Khata Khesra Kya Hai: खाता, खेसरा, प्लॉट नंबर में फ़र्क (पटना 2026)
सीधा जवाब: खाता रैयत का "खाता नंबर" है, जिसमें उसकी सारी ज़मीन दर्ज होती है, जैसे बैंक पासबुक का खाता नंबर। खेसरा सर्वे में हर प्लॉट (खेत के टुकड़े) का नंबर है, जो उस राजस्व गाँव (मौज़ा) में अलग होता है। बिहार के सरकारी कागज़ों में "प्लॉट नंबर" का मतलब खेसरा नंबर ही है। पर पटना की किसी कॉलोनी के नक्शे वाला "प्लॉट नंबर 14" सरकारी नंबर नहीं है। रजिस्ट्री और जाँच मौज़ा, खाता और खेसरा से ही होती है।
एक उदाहरण: मान लीजिए बेंगलुरु में नौकरी करने वाले किसी व्यक्ति को दानापुर अंचल की एक नई कॉलोनी में "प्लॉट नंबर 14, 2 कट्ठा" पसंद आया। ब्रोकर ने कॉलोनी का रंगीन नक्शा भेजा। पर जमाबंदी देखने के लिए पोर्टल ने पूछा: मौज़ा, खाता, खेसरा। कॉलोनी का प्लॉट नंबर वहाँ किसी काम का नहीं था। इस लेख में यही समझाया है कि कौन सा नंबर क्या है, कहाँ लिखा होता है, और पटना में कट्ठा-धूर को डिसमिल से कैसे मिलाएँ।
खाता नंबर क्या होता है?
राजस्व विभाग की शब्दावली के अनुसार, खाता वह नंबर है जो खतियान बनाते समय (सर्वे के समय) किसी व्यक्ति के नाम पर दर्ज हुआ, और जिसमें उसकी सारी ज़मीन दिखती है। विभाग ख़ुद इसे बैंक पासबुक के खाता नंबर जैसा बताता है।
- एक खाते में कई खेसरे हो सकते हैं, यानी एक रैयत के अलग-अलग खेत एक ही खाते में।
- शब्दावली के अनुसार, ख़रीद-बिक्री या उत्तराधिकार से ज़मीन किसी और के पास जाए, तब भी वही खाता नंबर उस ज़मीन के ब्योरे के साथ नए मालिक को मिलता है। यानी खाता नंबर सर्वे से चला आ रहा नंबर है, हर बिक्री पर नया नहीं बनता।
- आज ज़मीन किसके नाम चल रही है, यह खाता नहीं, जमाबंदी बताती है (नीचे समझाया है)।
खेसरा नंबर क्या है? (Khesra Number Kya Hota Hai)
शब्दावली के अनुसार खेसरा सर्वे में हर प्लॉट का क्रमांक है, जो किसी भी राजस्व गाँव (मौज़ा) के अंदर यूनिक होता है। भू-नक्शा पर गाँव के नक्शे में हर खाने के अंदर जो नंबर लिखा दिखता है, वही खेसरा है।
सबसे ज़रूरी बात: खेसरा नंबर सिर्फ़ अपने मौज़े के अंदर यूनिक है। "खेसरा 100" पटना के सैकड़ों गाँवों में होगा। इसलिए खेसरा नंबर हमेशा अंचल + मौज़ा (थाना नंबर के साथ) के साथ बोलें और लिखें। सिर्फ़ खेसरा नंबर बताकर कोई ज़मीन पहचानी नहीं जा सकती।
प्लॉट नंबर और खेसरा नंबर एक ही हैं?
