Patna 80 Meter Road Kahan Se Guzregi: 60 मीटर सड़कों की गाँव-वार लिस्ट 2026
सीधा जवाब: पटना मास्टर प्लान 2031 में सबसे बड़ी सड़क 80 मीटर (लगभग 262 फ़ीट) चौड़ा "सेंट्रल स्पाइन" है, जो दक्षिण के सटे हुए शहरी इलाक़े (southern contiguous urban area) में पूरब-पश्चिम चलती है और जिसके बीच में पानी निकासी के लिए नहर प्रस्तावित है। उसके बाद 60 मीटर (लगभग 197 फ़ीट) की 11 सड़कें हैं। ये किन गाँवों और इलाक़ों से होकर जाएँगी, यह मास्टर प्लान रिपोर्ट के पृष्ठ 81 और 84 पर लिखा है; नीचे पूरी लिस्ट है। ये सड़कें अभी प्रस्ताव हैं: PMAA के वेबपेज पर काम सर्वे और पिलर लगाने के स्टेज पर बताया गया है।
पटना में ज़मीन बेचने वाले अक्सर कहते हैं "बगल से 80 मीटर रोड जाएगा, रेट डबल होगा"। कभी यह सच होता है, कभी आधा सच। और अगर प्लॉट सड़क की लाइन के अंदर ही पड़ गया, तो फ़ायदा नहीं, उल्टा परेशानी है। इस लेख में मास्टर प्लान की रिपोर्ट से सड़कों की लिस्ट, नक्शा देखने का तरीक़ा और 25 अक्टूबर 2026 तक का सरकारी अपडेट है। मास्टर प्लान की बुनियादी बातें पहले पढ़नी हों तो देखें पटना मास्टर प्लान 2031 आसान भाषा में।
पटना मास्टर प्लान में सड़कों की चार श्रेणियाँ
| सड़क | चौड़ाई | काम | रिपोर्ट |
|---|---|---|---|
| सेंट्रल स्पाइन (पहली श्रेणी) | 80 मीटर ≈ 262 फ़ीट | दक्षिण के सटे शहरी इलाक़े में पूरब-पश्चिम; NH 98, NH 83, NH 30 और NH 19 से जुड़ी; बीच में नहर | पृ. 78, 81 |
| पॉकेट आउटर रोड (दूसरी श्रेणी) | 60 मीटर ≈ 197 फ़ीट | ग्रोथ पॉकेट के चारों ओर रिंग की तरह; कुछ के साथ नहर | पृ. 78, 84 |
| पॉकेट मेजर रोड (तीसरी श्रेणी) | 45 मीटर ≈ 148 फ़ीट | हर अर्बन नोड को जोड़ती; लगभग 2.5 × 2.5 किमी का ग्रिड | पृ. 78, 86 |
| पॉकेट माइनर रोड (चौथी श्रेणी) | 30.5 मीटर ≈ 100 फ़ीट | लगभग 1.5 × 1.5 किमी का ग्रिड, हर प्रखंड में | पृ. 78, 87 |
नगर निगम (PMC) के अंदर अलग से 12.2, 18.3, 27.4, 30.5 और 36 मीटर की सड़कें प्रस्तावित हैं, जिनमें 1981 के मास्टर प्लान के प्रस्ताव रखे गए हैं (पृ. 78)। पुरानी सड़कों को चौड़ा करने की लिस्ट अलग है (Annexure 20–21); उस पर इस सीरीज़ का अगला लेख आएगा।
80 मीटर सड़क पटना में किन गाँवों से गुज़रेगी?
