Patna Nagar Nigam Naksha Pass Kaise Kare: फ़ीस, कागज़, नियम 2026
सीधा जवाब
पटना नगर निगम क्षेत्र में नक्शा ऑनलाइन Automap पोर्टल पर पास होता है, रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट के ज़रिए।
- प्लॉट 300 वर्ग मीटर (लगभग 2.4 कट्ठा) तक, घर 10 मीटर (G+2) तक: कम जोखिम। थर्ड-पार्टी आर्किटेक्ट के प्रमाणन से जमा होते ही परमिट।
- फ़ीस: ₹12 प्रति वर्ग मीटर बिल्ट-अप (10 मीटर तक), साथ में संवीक्षा फ़ीस और लेबर सेस।
- बिल्डिंग बायलॉज 2026 अभी ड्राफ़्ट है।
पर एक कागज़ कम हो, तो आवेदन लौट आता है। पूरी सूची नीचे है।
पटना नगर निगम में नक्शा पास कराने के 6 कदम
- ज़मीन का ज़ोन और सामने की सड़क देखिए। नक्शा मास्टर प्लान के ज़ोन और सड़क की चौड़ाई से ही बनता है। ज़ोन कैसे देखें: पटना मास्टर प्लान 2031 आसान भाषा में।
- रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट या इंजीनियर चुनिए। पोर्टल पर "Find a Technical Person" में नगर निगम की सूची है। नक्शे पर उसके और आपके, दोनों के हस्ताक्षर होते हैं।
- ज़मीन के कागज़ तैयार कीजिए। केवाला, दाखिल-ख़ारिज और लगान रसीद सबसे पहले। पूरी सूची नीचे है।
- नक्शा बनकर पोर्टल पर जाता है। आर्किटेक्ट नक्शा AutoCAD में बनाता है। फिर पोर्टल की ख़ास फ़ाइल (.apz) बनाकर अपलोड करता है।
- फ़ीस ऑनलाइन भरिए। पोर्टल जमा करने से पहले कुल फ़ीस ख़ुद दिखाता है। भुगतान सिर्फ़ ऑनलाइन होता है।
- मंज़ूरी। कम और मध्यम जोखिम वाले घर "ट्रस्ट एंड वेरिफ़ाई" से जाते हैं। ऊँचे जोखिम वाले पर विभाग जाँच करता है। दोनों नीचे समझाए हैं।
पोर्टल सिर्फ़ पटना नगर निगम के इलाक़े के लिए है। आवेदन की स्थिति भी वहीं "View your Applications Status" में दिखती है।
स्रोत: पटना नगर निगम का Automap पोर्टल (FAQ और गाइडलाइन)।
आपका घर किस जोखिम वाली श्रेणी में है?
नक्शा कितनी जल्दी पास होगा, यह इस श्रेणी से तय होता है। आवासीय भवन के लिए:
| शर्त | कम जोखिम | मध्यम जोखिम | ऊँचा जोखिम |
|---|---|---|---|
| ऊँचाई | 10 मीटर (G+2) तक | 10 से 15 मीटर | 15 मीटर से ऊपर |
| प्लॉट | 300 वर्ग मीटर (लगभग 2.4 कट्ठा) तक | 300–500 वर्ग मीटर (लगभग 2.4–4 कट्ठा) | 500 वर्ग मीटर से ऊपर |
| इस्तेमाल | आवासीय | आवासीय | ग्रुप हाउसिंग, या 8 से ज़्यादा फ़्लैट |
एक भी शर्त ऊपर की श्रेणी में गई, तो पूरा घर ऊपर वाली श्रेणी में गिना जाएगा। सामने की सड़क भी बायलॉज की चौड़ाई के हिसाब से होनी चाहिए।
कम और मध्यम जोखिम: ट्रस्ट एंड वेरिफ़ाई।
- लाइसेंसी थर्ड-पार्टी आर्किटेक्ट नक्शा प्रमाणित करता है। वह साइट देखकर रिपोर्ट भी देता है।
- ये कागज़ और फ़ीस जमा होते ही परमिट स्वीकृत माना जाता है। काम तुरंत शुरू हो सकता है।
- ग़लत जानकारी से परमिट लिया, तो वह रद्द हो सकता है। आर्किटेक्ट का लाइसेंस भी।
- नगर निगम हर साल ऐसे कम से कम 15% घरों की जाँच करता है।
ऊँचा जोखिम: विभाग की जाँच।
- विभाग 15 दिन में सारी कमियाँ एक साथ बताता है। साइट निरीक्षण भी इसी में होता है।
- आप 7 दिन में नक्शा सुधारकर दोबारा जमा करते हैं। फिर 7 दिन में फ़ैसला।
- आवेदन के 30 दिन के अंदर मंज़ूरी या इनकार की सूचना मिलनी चाहिए। इनकार पर अपील हो सकती है।
स्रोत: बिहार भवन (संशोधन) उपविधि 2022 और बिहार गजट, 12 मई 2026।
पटना में नक्शा पास की फ़ीस कितनी है?