"प्लॉट नंबर" पटना में दो अलग मतलब में बोला जाता है, और गड़बड़ी यहीं होती है:
| कहाँ "प्लॉट नंबर" लिखा है | असल में क्या है | सरकारी रिकॉर्ड में खोज सकते हैं? |
|---|---|---|
| खतियान, जमाबंदी, भू-नक्शा, सरकारी अंग्रेज़ी कागज़ ("Plot No.") | खेसरा नंबर। राजस्व शब्दावली में Khesra का अंग्रेज़ी अर्थ ही plot number दिया है। | हाँ |
| किसी कॉलोनी/ले-आउट का नक्शा, ब्रोकर का ब्रोशर, "प्लॉट नंबर 14" | ज़मीन बेचने वाले या डेवलपर का अपना नंबर, जो उसने खेत काटकर प्लॉट बनाते समय दिया | नहीं। यह खतियान या जमाबंदी में नहीं होता। |
पटना के बाहरी अंचलों (दानापुर, फुलवारी, बिहटा, नौबतपुर, पुनपुन, संपतचक) में अक्सर एक बड़ा खेसरा काटकर कई छोटे प्लॉट बेचे जाते हैं। तब आपका "प्लॉट नंबर 14" किसी एक खेसरे का हिस्सा होता है। ऐसे में ये तीन चीज़ें कागज़ से मिलाएँ:
- आपका प्लॉट किस खेसरे में है (कभी-कभी दो खेसरों में भी फैला होता है)।
- उस खेसरे में से कितना रकबा आपको बेचा जा रहा है।
- आपके हिस्से की चौहद्दी (उत्तर-दक्षिण-पूरब-पश्चिम में क्या है)।
केवाले में कॉलोनी का प्लॉट नंबर लिखा हो तो ठीक, पर मौज़ा, थाना नंबर, खाता, खेसरा, रकबा और चौहद्दी का ब्योरा ज़रूर होना चाहिए। दाखिल-खारिज इन्हीं से होता है।
जमाबंदी नंबर, थाना नंबर, भाग-पृष्ठ: बाकी नंबर क्या हैं?
पटना की किसी ज़मीन के कागज़ में ये नंबर बार-बार आते हैं। कौन सा क्या बताता है:
| नंबर | क्या है | कहाँ लिखा मिलता है |
|---|---|---|
| राजस्व थाना नंबर | हर राजस्व गाँव (मौज़ा) की पहचान का नंबर। भू-नक्शा पर मौज़ा के नाम के आगे कोष्ठक में दिखता है, जैसे "दीघा(1)"। | खतियान, केवाला, भू-नक्शा |
| खाता | सर्वे के समय रैयत का खाता, जिसमें उसकी सारी ज़मीन | खतियान, जमाबंदी, केवाला, LPC |
| खेसरा | सर्वे में प्लॉट का नंबर, मौज़े के अंदर यूनिक | खतियान, जमाबंदी, केवाला, भू-नक्शा |
| जमाबंदी संख्या | पंजी-II (जमाबंदी पंजी) में आज के रैयत का खाता, जिस पर लगान कटता है। दाखिल-खारिज होने पर ख़रीदार के नाम नई जमाबंदी खुलती है। | लगान रसीद, जमाबंदी पंजी |
| भाग-पृष्ठ संख्या | जमाबंदी पंजी का भाग (वॉल्यूम) और पन्ना | लगान रसीद, जमाबंदी पंजी |
| रकबा | ज़मीन का क्षेत्रफल (सरकारी रिकॉर्ड में ज़्यादातर एकड़-डिसमिल) | सब जगह |
याद रखने का आसान तरीका: खाता और खेसरा सर्वे के नंबर हैं (ज़मीन कहाँ है, किस खाते में है)। जमाबंदी आज का नंबर है (आज लगान कौन भरता है, नाम किसका चल रहा है)। जमाबंदी पंजी क्या होती है, यह जमाबंदी, खतियान और LPC ऑनलाइन वाले लेख में है।
एक खेसरा के कई मालिक: पटना में सबसे आम गड़बड़ी