मास्टर प्लान रिपोर्ट (पृ. 81) में 80 मीटर सेंट्रल स्पाइन के लिए ये नाम इसी क्रम में लिखे हैं:
Nagwa → Reva → Shivala → Khedarpura → Nohsa → Khagaul (AIIMS के पास) → Nathupur → Sadallichak → Bhogipur → Bairiya → Illahi Bagh → Narayan Nagar → Dhaulpura → Mirchak Kothiya → Simli Murarpur → Chimo Chak → Sabalpur
रिपोर्ट में दो डिज़ाइन (Option 1 और 2) के चित्र हैं (पृ. 80–81), और कहा गया है कि बीच की नहर ज़मीन के पानी की निकासी के लिए है (पृ. 78)। पटना जैसे शहर में, जहाँ 2019 जैसे जलजमाव का डर हर बरसात रहता है, यह नहर इस सड़क का अहम हिस्सा है।
पटना की 60 मीटर सड़कें: पूरी लिस्ट
रिपोर्ट (पृ. 84) में 60 मीटर "पॉकेट आउटर रोड" की 11 लाइनें हैं। नाम वैसे ही रखे हैं जैसे रिपोर्ट में अंग्रेज़ी में लिखे हैं:
| # | कहाँ से कहाँ तक | बीच में (via) |
|---|---|---|
| 1 | Diara Govindpur (Fatuha) → Dariapur (Naubatpur प्रखंड) | Bankaghat, Bazaar Samiti, Transport Nagar, NH-98, Anishabad, Badi Khagaul |
| 2 | Korji (Phulwari प्रखंड) → Mehdava (Maner प्रखंड) | Khagaul bus stop, Charakya Puri, RPS, Mathiapur, Chak Daud, Darweshpur Diara |
| 3 | Hasanchak (Bihta) → Bankaghat (पटना नगर निगम) | Makhdumpur, Muradpur, Nadiawan, Simra, Gopalpur, Khanpur, Punadih |
| 4 | Bankaghat (PMC) → Katesar (Bihta प्रखंड) | Ganga Ghat, Lodipur, Maner Church, Maner Dargah, Rambad, Hasanchak, Anandpur, Bihta Chowk |
| 5 | Khaspur (Khagaul-Danapur प्रखंड) → Nauhi (Naubatpur) | Milkipur, Painal, Sirichandpur, Tiskhora |
| 6 | Gauraiya bus stop (Danapur-Khagaul प्रखंड) → Sadisopur (Bihta प्रखंड) | Pandepur Tihari, Chintamanipur Maula |
| 7 | Khaspur (Maner) → Pant Bhawan (PMC) | Danapur bus stand, Khagaul bus stand, Ram Jaipal Nagar, Rukanpura, Khajpura, Raza Bazaar, Shastri Nagar, Rajbansi Nagar |
| 8 | Sipara (PMC) → Taregna (Masaurhi) | Indrapuri Sipara, Aitwarpur, Badadham, Parsa railway station, Zahidpur, Rasilchak, Manora, Punpun railway station, Bakarpur, Pothahi, Akauna |
| 9 | Taregna (Masaurhi) → Mirchi (PMC) | Deodaha Deokali, Musnapar, Beldari Chak, Sapahua, Mundi Chak, Koli, Gaurichak, Jujharpur, Fatehpur |
| 10 | Transport Colony (PMC) → Gaighat (PMC) | Agamkuan |
| 11 | Rasulpur Kurta (Fatuha) → Hasanpur (Daniawan) | Sonaru, Janarjanpur, Kolhar, Sarbahanpur, Sirampur, Badikewal |
ध्यान दें: लिस्ट में कई नाम (जैसे Anishabad, Rukanpura, Shastri Nagar, Raza Bazaar, Agamkuan) पहले से बसे इलाक़े हैं। रिपोर्ट सिर्फ़ "via" में नाम देती है; सड़क ठीक किस खेसरा या किस गली से जाएगी, यह इस लिस्ट से तय नहीं होता। उसके लिए नक्शा और PMAA का सर्वे देखना होगा (नीचे)।
