प्रेम प्रकाश यादव जी 1990 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए और टेक्निकल वारंट ऑफ़िसर के तौर पर 36 साल से ज़्यादा की सेवा का अनुभव रखते हैं। इस काम में हर जाँच पूरी होती है, हर रिकॉर्ड दो बार देखा जाता है, और सिर्फ़ भरोसे पर कुछ भी पास नहीं होता। ज़मीन के कागज़ भी वे इसी तरह देखते हैं।
छपरा में जन्मे और अब अनीसाबाद, पटना में बसे प्रेम जी ने 2005 में अपने परिवार के लिए ज़मीन ढूँढते हुए शुरुआत की। अनगिनत साइट विज़िट, खतियान की खोज और अंचल कार्यालय के चक्करों से उन्होंने सीखा कि बिहार में ज़मीन का सौदा असल में कैसे होता है — और कहाँ गड़बड़ होती है। जल्द ही रिश्तेदार और दोस्त पैसे देने से पहले उनसे ज़मीन जँचवाने लगे। तब से वे 25 से ज़्यादा परिवारों को पटना में बिना विवाद के ज़मीन और घर ख़रीदने में मदद कर चुके हैं।
आज वे एक ही नियम के साथ PP Properties चलाते हैं: हर प्रॉपर्टी आपके लिए ठीक वैसे ही जाँचते हैं, जैसे ख़ुद ख़रीदने से पहले जाँचते। यानी खतियान और वंशावली खँगालना, जमाबंदी और नाम अक्षर-अक्षर मिलाना, अमीन और नक्शे के साथ ज़मीन पर जाकर देखना, और आस-पास के लोगों से चुपचाप वो बातें पूछना जो कागज़ नहीं बताते।
“साफ़-सुथरी, बिना विवाद वाली प्रॉपर्टी ही लें — वेरिफ़िकेशन में जितना गहरा जा सकें, जाएँ।”
“Buy only clean, dispute-free property — and go as deep into verification as you possibly can.”
— प्रेम प्रकाश यादव
वायुसेना के 36 साल आपके प्रॉपर्टी सौदे में क्या जोड़ते हैं
बेंगलुरु, पुणे, अंबाला, दिल्ली, चेन्नई, सिलीगुड़ी और गुवाहाटी में तैनाती — और हर फ़ाइल पर वही आदतें।
जाँच वाली सोच
सालों के टेक्निकल इंस्पेक्शन का मतलब है — कुछ भी मानकर नहीं चलना। हर कागज़, हर सीमा और हर दावा उसके असली स्रोत से मिलाया जाता है।
पूरा इतिहास खँगालना
वे प्रॉपर्टी का पूरा पुराना रिकॉर्ड देखते हैं — खतियान, जमाबंदी, दाखिल-खारिज, पुरानी रजिस्ट्रियाँ और वंशावली — ताकि पक्का हो कि ज़मीन पर कोई विवाद नहीं है। सिर्फ़ वो आख़िरी कागज़ नहीं जो बेचने वाला दिखाता है।
तालमेल
रजिस्ट्री ऑफ़िस, अंचल कार्यालय, DCLR ऑफ़िस, कोर्ट और बैंक — आपके काम के लिए इन सबको साथ लेकर कैसे चलना है, ये वे जानते हैं।
ईमानदार व्यवहार
वर्दी में दशकों तक लोगों से सीधा व्यवहार। साफ़ जवाब, चाहे जवाब यही हो कि “ये वाली मत लीजिए”।