Gift, बँटवारा, रिलीज़ डीड और पावर ऑफ़ अटॉर्नी: बिहार में स्टांप ड्यूटी 2026
सीधा जवाब
बिहार में परिवार का बँटवारा कुल ₹100 में होता है, पर गिफ़्ट पर बिक्री जितना ही खर्च है।
| दस्तावेज़ | स्टांप ड्यूटी + फ़ीस |
|---|---|
| गिफ़्ट | 7% + 2% (पुरुष → महिला 6.6% + 1.9%) |
| पारिवारिक संपत्ति का बँटवारा | ₹50 + ₹50 |
| क़रीबी रिश्तेदार के पक्ष में रिलीज़ डीड | 3% + ₹1,000 |
| परिवार के सदस्य को पावर ऑफ़ अटॉर्नी | ₹1,000 + ₹1,000 |
पर हर दस्तावेज़ में "परिवार" के रिश्ते अलग हैं। कौन गिना जाता है, नीचे देखें।
परिवार के किस दस्तावेज़ पर कितना लगता है
पटना में बहुत-से कागज़ ख़रीद-बिक्री के नहीं, परिवार के भीतर ट्रांसफ़र के होते हैं। निबंधन विभाग की तालिका में ये दरें हैं:
| दस्तावेज़ | स्टांप ड्यूटी | रजिस्ट्री फ़ीस (निबंधन शुल्क) |
|---|---|---|
| दान (गिफ़्ट डीड) | 18 जून 2026 से: पुरुष → महिला 6.6%, बाक़ी सभी मामले 7% | पुरुष → महिला 1.9%, महिला → पुरुष 2.1%, बाक़ी 2% (बिक्री जैसा) |
| पुश्तैनी/पारिवारिक संपत्ति का बँटवारा | ₹50 | ₹50 |
| पुश्तैनी संपत्ति के हिस्से की रिलीज़ डीड (हक़त्याग), क़रीबी रिश्तेदार के द्वारा या पक्ष में (सूची नीचे) | हिस्से की MVR वाली क़ीमत का 3% | ₹1,000 |
| रिलीज़ डीड, बाक़ी मामलों में | "बिक्री (conveyance) जैसा": तालिका में 6% लिखा है, जब बिक्री की दर 6% थी। अभी की दर पक्की करें। | ₹1,000 |
| परिवार के सदस्य के पक्ष में सेटलमेंट डीड | 3% | 2% |
| पावर ऑफ़ अटॉर्नी: परिवार से बाहर के व्यक्ति को, बिहार की संपत्ति बेचने के लिए | MVR वाली क़ीमत पर "बिक्री जैसा": तालिका में 6%। अभी की दर पक्की करें। | ₹10,000 |
| पावर ऑफ़ अटॉर्नी: परिवार के सदस्य को, संपत्ति बेचने के लिए | ₹1,000 | ₹1,000 |
| पावर ऑफ़ अटॉर्नी: कोर्ट केस के लिए, या संपत्ति बेचने के अलावा किसी और काम के लिए | ₹1,000 | ₹1,000 |
जून 2026 के सरकारी नोटिफ़िकेशन ने सिर्फ़ बिक्री और गिफ़्ट की दरें बदलीं। उसमें यह भी लिखा है कि ज़मीन/संपत्ति पर स्टांप ड्यूटी की आम दर अब 7% है। बाक़ी पंक्तियाँ अभी भी विभाग की तालिका से हैं। जहाँ तालिका में "बिक्री जैसा" लिखा है, रजिस्ट्री ऑफ़िस (अवर निबंधन कार्यालय) से पूछें कि अब 7% लगेगा या नहीं।
स्कैनिंग फ़ीस और डीड राइटर का खर्च हर रजिस्ट्री की तरह अलग है। उनके लिए देखें: पटना रजिस्ट्री खर्च।
हिसाब के उदाहरण: पटना के एक परिवार को कितना लगेगा
| मामला | हिसाब | कुल |
|---|---|---|
| पिता ₹40 लाख क़ीमत का प्लॉट बेटी को गिफ़्ट करते हैं (पुरुष → महिला) | 6.6% = ₹2,64,000 + 1.9% = ₹76,000 | ₹3,40,000 |
| पिता वही प्लॉट बेटे को गिफ़्ट करते हैं | 7% = ₹2,80,000 + 2% = ₹80,000 | ₹3,60,000 |
| तीन भाई परिवार के मकान का बँटवारा करते हैं | ₹50 + ₹50, क़ीमत चाहे जितनी हो | ₹100 |
| बहन अपना हिस्सा (MVR क़ीमत ₹10 लाख) भाई के पक्ष में छोड़ती है | 3% = ₹30,000 + ₹1,000 | ₹31,000 |
| पिता पटना का प्लॉट बेचने के लिए बेटे को पावर ऑफ़ अटॉर्नी देते हैं | ₹1,000 + ₹1,000 | ₹2,000 |
वही ₹40 लाख का प्लॉट बेचने के लिए किसी दोस्त या डीलर को POA देना बहुत महँगा है। तालिका के 6% पर ₹2,40,000 + ₹10,000 फ़ीस। 7% लगे तो ₹2,80,000 + ₹10,000। पहले दर पक्की करें।
बँटवारा या रिलीज़ डीड: किसमें कम खर्च?