45 मीटर और 30.5 मीटर सड़कें
45 मीटर सड़कें ग्रोथ नोड को जोड़ती हैं: Maner से Bihta (3 हिस्से), Maner से Danapur-Khagaul, Danapur-Khagaul से Phulwari, Bihta से Naubatpur, Naubatpur की अंदरूनी रिंग रोड, Naubatpur से Punpun, Punpun के अंदर 4 आड़ी और 2 खड़ी सड़कें, Punpun से Fatuha, Fatuha की 2 रिंग रोड, PMC से Fatuha, और PMC से Sampatchak (2 हिस्से) (पृ. 86)। 30.5 मीटर सड़कें हर प्रखंड में लगभग 1.5 × 1.5 किमी का ग्रिड बनाती हैं (पृ. 87)। इन इलाक़ों के बारे में विस्तार से पढ़ें: बिहटा, नौबतपुर, फतुहा, पुनपुन में प्लॉट।
सरकार ने अब तक क्या किया? (PMAA का अपडेट)
पटना मेट्रोपॉलिटन एरिया अथॉरिटी (PMAA) के वेबपेज "Development of Road Networks" पर लिखा है (25 अक्टूबर 2026 को देखा; पेज पर तारीख़ नहीं दी है):
- ड्रोन सर्वे: 80 मीटर सड़कों का कुल 42.18 किमी और 60 मीटर सड़कों का कुल 436.52 किमी।
- पिलर और साइनबोर्ड: पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 80 मीटर सड़क के 10 किमी पर पूरे।
- 60 मीटर सड़क: सड़क निर्माण विभाग के साथ लगभग 63 किमी का प्राइमरी सर्वे पूरा।
- सर्वे मैप के हिसाब से मास्टर प्लान सड़कों की लाइन (alignment) की समीक्षा हुई है।
- 80 और 60 मीटर सड़कों पर पिलर-साइनबोर्ड के लिए RFP मंज़ूरी में है; 45/30 मीटर सड़कों के लिए RFP "एक महीने में" निकालने की योजना लिखी है।
यानी ज़मीन पर सड़क की लाइन तय करने का काम चल रहा है, पर इस पेज पर सड़क बनाने की कोई तारीख़ या ज़मीन लेने (अधिग्रहण) की प्रक्रिया नहीं लिखी। कोई "अगले साल रोड बन जाएगा" कहे, तो लिखित सबूत माँगें।
पाटलिपुत्र टाउनशिप वाले गाँवों में सड़कें अलग हैं
नौबतपुर, पुनपुन, फतुहा, मसौढ़ी जैसे प्रखंडों के जो गाँव पाटलिपुत्र ग्रीनफ़ील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में आते हैं, वहाँ के लिए अलग ड्राफ़्ट डेवलपमेंट प्लान 2047 बना है, जिसमें सड़कों का अपना ढाँचा है (ड्राफ़्ट, पृ. 53–54, 64–66):
- दो 90 मीटर की ऐक्सियल रोड (उत्तर-दक्षिण और पूरब-पश्चिम)
- एक 60 मीटर की रिंग रोड; SH-01 को 60 मीटर चौड़ा करना; NH-31, NH-431 और NH-131G के टाउनशिप वाले हिस्से को 60 मीटर
- 45 मीटर और 30 मीटर की आर्टेरियल सड़कें, जो टाउनशिप को लगभग 1.25 × 1.25 किमी के सेक्टरों में बाँटती हैं
- अमस–दरभंगा एक्सप्रेसवे (NH-119D) के साथ टाउनशिप के अंदर 180 मीटर का कॉरिडोर
यह अभी ड्राफ़्ट है; आपत्तियों की आख़िरी तारीख़ 15.10.2026 थी, और अंतिम प्लान में बदलाव हो सकता है। आपका गाँव टाउनशिप में है या नहीं, देखें पाटलिपुत्र टाउनशिप गाँवों की लिस्ट।
सड़क के पास प्लॉट: फ़ायदा या जोखिम?