सर्वे के समय एक खेसरा एक रैयत के नाम था। पर सर्वे के बाद के दशकों में बँटवारे और बिक्री से वही खेसरा कई लोगों में बँट चुका होता है। इसलिए जमाबंदी में विक्रेता के नाम पूरा खेसरा नहीं, उसका कुछ हिस्सा (रकबा) हो सकता है।
| क्या जाँचें | कहाँ देखें | ख़तरे का संकेत |
|---|---|---|
| विक्रेता की जमाबंदी में यह खेसरा है? | बिहार भूमि → जमाबंदी पंजी देखें | खेसरा विक्रेता की जमाबंदी में है ही नहीं |
| उस खेसरे में विक्रेता के नाम कितना रकबा बचा है? | जमाबंदी पंजी | बेचा जा रहा रकबा जमाबंदी में बचे रकबे से ज़्यादा |
| उसी खेसरे पर किसी और का दाखिल-खारिज चल रहा है? | बिहार भूमि → दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति | उसी खेसरे पर हाल का कोई आवेदन लंबित |
| खेसरा ज़मीन पर कहाँ है, रास्ता है? | भू-नक्शा (LPM रिपोर्ट) | दिखाया गया प्लॉट नक्शे के खेसरे से मेल नहीं खाता |
| खेसरे की किस्म (जैसे गैरमजरूआ) | खतियान | किस्म ऐसी जिस पर निजी बिक्री में सावधानी चाहिए |
इनके पूरे तरीके: दाखिल-खारिज स्टेटस, भू-नक्शा और LPM रिपोर्ट, खतियान कैसे निकालें।
पटना में खाता-खेसरा नंबर कैसे पता करें?
- विक्रेता के कागज़ से: पुराना केवाला, लगान रसीद, LPC या खतियान की नक़ल। लगान रसीद पर अंचल और जमाबंदी संख्या/भाग-पृष्ठ होते हैं।
- नाम से ऑनलाइन: biharbhumi.bihar.gov.in पर "जमाबंदी पंजी देखें" में ज़िला पटना, अंचल, हल्का, मौज़ा चुनें और रैयत के नाम से खोजें। जमाबंदी मिलने पर उसमें खाता-खेसरा दिख जाते हैं। लॉगिन नहीं चाहिए।
- नक्शे से: ज़मीन की जगह पता हो तो bhunaksha.bihar.gov.in पर मौज़े का नक्शा खोलकर उस जगह के खेसरे पर क्लिक करें, खेसरा नंबर दिख जाएगा।
- खतियान: bhuabhilekh.bihar.gov.in पर खाता, खेसरा या रैयत के नाम से खोज होती है।
सभी रिकॉर्ड एक जगह, कौन सा कहाँ और किस नंबर से: Bihar Land Record Online Kaise Dekhe। आपकी ज़मीन किस अंचल में है: पटना के 23 अंचलों की सूची।
विशेष सर्वेक्षण के बाद खाता-खेसरा बदलेगा?
बिहार में अभी विशेष सर्वेक्षण (Special Survey) चल रहा है। इसमें ज़मीन की आज की स्थिति के हिसाब से नया नक्शा और नया अधिकार अभिलेख बनता है। इसलिए नए सर्वे के खाता-खेसरा नंबर का पुराने (CS/RS) नंबर से मेल खाना ज़रूरी नहीं।
- भू-नक्शा पर अपने मौज़े का पुराना (CS/RS) और SS (Special Survey), दोनों नक्शा खोलकर देखें कि आपकी ज़मीन किस नंबर पर है।
- SS का नक्शा किस चरण में है, यह Map Instance में दिखता है। "First Map" जैसा शुरुआती नक्शा अंतिम नहीं है; अंतिम "Final Published Map" है। विस्तार भू-नक्शा गाइड में।
- नए सर्वे में आपका नाम, खेसरा या रकबा ग़लत दिखे तो dlrs.bihar.gov.in → विशेष सर्वेक्षण सेवाएँ पर दावा/आपत्ति के विकल्प हैं। आपत्ति का समय तय होता है, देर न करें।
पटना में कट्ठा, धूर, डिसमिल: 1 कट्ठा कितना होता है?
सरकारी रिकॉर्ड (खतियान, जमाबंदी, LPM) में रकबा ज़्यादातर एकड़-डिसमिल में होता है, जबकि पटना में सौदा कट्ठा-धूर में होता है। राजस्व विभाग की शब्दावली कहती है कि कट्ठे का माप बिहार में जगह-जगह अलग है, और पटना क्षेत्र में 1 कट्ठा 1361 वर्ग फ़ुट के बराबर है। शब्दावली के ही अनुसार: 1 धूर = कट्ठे का 1/20 भाग, 20 धुरकी (कला) = 1 धूर, बीघा लगभग 20 कट्ठा, और 1 डिसमिल = 1 एकड़ का सौवाँ भाग (435.6 वर्ग फ़ुट)।
| इकाई (पटना) | धूर | डिसमिल | वर्ग फ़ुट (लगभग) |
|---|---|---|---|
| 1 धुरकी | 1/20 धूर | 0.0078 | 3.4 |
| 1 धूर | 1 | 0.156 | 68 |
| 1 कट्ठा | 20 | 3.125 | 1,361 |
| 2 कट्ठा | 40 | 6.25 | 2,722 |
| 3 कट्ठा | 60 | 9.375 | 4,084 |
| 4 कट्ठा | 80 | 12.5 | 5,445 |
| 5 कट्ठा | 100 | 15.625 | 6,806 |
| 1 बीघा (20 कट्ठा) | 400 | 62.5 | 27,225 |
| 1 एकड़ (32 कट्ठा) | 640 | 100 | 43,560 |
डिसमिल से कट्ठा कैसे बदलें: डिसमिल ÷ 3.125 = कट्ठा। दशमलव वाले हिस्से को 20 से गुणा करें तो धूर निकलेगा।
उदाहरण: जमाबंदी में 10 डिसमिल लिखा है → 10 ÷ 3.125 = 3.2 कट्ठा → 0.2 × 20 = 4 धूर। यानी 3 कट्ठा 4 धूर (लगभग 4,356 वर्ग फ़ुट)।
उल्टा, कट्ठा से डिसमिल: कट्ठा × 3.125। जैसे 2 कट्ठा 10 धूर = 2.5 कट्ठा × 3.125 = 7.8125 डिसमिल।
ऊपर की गणना 1 कट्ठा = 1/32 एकड़ (1,361.25 वर्ग फ़ुट) मानकर है, जो शब्दावली के 1361 वर्ग फ़ुट से मेल खाती है। पटना ज़िले के कुछ गाँवों में पुराना चलन अलग हो सकता है। इसलिए सौदा कट्ठे में तय हो तब भी केवाले में रकबा डिसमिल/एकड़ में भी लिखा हो, और बड़ी रकम हो तो अमीन से नापी करवाएँ।
- "राजस्व शब्दावली" (Bihar Revenue Glossary), राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार — खतियान, जमाबंदी, पंजी-II, खाता, खेसरा, राजस्व थाना संख्या, रकबा की परिभाषाएँ (पृष्ठ 1-4); "Units & Agrarian Terms" खंड: कट्ठा (पटना में 1361 वर्ग फ़ुट), धूर, बीघा, कला/धुरकी, डिसमिल, एकड़ — PDF
- बिहार भूमि — "जमाबंदी पंजी देखें" (खोज: खाता, खेसरा, रैयत का नाम, जमाबंदी संख्या), दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति — biharbhumi.bihar.gov.in
- भू-नक्शा बिहार — मौज़ा का नाम थाना नंबर के साथ, Plot Info में खेसरा, सर्वे प्रकार (CS/RS/SS) और नक्शा-चरण — bhunaksha.bihar.gov.in
- विशेष सर्वेक्षण संबंधित ऑनलाइन सेवाएँ — dlrs.bihar.gov.in/services.html
- शब्दावली PDF 16.10.2026 को दोबारा खोलकर जाँची गई; पोर्टल 15-16.10.2026 को जाँचे गए।
आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)
- ब्रोकर से पहली बात यही माँगें: अंचल, मौज़ा (थाना नंबर), खाता, खेसरा और रकबा। कॉलोनी का प्लॉट नंबर और रंगीन नक्शा जाँच के लिए काफ़ी नहीं।
- टोकन/बयाना देने से पहले ख़ुद जमाबंदी देखें कि खेसरा विक्रेता के नाम है और उतना रकबा बचा है। विक्रेता के भेजे स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें।
- साइट पर भू-नक्शा की LPM रिपोर्ट लेकर जाएँ और बगल वाले खेसरे मिलाएँ।
- कट्ठे की बात डिसमिल में भी लिखवाएँ, ताकि बाद में "पटना का कट्ठा या गाँव का कट्ठा" वाला झगड़ा न हो।
- पूरी जाँच-सूची: पटना में प्लॉट ख़रीदने से पहले पूरी गाइड। ज़मीन के रिकॉर्ड पर हमारे सारे लेख: ज़मीन के रिकॉर्ड।
खाता-खेसरा से जुड़े सवाल-जवाब
- खाता और खेसरा में क्या अंतर है?