बँटवारा सस्ता है, रिलीज़ डीड नहीं। पारिवारिक संपत्ति के बँटवारे का कागज़ कुल ₹100 में बनता है। रिलीज़ डीड पर हिस्से की MVR क़ीमत का 3% लगता है, भाई-बहन के बीच भी।
रिलीज़ डीड (हक़ छोड़ने का कागज़) तब बनती है, जब एक हिस्सेदार अपना हिस्सा दूसरे हिस्सेदार के पक्ष में छोड़ दे। इसलिए अगर बहन को ज़मीन मिलनी है, तो बँटवारे में ही उसे अलग टुकड़ा दें। अगर वह ज़मीन नहीं चाहती, तो रजिस्टर्ड रिलीज़ डीड से अपना हिस्सा छोड़ सकती है। यह फ़ैसला उसकी अपनी मर्ज़ी से होना चाहिए।
कौन-सी संपत्ति "पुश्तैनी/पारिवारिक" मानी जाएगी और कौन-सा रिश्ता गिना जाएगा, यह हर मामले में अलग है। दस्तावेज़ बनवाने से पहले किसी जानकार से अपना मामला दिखा लें। बँटवारे का पूरा तरीका: पुश्तैनी ज़मीन का बँटवारा।
परिवार में कौन गिना जाता है? हर दस्तावेज़ में अलग
तालिका हर दस्तावेज़ के लिए "परिवार" अलग से बताती है। ये सूचियाँ एक जैसी नहीं हैं:
- पावर ऑफ़ अटॉर्नी: पिता, माता, पति या पत्नी, बेटा, बेटी, भाई या बहन (आपके माता-पिता की संतान), बहू, और पोता-पोती/नाती-नातिन (बेटे या बेटी की संतान)।
- 3% वाली रिलीज़ डीड: हिस्सा छोड़ने वाले के भाई या बहन (उसके माता-पिता की संतान), पिता या माता, पति/पत्नी, गुज़र चुके बेटे का बेटा या बेटी, या इन रिश्तेदारों के क़ानूनी वारिस।
- 3% वाली सेटलमेंट डीड: पिता, माता, पति, पत्नी, भाई, बहन, बेटा, बेटी, दादा/नाना, दादी/नानी, पोता-पोती/नाती-नातिन, गोद लेने वाले माता-पिता, और गोद लिया बेटा या बेटी।
- गिफ़्ट: कोई परिवार सूची नहीं। अपने बेटे को गिफ़्ट पर भी बिक्री जितना ही लगता है।
यानी भतीजा-भतीजी या भांजा-भांजी पावर ऑफ़ अटॉर्नी की सूची में नहीं हैं। उन्हें संपत्ति बेचने का POA "परिवार से बाहर" वाली पंक्ति में आएगा। कागज़ बनवाने से पहले अपने दस्तावेज़ की सूची देख लें।
गिफ़्ट डीड: बिहार में परिवार के लिए कोई छूट नहीं
बिहार में परिवार के भीतर गिफ़्ट पर भी बिक्री वाली ही दर लगती है। इसके लिए अलग छूट नहीं है। 18 जून 2026 से यह 7% है, और पुरुष से महिला को 6.6%। उससे पहले तालिका में पुरुष → महिला 5.7%, महिला → पुरुष 6.3% और बाक़ी मामलों में 6% था।
रजिस्ट्री फ़ीस भी बिक्री जैसी ही है। पुरुष से महिला को गिफ़्ट पर सबसे कम खर्च है। पर नाम सिर्फ़ स्टांप बचाने के लिए न चुनें। जिसके नाम कागज़ बनेगा, क़ानूनन मालिक वही होगा। विरासत और परिवार की स्थिति पहले सोचें।
पावर ऑफ़ अटॉर्नी: परिवार को ₹1,000, बाक़ी को बिक्री जितना
पावर ऑफ़ अटॉर्नी (POA, मुख़्तारनामा) से कोई आपकी जगह काम करता है। खर्च इस पर टिका है कि किसे और किस काम के लिए दिया गया:
- परिवार के सदस्य को, बेचने के लिए: ₹1,000 स्टांप ड्यूटी + ₹1,000 फ़ीस।
- परिवार से बाहर किसी को, बिहार की संपत्ति बेचने के लिए: MVR वाली क़ीमत पर बिक्री जितनी ड्यूटी + ₹10,000 फ़ीस।
- कोर्ट केस के लिए, या बेचने के अलावा किसी काम के लिए: ₹1,000 + ₹1,000।
POA कैसे बनाएँ, कब ख़त्म होता है, और POA वाले से ख़रीदते समय क्या जाँचें: पावर ऑफ़ अटॉर्नी कैसे बनाएँ।
आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)
- पहले सही दस्तावेज़ चुनें। परिवार की ज़मीन बाँटनी है? बँटवारे का कागज़ (₹100) रिलीज़ डीड (3%) से बहुत सस्ता है।
- अपने दस्तावेज़ की परिवार सूची देखें। जो रिश्तेदार एक कागज़ में गिना जाता है, ज़रूरी नहीं कि दूसरे में भी गिना जाए।
- गिफ़्ट पर छूट की उम्मीद न रखें। बजट 9% रखें (पुरुष → महिला 8.5%), साथ में स्कैनिंग और डीड राइटर।
- "बिक्री जैसा" वाली दर पक्की करें, परिवार से बाहर POA या रिलीज़ डीड से पहले, रजिस्ट्री ऑफ़िस से।
- हर कागज़ रजिस्टर्ड करवाएँ। हमारी राय में ज़मीन के हिस्से के लिए सिर्फ़ नोटरी वाला सहमति पत्र काफ़ी नहीं है।
- कागज़ के बाद दाखिल-खारिज का आवेदन करें, ताकि रिकॉर्ड में नया मालिक दिखे।
गिफ़्ट, बँटवारा, रिलीज़ डीड और POA: सवाल-जवाब
- क्या जून 2026 की बढ़ोतरी से बँटवारा, रिलीज़ डीड या POA की दरें बदलीं?