| स्थिति | क्या समझें |
|---|---|
| प्लॉट प्रस्तावित सड़क के किनारे | भविष्य में पहुँच बेहतर। मास्टर प्लान में 80/60/45/30.5 मीटर सड़कों के चौराहों पर कमर्शियल हब प्रस्तावित हैं (पृ. 68)। पर फ़ायदा तभी, जब सड़क सच में बने। |
| प्लॉट सड़क की लाइन के अंदर | नक्शे में वह ज़मीन सड़क (ट्रांसपोर्ट) के लिए है। मास्टर प्लान कहता है कि ज़ोनल प्लान आने तक विकास मास्टर प्लान के हिसाब से होगा और उन इलाक़ों में भूमि-उपयोग बदलने की अनुमति नहीं (पृ. 150)। ऐसे प्लॉट पर नक्शा पास कराने में दिक़्क़त आ सकती है। ख़रीदने से पहले PMAA से लिखित में पूछें। |
| बड़ी सड़क पर दुकान-मकान (mixed use) | मास्टर प्लान में रेज़िडेंशियल इलाक़े के जो प्लॉट 40 फ़ीट या ज़्यादा चौड़ी सड़क पर हैं, वहाँ मिक्स्ड यूज़ की अनुमति है; 30 मीटर या ज़्यादा की सड़क पर कम से कम 1,500 वर्ग मीटर के प्लॉट में बिल्ट-अप का 40% तक कमर्शियल (पृ. 134)। 1,500 वर्ग मीटर लगभग 11.9 कट्ठा होता है। |
| ज़मीन ग्रीन बेल्ट / अर्बन एग्रीकल्चर ज़ोन में | बगल से सड़क जाने से ज़ोन नहीं बदलता। देखें ग्रीन बेल्ट में घर बन सकता है? |
अपने प्लॉट के पास की सड़क कैसे जाँचें (स्टेप बाय स्टेप)
- PMAA की वेबसाइट से मास्टर प्लान 2031 की रिपोर्ट (PDF) खोलें।
- Map 23 "Proposed Road Network" (छपा पृष्ठ 79, PDF का पृष्ठ 93) देखें और अपना गाँव या मोहल्ला ढूँढें। साथ में Map 21 "Proposed Land Use" (पृ. 67) में प्लॉट का ज़ोन देखें।
- ऊपर की लिस्ट (पृ. 81 और 84) में अपने आस-पास के नाम खोजें।
- प्लॉट पर जाकर देखें कि आस-पास PMAA के पिलर या साइनबोर्ड लगे हैं या नहीं, और अगर हैं तो प्लॉट से दूरी नापें।
- खेसरा नंबर, मौज़ा और थाना नंबर के साथ PMAA में लिखित पूछताछ करें (वेबसाइट पर Public Services → Inquiry / Grievance)। जवाब की कॉपी रखें।
मास्टर प्लान का नक्शा बड़े पैमाने (large scale) का है; खेत की मेड़ के स्तर पर सीमा तय करने के लिए वह काफ़ी नहीं। इसलिए नक्शे से अंदाज़ा लें, फ़ैसला सरकारी सर्वे और लिखित जवाब से करें।
- पटना मास्टर प्लान 2031, रिपोर्ट (TCPO, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार), छपे पृष्ठ: 67 (Map 21), 68 (कमर्शियल हब), 78 (सड़कों की श्रेणी), 79 (Map 23), 80–81 (80 मीटर सड़क), 82–84 (60 मीटर सड़कें), 85–86 (45 मीटर), 87 (30.5 मीटर), 134 (मिक्स्ड यूज़), 150 (ज़ोनल प्लान से पहले नियम) — PDF (pmaa.bihar.gov.in)
- पाटलिपुत्र ग्रीनफ़ील्ड सैटेलाइट टाउनशिप ड्राफ़्ट डेवलपमेंट प्लान 2047 (अधिसूचना 8023/8024, 01.08.2026), पृष्ठ 53–54 और 64–66 (सड़कें); आपत्ति की आख़िरी तारीख़ 15.10.2026 (ज्ञापांक 10516, 30.09.2026) — PMAA सार्वजनिक सूचना
- PMAA, "Development of Road Networks" — pmaa.bihar.gov.in, 25 अक्टूबर 2026 को देखा
आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)
- "रोड आ रहा है" पर दाम न दें, सबूत पर दें: नक्शा, PMAA के पिलर, या लिखित जवाब।
- लाइन के अंदर वाला प्लॉट न लें, जब तक PMAA से लिखित में साफ़ न हो जाए।
- सड़क के साथ ज़ोन भी देखें: रेज़िडेंशियल, अर्बन एग्रीकल्चर या टाउनशिप, तीनों के नियम अलग हैं।
- कागज़ पहले: जमाबंदी, खतियान और दाखिल-खारिज साफ़ न हों तो सड़क का फ़ायदा भी किसी काम का नहीं। देखें पटना में प्लॉट ख़रीदने से पहले पूरी गाइड।
- बाढ़ भी देखें: बड़ी सड़क के पास होने से प्लॉट बाढ़ से सुरक्षित नहीं हो जाता। देखें पटना में बाढ़ वाला इलाक़ा कैसे पहचानें।
पटना 80 मीटर और 60 मीटर सड़क: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पटना की 80 मीटर सड़क कहाँ से गुज़रेगी?
