जमाबंदी में लिखा मौज़ा (राजस्व गाँव) का नाम हिंदी या English में लिखिए। पता चल जाएगा कि गाँव टाउनशिप में है या नहीं, किस प्रखंड में है, और वहाँ आज क्या कर सकते हैं, क्या नहीं।
गाँव का नाम लिखना शुरू कीजिए, या प्रखंड चुनकर उसके सारे गाँव देखिए।
| प्रखंड | गाँव | नगर पंचायत |
|---|---|---|
| पुनपुन | 85 | पुनपुन NP (वार्ड 1, 2, 3, 4, 8, 9) |
| फतुहा | 70 | — |
| नौबतपुर | 48 | नौबतपुर NP |
| धनरुआ | 24 | — |
| मसौढ़ी | 14 | — |
| संपतचक | 10 | — |
| दनियावाँ | 8 | — |
| फुलवारी शरीफ़ | 8 | — |
| पटना रूरल | 6 | — |
| कुल | 273 | 2 |
स्रोत: नोटिफ़िकेशन 4655 की अनुसूची-1 (नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, 24.04.2026) और नोटिफ़िकेशन 8023, 8024 व 10516, सब pmaa.bihar.gov.in → Public Notice पर। गाँवों के नाम ठीक वैसे ही लिखे हैं जैसे अनुसूची में हैं। 21 अक्टूबर 2026 को वहाँ टाउनशिप का कोई नया नोटिस नहीं मिला।
ऊपर के बॉक्स में जमाबंदी वाला मौज़ा का नाम लिखिए। ये लिस्ट नोटिफ़िकेशन 4655 (24.04.2026) की अनुसूची-1 है: 9 प्रखंडों के 273 राजस्व गाँव, साथ में नौबतपुर नगर पंचायत और पुनपुन नगर पंचायत के वार्ड 1, 2, 3, 4, 8 और 9।
हाँ। नोटिफ़िकेशन 8024 ने 1 अगस्त 2026 से ख़रीद-बिक्री पर लगी रोक हटा दी है। रजिस्ट्री से पहले निबंधन कार्यालय में अपने मौज़ा के बारे में एक बार पूछ लीजिए।
नोटिफ़िकेशन 4655 के तहत 30 मार्च 2027 तक विकास और मकान निर्माण पर रोक है, और 21 अक्टूबर 2026 तक ये रोक हटाने का कोई आदेश नहीं मिला। लिखित अनुमति के बिना निर्माण शुरू मत कीजिए।
नौ: पुनपुन (85 गाँव), फतुहा (70), नौबतपुर (48), धनरुआ (24), मसौढ़ी (14), संपतचक (10), दनियावाँ (8), फुलवारी शरीफ़ (8) और पटना रूरल (6)।
नहीं। बिहार में बहुत से गाँवों के नाम एक जैसे हैं, और टाउनशिप में सिर्फ़ उसी प्रखंड में लिखे गाँव आते हैं। जमाबंदी पर प्रखंड (अंचल) और थाना नंबर मिलाइए।
ड्राफ़्ट प्लान के मुताबिक़ कोर एरिया (लगभग 3,008 एकड़) पुनपुन प्रखंड के 19 गाँवों में है। लिखित नोटिफ़िकेशन में उनके नाम नहीं हैं; पुनपुन अंचल कार्यालय या PMAA से पक्का कीजिए।
खतियान, जमाबंदी या डीड का ड्राफ़्ट WhatsApp पर भेजिए। पहली सलाह मुफ़्त है।