18 जून 2026 के नोटिफ़िकेशन ने सिर्फ़ बिक्री और गिफ़्ट की दरें बदलीं। बँटवारा, रिलीज़ डीड, सेटलमेंट और परिवार वाले POA की तय रक़म और 3% वाली दरें तालिका की अलग पंक्तियाँ हैं। "बिक्री जैसा" वाली पंक्तियों में अब 7% लग सकता है, इसलिए रजिस्ट्री ऑफ़िस से पक्का करें।
- क्या भतीजे को ₹1,000 वाला POA मिल सकता है?
नहीं। POA की परिवार सूची में पिता, माता, पति/पत्नी, बेटा, बेटी, भाई, बहन, बहू और पोता-पोती/नाती-नातिन हैं। भतीजे को बिहार की संपत्ति बेचने का POA "परिवार से बाहर" वाली पंक्ति में आएगा: बिक्री जितनी ड्यूटी और ₹10,000 फ़ीस।
- क्या बहन बिना रजिस्टर्ड कागज़ के अपना हिस्सा छोड़ सकती है?
उसे रजिस्टर्ड रिलीज़ डीड से हिस्सा छोड़ना चाहिए, या रजिस्टर्ड बँटवारे में अलग टुकड़ा लेना चाहिए। हमारी राय में सिर्फ़ नोटरी वाला सहमति पत्र काफ़ी नहीं है। फ़ैसला उसकी अपनी मर्ज़ी से हो।
- स्टांप ड्यूटी और फ़ीस के अलावा और क्या देना पड़ता है?
कुल पन्नों के हिसाब से सरकारी स्कैनिंग फ़ीस: 1–10 पन्ने ₹250, 11–20 पन्ने ₹500, 20 से ज़्यादा ₹1,000। डीड राइटर या वकील की फ़ीस आपसी तय है, इसलिए पहले लिखित में तय कर लें।
स्रोत (Sources)
- निबंधन विभाग की अधिसूचना सं. 10/नि0 MVR पुनरीक्षण 4060, दिनांक 18 जून 2026, बिहार गजट (असाधारण) सं. 636: अनुसूची-1A अनुच्छेद 23 (केवाला) और 33 (दान): पुरुष से महिला 6.6%, अन्य 7%; सिर्फ़ ये दो अनुच्छेद बदले गए; पैरा 2: ज़मीन/संपत्ति पर आम दर 7% — PDF
- "Table of Stamp Duty & Registration Fee", मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग (दिसंबर 2020 में अपडेट) — PDF (nibandhan.bihar.gov.in): पेज 4 क्रम 28 (दान: पुरानी ड्यूटी 5.7%/6.3%/6%, निबंधन शुल्क 1.9%/2.1%/2%), पेज 6 क्रम 39 (बँटवारा; पुश्तैनी/पारिवारिक संपत्ति पर ₹50 + ₹50), पेज 7 क्रम 43 (पावर ऑफ़ अटॉर्नी, अनुच्छेद 48(a)-(b), परिवार की परिभाषा), पेज 8 क्रम 47 (हक़त्याग, अनुच्छेद 55(A)) और क्रम 50 (सेटलमेंट, अनुच्छेद 58(A), परिवार की परिभाषा), पेज 11 (स्कैनिंग फ़ीस)
यह जानकारी सरकारी स्रोतों से 28 अक्टूबर 2026 को जाँची गई है। नियम बदलते रहते हैं, पैसा देने से पहले रजिस्ट्री या अंचल ऑफ़िस से पक्का कर लें।