मास्टर प्लान 2031 रिपोर्ट (पृ. 81) के मुताबिक़ Nagwa, Reva, Shivala, Khedarpura, Nohsa, Khagaul (AIIMS के पास), Nathupur, Sadallichak, Bhogipur, Bairiya, Illahi Bagh, Narayan Nagar, Dhaulpura, Mirchak Kothiya, Simli Murarpur, Chimo Chak और Sabalpur होकर।
- पटना मास्टर प्लान में 60 मीटर की कितनी सड़कें हैं?
11। ये "पॉकेट आउटर रोड" हैं, जो ग्रोथ पॉकेट के चारों ओर रिंग की तरह जाती हैं। हर सड़क के गाँव रिपोर्ट के पृष्ठ 84 पर हैं; ऊपर की टेबल में पूरी लिस्ट है।
- 80 मीटर रोड कितने फ़ीट का होता है?
80 मीटर लगभग 262 फ़ीट, 60 मीटर लगभग 197 फ़ीट, 45 मीटर लगभग 148 फ़ीट और 30.5 मीटर लगभग 100 फ़ीट होता है।
- क्या पटना की 80 मीटर सड़क बनना शुरू हो गई है?
PMAA के वेबपेज पर ड्रोन सर्वे (80 मीटर: 42.18 किमी) और 10 किमी पर पायलट पिलर-साइनबोर्ड का काम पूरा बताया गया है। उस पेज पर निर्माण की कोई तारीख़ नहीं दी गई है (25 अक्टूबर 2026)।
- मेरा प्लॉट मास्टर प्लान की सड़क में आ रहा है, कैसे पता करूँ?
मास्टर प्लान रिपोर्ट का Map 23 (पृ. 79) देखें, आस-पास PMAA के पिलर देखें, और खेसरा-मौज़ा के साथ PMAA में लिखित पूछताछ करें। नक्शा बड़े पैमाने का है, इसलिए फ़ैसला लिखित जवाब पर करें।
- पाटलिपुत्र टाउनशिप में कौन सी बड़ी सड़कें प्रस्तावित हैं?
ड्राफ़्ट प्लान 2047 में दो 90 मीटर ऐक्सियल रोड, एक 60 मीटर रिंग रोड, SH-01 और NH-31, NH-431, NH-131G को 60 मीटर, और 45 व 30 मीटर की सड़कें हैं। यह ड्राफ़्ट है, बदल सकता है।
यह लेख पटना मास्टर प्लान 2031 की रिपोर्ट, पाटलिपुत्र टाउनशिप के ड्राफ़्ट डेवलपमेंट प्लान 2047 और 25 अक्टूबर 2026 को देखे गए PMAA के वेबपेज पर आधारित है। गाँवों के नाम रिपोर्ट में जैसे लिखे हैं वैसे दिए गए हैं। सड़क की असली लाइन सरकारी सर्वे और ज़ोनल प्लान से तय होगी; ख़रीदने से पहले PMAA से पुष्टि करें। यह सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं।