खारिज नहीं हो सकता। विभाग के अनुसार अब ऐसे दस्तावेज़ की रजिस्ट्री पर रोक है। पुराने ऐसे केवाले हों तो ई-मापी पोर्टल से अंचल अमीन से नापी करवाकर हर खेसरा का अलग रकबा तय करवाइए, फिर आवेदन कीजिए।
पटना में दाखिल-खारिज ऑनलाइन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)
- biharbhumi.bihar.gov.in खोलें और "ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन करें" पर क्लिक करें।
- अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। नए यूज़र हैं तो पहले रजिस्ट्रेशन करें।
- ज़िला पटना और अपना अंचल चुनकर "नया दाखिल-खारिज आवेदन करें" दबाएँ।
- हर सेक्शन भरकर Save & Next करें:
- आवेदक का विवरण
- दस्तावेज़ का विवरण — दाखिल-खारिज का प्रकार (ख़रीद, विरासत, बँटवारा, वसीयत, कोर्ट आदेश आदि), डीड नंबर, तारीख़
- ख़रीदार/वंशज/हिस्सेदार — जिसके नाम नई जमाबंदी खुलेगी (एक से ज़्यादा हों तो "add more")
- विक्रेता/पूर्व जमाबंदी रैयत — जिसकी जमाबंदी से रकबा घटेगा
- ज़मीन — हल्का, मौज़ा, थाना नंबर, खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी (दूसरे मौज़े की ज़मीन के लिए अलग आवेदन)
- सभी सबूत स्कैन करके अपलोड
- ख़रीदार के मोबाइल पर आए OTP से सत्यापन करें, preview जाँचें और Final Submit दबाएँ।
- पावती डाउनलोड करें — इसमें टोकन नंबर होता है। इसे सँभालकर रखें।
किसके लॉगिन से आवेदन करें? आप ख़ुद, या किसी सेवा केंद्र/तीसरे व्यक्ति से भी आवेदन करा सकते हैं। पर विभाग की सबसे बड़ी सलाह है: आवेदन अपने ही लॉगिन से करें, ताकि अंचल से कोई कमी बताई जाए या सुनवाई हो, तो आपको पता चले और आप जवाब दे सकें। बाहर रहने वाले ख़रीदारों के लिए यह और भी ज़रूरी है।
रजिस्ट्री के साथ दाखिल-खारिज: बिहार भूमि पोर्टल पर "निबंधन के साथ दाखिल-खारिज का प्रपत्र" (Suo-Moto फ़ॉर्म) भी है, जो अवर निबंधक के ज़रिए अंचल अधिकारी को भेजा जाता है। रजिस्ट्री के दिन अवर निबंधन कार्यालय में पूछें कि यह फ़ॉर्म जमा हो रहा है या नहीं — और फिर भी पोर्टल पर स्थिति ख़ुद देखते रहें।
आवेदन के बाद अंचल कार्यालय में क्या होता है?
| चरण | कौन | क्या होता है |
|---|---|---|
| 1. संवीक्षा (Scrutiny) | अंचल अधिकारी / राजस्व कर्मचारी | आवेदन सही है तो दाखिल-खारिज वाद संख्या मिलती है; कमी है तो कारण सहित आपके लॉगिन में वापस |
| 2. भौतिक सत्यापन | राजस्व कर्मचारी | हर खेसरा की जाँच रिपोर्ट |
| 3. मंतव्य | राजस्व अधिकारी | कर्मचारी की रिपोर्ट जाँचकर राय |
| 4. आम और ख़ास सूचना | अंचल अधिकारी | नोटिस जारी; 14 दिन आपत्ति का इंतज़ार |
| 5. सुनवाई (अगर आपत्ति आई) | अंचल अधिकारी | सभी पक्षों को सुनकर आदेश |
| 6. आदेश और शुद्धि पत्र | अंचल अधिकारी | स्वीकृति के बाद शुद्धि पत्र; रकबा अपने-आप पुराने रैयत से हटकर आपके नाम की जमाबंदी में चला जाता है |
दाखिल-खारिज में कितना समय लगता है?
| स्थिति | निपटारे की समय-सीमा (आवेदन मिलने से) |
|---|---|
| कोई आपत्ति नहीं आई | 35 कार्य दिवस |
| आपत्ति आई (सुनवाई के बाद) | 75 कार्य दिवस |
ये सरकारी समय-सीमाएँ हैं। अगर आवेदन कमी के कारण लौटता है, तो सुधार में लगा समय अलग से जुड़ जाता है — इसलिए पहली बार में ही सारे कागज़ सही लगाएँ।
दाखिल-खारिज का स्टेटस कैसे देखें?
- टोकन नंबर से (वाद संख्या मिलने से पहले): बिहार भूमि पर "दाखिल ख़ारिज त्रुटि जांच" / Mutation Defect Check Status से।
- अंचल ने आवेदन लौटाया है? "दाखिल ख़ारिज आवेदन स्थिति देखें (अंचलाधिकारी द्वारा वापस किया गया)" से कारण देखें, और अपने लॉगिन में "Application Scrutiny Status" से सुधार करके या कागज़ जोड़कर दोबारा जमा करें।
- वाद संख्या से: "दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति देखें" में ज़िला, अंचल, वाद संख्या और वित्तीय वर्ष डालकर Search करें।
- अंचल अधिकारी के कोर्ट की कॉज़ लिस्ट भी पोर्टल पर देखी जा सकती है।
अंचल कोई अतिरिक्त सबूत माँगे, तो वह भी उसी लॉगिन से जमा होता है जिससे आवेदन किया था।
90 दिन निकल गए तो?
आवेदन फिर भी हो सकता है, पर साथ में विलंब माफ़ी याचिका लगानी होगी। अंचल अधिकारी उसकी योग्यता देखकर फ़ैसला करेंगे। देर जितनी कम हो, उतना अच्छा।
कोई आपकी ज़मीन का ग़लत दाखिल-खारिज करा रहा हो तो?
मान लीजिए आपके भाई ने बिना बँटवारे के पुश्तैनी ज़मीन बेच दी और ख़रीदार ने दाखिल-खारिज का आवेदन किया है। आप:
- बिहार भूमि पर लॉगिन करके "दाखिल-खारिज वाद पर आपत्ति दर्ज करें" से वाद खोजें, अपनी आपत्ति लिखें, कागज़ अपलोड करें और सबमिट करें। सुनवाई की तारीख़ SMS और नोटिस से मिलेगी।
- आपत्ति सही पाई गई तो अंचल अधिकारी स्वामित्व नहीं बदलेंगे।
- पहले से सावधान रहने के लिए अपने खेसरों पर SMS अलर्ट चालू करें। विभाग के अनुसार किसी भी जमाबंदी को दाखिल-खारिज से "लॉक" करने का प्रावधान नहीं है, पर अलर्ट से आपको निपटारे से कम से कम 15 दिन पहले पता चल सकता है।
दाखिल-खारिज रिजेक्ट हो गया तो अपील कहाँ करें?