खाता रैयत का खाता नंबर है जिसमें उसकी सारी ज़मीन दर्ज होती है, जैसे बैंक का खाता नंबर। खेसरा सर्वे में हर प्लॉट का नंबर है, जो उस मौज़े में अलग होता है। एक खाते में कई खेसरे हो सकते हैं।
- क्या खेसरा नंबर और प्लॉट नंबर एक ही है?
सरकारी कागज़ों (खतियान, जमाबंदी, भू-नक्शा) में हाँ, Plot No. का मतलब खेसरा नंबर है। पर पटना की किसी कॉलोनी या ले-आउट का "प्लॉट नंबर" डेवलपर का अपना नंबर है, वह सरकारी रिकॉर्ड में नहीं होता।
- पटना में 1 कट्ठा कितना होता है?
राजस्व विभाग की शब्दावली के अनुसार पटना क्षेत्र में 1 कट्ठा 1361 वर्ग फ़ुट के बराबर है। यह 20 धूर और लगभग 3.125 डिसमिल होता है। 1 एकड़ में 32 कट्ठा होते हैं।
- 1 डिसमिल में कितने धूर होते हैं?
पटना के हिसाब से 1 डिसमिल = 0.32 कट्ठा = 6.4 धूर (लगभग 435.6 वर्ग फ़ुट)। डिसमिल को 3.125 से भाग दें तो कट्ठा निकलता है।
- खाता खेसरा नंबर कैसे पता करें बिहार में?
लगान रसीद, पुराने केवाले या LPC में देखें। ऑनलाइन biharbhumi.bihar.gov.in पर "जमाबंदी पंजी देखें" में ज़िला, अंचल, हल्का, मौज़ा चुनकर रैयत के नाम से खोजें; जमाबंदी में खाता-खेसरा दिख जाएँगे।
- ज़मीन बिकने पर खाता नंबर बदलता है क्या?
राजस्व शब्दावली के अनुसार नहीं, ज़मीन के साथ वही खाता नंबर नए मालिक को मिलता है। पर दाखिल-खारिज होने पर ख़रीदार के नाम नई जमाबंदी खुलती है, और आगे लगान उसी जमाबंदी पर कटता है।
- थाना नंबर क्या होता है ज़मीन में?
यह राजस्व थाना संख्या है, यानी हर राजस्व गाँव (मौज़ा) की पहचान का नंबर। इसे पुलिस थाने का नंबर न समझें, यह मौज़े का नंबर है। भू-नक्शा पर यह मौज़ा के नाम के आगे कोष्ठक में दिखता है।
यह लेख 16 अक्टूबर 2026 को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार की राजस्व शब्दावली और बिहार भूमि, भू-अभिलेख व भू-नक्शा पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। यह सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। कोई भी सौदा करने से पहले मूल कागज़, सरकारी नापी और अंचल कार्यालय से पुष्टि करें।