मुख्य फ़ीस बिल्डिंग परमिट फ़ीस है। यह कुल बिल्ट-अप एरिया पर लगती है, यानी सारी मंज़िलें मिलाकर।
| घर की ऊँचाई | आवासीय (₹ प्रति वर्ग मीटर) | दुकान, दफ़्तर जैसे ग़ैर-आवासीय |
|---|---|---|
| 10 मीटर तक | ₹12 | ₹24 |
| 15 मीटर तक | ₹18 | ₹36 |
| 15 मीटर से ऊपर | ₹25 | ₹50 |
इसके ऊपर ये चार्ज लगते हैं:
- संवीक्षा फ़ीस (जाँच की फ़ीस): कम जोखिम ₹1,000, मध्यम ₹5,000, ऊँचा जोखिम ₹10,000।
- लेबर सेस: निर्माण लागत का 1%। लागत केंद्रीय PWD के प्लिंथ एरिया रेट से निकलती है।
- पेस्टिंग/स्कैनिंग फ़ीस: ₹100, रिकॉर्ड के लिए।
- शेल्टर फ़ंड: 500 वर्ग मीटर या बड़े प्लॉट पर, या 8 से ज़्यादा फ़्लैट पर।
एक उदाहरण: 2 कट्ठे (लगभग 253 वर्ग मीटर) पर G+2 घर। तीनों मंज़िलें मिलाकर 400 वर्ग मीटर। परमिट फ़ीस 400 × ₹12 = ₹4,800। इसके ऊपर संवीक्षा फ़ीस, ₹100 और लेबर सेस। अंतिम रक़म वही, जो पोर्टल दिखाए।
मंज़ूर नक्शे में 3 साल के अंदर बदलाव, बिना एरिया बढ़ाए: परमिट फ़ीस का एक-चौथाई। कट्ठे को वर्ग मीटर में बदलना हो, तो कट्ठा कन्वर्टर देखिए।
स्रोत: बिहार भवन उपविधि 2014 की फ़ीस तालिका और Automap पोर्टल की फ़ीस सूची।
नक्शा पास के लिए कौन-कौन से कागज़ चाहिए?