| स्तर | कहाँ | समय |
|---|---|---|
| अपील | भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) | आदेश के 30 दिन के भीतर (देर हो तो विलंब माफ़ी याचिका के साथ) |
| पुनरीक्षण | समाहर्ता / अपर समाहर्ता | DCLR के आदेश के बाद |
| उसके बाद | बिहार भूमि न्यायाधिकरण या सिविल कोर्ट | — |
दाखिल-खारिज वाद की सत्यापित प्रति निष्पादन के बाद भू-अभिलेख पोर्टल से ली जा सकती है।
- "दाखिल-खारिज से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)", राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार — प्रश्न 1–32 (क़ानून, कागज़, 90 दिन, 35/75 कार्य दिवस, निःशुल्क, प्रक्रिया, आपत्ति, अपील) — biharbhumi.bihar.gov.in → User Manual, Process and FAQ
- बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 और बिहार भूमि दाखिल-खारिज नियमावली, 2012
- "Online Mutation आवेदन जमा करने की प्रक्रिया" (2 MB फ़ाइल सीमा, एक आवेदन में एक मौज़ा) — वही पेज, क्रम 1
- "निबंधन के साथ दाखिल ख़ारिज का प्रपत्र" (Suo-Moto फ़ॉर्म) — बिहार भूमि होम पेज
- नागरिक सुविधाओं की जानकारी: SMS अलर्ट, दाखिल-खारिज पर आपत्ति — CitizenInfo
- सभी पेज 14.10.2026 को जाँचे गए।
आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)
- सौदे से पहले: विक्रेता की जमाबंदी ऑनलाइन है, खेसरा और रकबा पूरा है, मिलजुमला नहीं है — यह जाँच लें। इससे रजिस्ट्री के बाद आवेदन अटकने का ख़तरा बहुत घट जाता है।
- रजिस्ट्री के तुरंत बाद: उसी हफ़्ते अपने लॉगिन से आवेदन करें; 90 दिन का इंतज़ार न करें।
- दाखिल-खारिज के बाद: अपनी नई जमाबंदी ऑनलाइन देखें, नाम-रकबा मिलाएँ, लगान अपने नाम से भरें और SMS अलर्ट चालू करें।
- कोई "जल्दी करवा दूँगा" के नाम पर पैसे माँगे तो याद रखें — सरकारी फ़ीस शून्य है।
- प्लॉट की पूरी जाँच-सूची हमारी पटना में प्लॉट ख़रीदने की पूरी गाइड में है, और ज़मीन का ज़ोन जानने के लिए पटना मास्टर प्लान 2031 देखें।
पटना में दाखिल-खारिज से जुड़े सवाल-जवाब
- दाखिल-खारिज ऑनलाइन कैसे करें बिहार में?
biharbhumi.bihar.gov.in पर "ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन करें" खोलें, मोबाइल नंबर से लॉगिन करें, ज़िला-अंचल चुनकर नया आवेदन भरें, कागज़ अपलोड करें, ख़रीदार के OTP से सत्यापन करके Final Submit करें। पावती में टोकन नंबर मिलेगा।
- दाखिल-खारिज में कितना समय लगता है?
नियम के अनुसार बिना आपत्ति वाले मामले आवेदन मिलने के 35 कार्य दिवस में और आपत्ति वाले मामले 75 कार्य दिवस में निपटाए जाने चाहिए।
- दाखिल-खारिज की फ़ीस कितनी है?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार दाखिल-खारिज पूरी तरह निःशुल्क है।
- रजिस्ट्री के कितने दिन के अंदर दाखिल-खारिज करना चाहिए?
अधिकार मिलने के 90 दिन के भीतर। उसके बाद आवेदन के साथ विलंब माफ़ी याचिका लगानी होती है, जिस पर अंचल अधिकारी फ़ैसला करते हैं।
- दाखिल-खारिज का स्टेटस कैसे चेक करें?
टोकन नंबर से "Mutation Defect Check Status" में, और वाद संख्या मिलने के बाद "दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति देखें" में ज़िला, अंचल, वाद संख्या और वित्तीय वर्ष डालकर।
- विक्रेता की जमाबंदी ऑनलाइन नहीं है, अब दाखिल-खारिज कैसे होगा?
पहले विक्रेता या पुराने जमाबंदी रैयत को परिमार्जन प्लस पोर्टल से अपनी जमाबंदी ऑनलाइन करानी या सुधारनी होगी। उसके बाद ही आपका आवेदन हो पाएगा।
- दाखिल-खारिज रिजेक्ट हो गया तो क्या करें?
आदेश के 30 दिन के भीतर भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) के पास अपील करें। उसके बाद समाहर्ता/अपर समाहर्ता के यहाँ पुनरीक्षण, और फिर बिहार भूमि न्यायाधिकरण या सिविल कोर्ट का रास्ता है।
यह लेख 14 अक्टूबर 2026 तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। पोर्टल और नियम बदल सकते हैं — कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अंचल कार्यालय से पुष्टि करें।