ज़मीन के कागज़:
- केवाला (सेल डीड) या खतियान। खतियान वाली पुश्तैनी ज़मीन हो, तो बँटवारे के कागज़ भी।
- दाखिल-ख़ारिज का आदेश या LPC। देखिए दाखिल-ख़ारिज ऑनलाइन कैसे करें।
- ताज़ा मालगुज़ारी (लगान) रसीद: लगान रसीद ऑनलाइन। शहर में होल्डिंग टैक्स रसीद भी: होल्डिंग टैक्स रसीद।
- बिल्डर के साथ बनवा रहे हैं, तो रजिस्टर्ड डेवलपमेंट एग्रीमेंट।
शपथ-पत्र और तकनीकी कागज़:
- शपथ-पत्र: ज़मीन पर मुक़दमा नहीं और शांतिपूर्ण कब्ज़ा, सड़क चौड़ीकरण, सीलिंग।
- स्ट्रक्चरल सर्टिफ़िकेट (भूकंप से सुरक्षा समेत) और निर्माण की देखरेख का सर्टिफ़िकेट।
NOC, जहाँ लागू हो:
- एयरपोर्ट अथॉरिटी: ऊँचाई की सीमा वाले इलाक़े में।
- फ़ायर: 500 वर्ग मीटर या ज़्यादा ग्राउंड कवरेज और 15 मीटर या ज़्यादा ऊँचाई पर।
- पुरातत्व (ASI), वन विभाग: अगर लागू हो। पर्यावरण: 20,000 वर्ग मीटर से ज़्यादा बिल्ट-अप पर।
कागज़ में कमी मिली, तो आवेदन वापस आपके पास भेजा जाता है। कमी पूरी करके फिर जमा करना पड़ता है।
स्रोत: Automap पोर्टल, "What are the documents required"।
मंज़ूरी के बाद: नोटिस, 5 साल की वैधता और OC
- काम शुरू करने का नोटिस: नींव से पहले निगम को फ़ॉर्म-X में बताइए। 14 दिन में निरीक्षण न हो, तो माना जाता है कि आपत्ति नहीं।
- साइट पर नक्शा: मंज़ूर नक्शे की कॉपी काम के दौरान साइट पर लगाकर रखिए।
- वैधता 5 साल: इसी में काम पूरा होने की सूचना देनी है। न हो सके, तो समय रहते फ़ीस देकर 2 साल बढ़वाइए। 7 साल में भी पूरा न हो, तो नया आवेदन।
- अधिभोग प्रमाणपत्र (OC): घर बनने के बाद लीजिए। कम और मध्यम जोखिम में थर्ड-पार्टी आर्किटेक्ट की साइट रिपोर्ट जमा होते ही OC स्वीकृत माना जाता है।
स्रोत: बिहार भवन (संशोधन) उपविधि 2022 और बिहार गजट, 12 मई 2026।
बिहार बिल्डिंग बायलॉज 2026: अभी क्या स्थिति है?
नए बायलॉज का ड्राफ़्ट पटना मेट्रोपॉलिटन एरिया अथॉरिटी (PMAA) की वेबसाइट पर सुझाव के लिए रखा गया है। हमने 30 अक्टूबर 2026 को बिहार गजट देखा। अंतिम बायलॉज वहाँ नहीं छपे।
इसलिए आज 2014 वाले बायलॉज ही लागू हैं, बाद के बदलावों के साथ। ऊपर की सारी बातें इन्हीं लागू नियमों से हैं। ड्राफ़्ट की ख़बरें पढ़कर नक्शा मत बनवाइए। नए नियम गजट में आएँगे, तब हम यह लेख बदलेंगे।
आपको क्या करना चाहिए?
- प्लॉट लेने से पहले ही ज़ोन और सड़क देखिए। नक्शा वहीं अटकता है, जहाँ ज़मीन का ज़ोन मेल नहीं खाता।
- दाखिल-ख़ारिज और लगान रसीद पहले अपने नाम कराइए। इनके बिना आवेदन आगे नहीं बढ़ता।
- आर्किटेक्ट से लिखित में पूछिए: घर किस श्रेणी में है, कौन-सा रास्ता लगेगा, और कुल फ़ीस कितनी।
- फ़ीस सिर्फ़ पोर्टल पर ऑनलाइन दीजिए। नक्शा पास के नाम पर किसी को नकद मत दीजिए।
- मंज़ूर नक्शा, OC और रसीदें संभालकर रखिए। घर बेचते या लोन लेते समय यही माँगे जाते हैं।
पटना में नक्शा पास पर सवाल-जवाब
- क्या 1-2 कट्ठे के छोटे घर के लिए भी नक्शा पास ज़रूरी है?
हाँ। नया घर बनाने, दोबारा बनाने या मंज़िल जोड़ने के लिए आवेदन करना होता है। छोटे घर को बस कम जोखिम वाला तेज़ रास्ता मिलता है। खिड़की-दरवाज़ा, पुताई, फ़र्श, प्लास्टर या अपनी ज़मीन पर सन-शेड जैसे कामों के लिए अनुमति नहीं चाहिए।
- दानापुर, फुलवारी या खगौल में नक्शा कहाँ पास होगा?
Automap पोर्टल पटना नगर निगम के इलाक़े के लिए है। उसके बाहर के शहर या गाँव में अपने नगर निकाय या प्लानिंग प्राधिकरण के दफ़्तर से पूछिए। नियम वही बिहार भवन उपविधि हैं।
- पहले से बने घर पर एक मंज़िल और बनानी है, क्या करें?
नई मंज़िल के लिए भी आवेदन होगा। फ़ीस सिर्फ़ जोड़े गए हिस्से पर लगती है। पर ऊँचाई बढ़ने से घर ऊपर की जोखिम श्रेणी में जा सकता है। यह पहले आर्किटेक्ट से जाँचवा लीजिए।
- मंज़ूर नक्शे से थोड़ा अलग बना दिया, तो क्या होगा?
Automap की फ़ीस सूची में इसके दो रास्ते हैं, दोनों महँगे। बायलॉज के अंदर वाले बदलाव पर कंपाउंडिंग फ़ीस: आवासीय में ₹2,000 प्रति वर्ग मीटर। छोटी तय छूट पर कंडोनेशन फ़ीस: ₹10,000 प्रति वर्ग मीटर, ज़्यादा बने हिस्से पर। यह छूट साइड-पीछे के सेटबैक में 10% और FAR (प्लॉट पर कुल बनने वाला एरिया) में 5% तक है। ऊँचाई में 5%, ज़्यादा से ज़्यादा 0.90 मीटर। इसलिए नक्शे के हिसाब से ही बनवाइए।
इस सीरीज़ के सभी लेख (12): पटना मास्टर प्लान 2031 और पाटलिपुत्र टाउनशिप
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- Petrol Pump Ke Liye Kitni Zameen Chahiye: बिहार में कट्ठा, डिसमिल
स्रोत (Sources)
- पटना नगर निगम, Automap (Building Plan Approval System): What is AutoMap — automap.bihar.gov.in; फ़ीस (How much is the fees) — FAQ6; कागज़ — FAQ5; साइट निरीक्षण — FAQ4; .apz फ़ाइल की गाइडलाइन — PDF
- बिहार भवन उपविधि, 2014 (अंग्रेज़ी, दिसंबर 2014): उपविधि 7 — तालिका 3 (परमिट फ़ीस, पेज 26–27), ग़ैर-आवासीय दोगुना, 7(4) (जोड़ और बदलाव), उपविधि 11(2) — PDF (Automap)
- बिहार भवन (संशोधन) उपविधि, 2022 (नगर विकास एवं आवास विभाग, अधिसूचना सं. 645): उपविधि 4A (बिना अनुमति वाले छोटे काम), 5(1), 5(4)(v) (स्वामित्व के कागज़), 8(1) (आवासीय जोखिम तालिका), 8(4) (15+7+7 दिन, 30 दिन), 9 (5+2 साल), 10 (फ़ॉर्म-X, 14 दिन) — PDF (PMAA)
- बिहार गजट (असाधारण) सं. 462, 12.05.2026: अधिसूचना 7 मई 2026, बिहार भवन उपविधि (संशोधित, 2026) — उपविधि 8(1) (8 से ज़्यादा फ़्लैट = ऊँचा जोखिम), 8(2) (ट्रस्ट एंड वेरिफ़ाई, ₹1,000/₹5,000, 15% निरीक्षण), 8(4)(1) (₹10,000), 16(3A) (OC) — PDF
- बिहार बिल्डिंग बायलॉज 2026 (ड्राफ़्ट, v21), PMAA — PDF; अंतिम अधिसूचना नहीं मिली (बिहार ई-गजट, नगर विकास विभाग, 30.10.2026 तक)
- 1 कट्ठा = 126.51 वर्ग मीटर (Automap फ़ीस पेज का नोट)। सभी पन्ने 30.10.2026 को देखे गए।
यह जानकारी सरकारी स्रोतों से 30 अक्टूबर 2026 को जाँची गई है। नियम बदलते रहते हैं, पैसा देने से पहले रजिस्ट्री या अंचल ऑफ़िस से पक्का कर लें।