Bahar Rehkar Patna Ki Zameen Kaise Beche: NRI गाइड 2026
सीधा जवाब: दूसरे राज्य या विदेश में रहते हुए भी आप पटना की ज़मीन या मकान बेच सकते हैं। केवाला ऑनलाइन बनता है और ई-साइन भी ऑनलाइन होता है, पर फ़ोटो और आधार बायोमेट्रिक के लिए विक्रेता को रजिस्ट्री ऑफ़िस आना पड़ता है। इसलिए या तो 2-3 दिन के लिए आएँ, या परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य को रजिस्ट्रेशन अधिनियम की धारा 33 के अनुसार बनी और प्रमाणित पावर ऑफ़ अटॉर्नी दें। आप NRI हैं तो ख़रीदार को आपके कैपिटल गेन पर लागू दरों से TDS काटना होता है, 1% नहीं, इसलिए सौदे से पहले कम कटौती का सर्टिफ़िकेट ले लें। NRI खेती की ज़मीन सिर्फ़ भारत में रहने वाले भारतीय को बेच सकता है, और पैसा RBI की सीमा में विदेश ले जाया जा सकता है।
पटना के बहुत से परिवारों में अब मालिक बेंगलुरु, दिल्ली, दुबई या अमेरिका में है, और दानापुर में पुराना प्लॉट या कंकड़बाग में घर यहाँ है। दूर रहकर बेचने में तीन चिंताएँ होती हैं: "देख-रेख" करने वाला कोई धोखा न दे, रजिस्ट्री कैसे हो, और टैक्स व पैसा कैसे पहुँचे। हर एक का तरीका नीचे है।
भारत में कहीं और रहना बनाम NRI: क्या बदलता है
| दूसरे राज्य में रहने वाले भारतीय | NRI / OCI | |
|---|---|---|
| किसे बेच सकते हैं | किसी को भी | ग़ैर-कृषि संपत्ति: भारत में रहने वाले, NRI या OCI को। खेती की ज़मीन: सिर्फ़ भारत में रहने वाले भारतीय को (RBI) |
| ख़रीदार का TDS | ₹50 लाख या ज़्यादा का सौदा (ग़ैर-कृषि) हो तो 1% | कैपिटल गेन पर लागू दरों से, दाम कितना भी हो (धारा 393(2), क्रम 17) |
| टैक्स दर | 12.5%, या 23 जुलाई 2024 से पहले की ज़मीन पर इंडेक्सेशन के साथ 20% अगर कम हो | 12.5%; धारा 197(3) का इंडेक्सेशन विकल्प सिर्फ़ भारत में रहने वालों के लिए |
| पैसा कहाँ आएगा | आपका बैंक खाता | भारत का आपका खाता (आम तौर पर NRO); विदेश भेजना RBI नियमों से |
| रजिस्ट्री | खुद आएँ या POA वाला भेजें | वही; विदेश में बनी POA के कुछ अतिरिक्त कदम |
पहला कदम: जहाँ हैं वहीं से कागज़ ठीक करें
ज़्यादातर काम ऑनलाइन है। बिहार भूमि पर अपनी जमाबंदी खोलें और नाम, खाता, खेसरा, रकबा अपने केवाले से मिलाएँ; कुछ ग़लत या छूटा हो तो परिमार्जन प्लस पर आवेदन करें; ज़मीन अब भी गुज़र चुके माता-पिता के नाम हो तो उत्तराधिकार दाखिल-खारिज ऑनलाइन करें। अपने खेसरों पर बिहार भूमि का SMS अलर्ट चालू करें, ताकि आपकी ग़ैरमौजूदगी में कोई दाखिल-खारिज या सुधार का आवेदन डाले तो आपको पता चले। पूरी जानकारी: ज़मीन बेचने से पहले कागज़ ठीक करें।
जो ऑनलाइन नहीं हो सकता: ज़मीन पर असल में कौन है, मेड़ और नापी। किसी भरोसेमंद व्यक्ति से अमीन के साथ प्लॉट का वीडियो कॉल पर चक्कर लगवाएँ।
दूसरा कदम: रजिस्ट्री के लिए आएँ, या पावर ऑफ़ अटॉर्नी दें
बिहार निबंधन नियमावली 2026 के नियम 20(1) के अनुसार केवाला लिखने वालों को अधिकारी के सामने आना होता है, और नियम 17 में उनकी उँगली या आँख का मिलान आधार से होता है। नियमों में वीडियो-KYC से पहचान सिर्फ़ उन दस्तावेज़ों के लिए है जिन्हें महानिरीक्षक अधिसूचित करें; 22 अक्टूबर 2026 तक हमें बिहार गजट में ऐसी कोई अधिसूचना नहीं मिली। इसलिए व्यावहारिक रास्ते ये हैं:
- खुद आएँ: कागज़, इकरारनामा और केवाले का ड्राफ़्ट दूर से पूरा करें, फिर रजिस्ट्री के लिए 2-3 दिन आएँ। यही सबसे सुरक्षित है: आपके और ख़रीदार के पैसे के बीच कोई नहीं होता।
- पावर ऑफ़ अटॉर्नी: सही तरीके से बनी POA वाला व्यक्ति आपकी जगह केवाला पेश कर सकता है और उसे मान सकता है (रजिस्ट्रेशन अधिनियम, धारा 32-33)। नियम 28(2) के अनुसार पेश करने या मानने के लिए इस्तेमाल होने वाली POA धारा 33 से प्रमाणित होनी चाहिए, नहीं तो रजिस्ट्री से इनकार हो सकता है (नियम 24(8))।
| आप कहाँ रहते हैं | POA किसके सामने बनेगी और कौन प्रमाणित करेगा |
|---|---|
| भारत (पुणे, बेंगलुरु, दिल्ली...) | जहाँ आप रहते हैं उस ज़िले के रजिस्ट्रार या सब-रजिस्ट्रार |
| विदेश (दुबई, अमेरिका, ब्रिटेन...) | नोटरी पब्लिक, अदालत, जज या मजिस्ट्रेट, भारतीय कॉन्सुल या वाइस-कॉन्सुल, या केंद्र सरकार का प्रतिनिधि |
- समय पर स्टांप: भारत के बाहर बना दस्तावेज़ भारत पहुँचने के तीन महीने के अंदर स्टांप कराया जा सकता है (भारतीय स्टांप अधिनियम, धारा 18)।
- बिहार में स्टांप ड्यूटी (निबंधन विभाग की तालिका): बिहार की संपत्ति बेचने के लिए परिवार के सदस्य (पिता, माता, पति-पत्नी, बेटा, बेटी, भाई, बहन, बहू, बेटे या बेटी के बच्चे) को POA: ₹1,000। परिवार से बाहर के व्यक्ति को: MVR वाले मूल्य पर बिक्री जितनी ड्यूटी। तालिका में उस समय की बिक्री दर 6% लिखी है; 18 जून 2026 से बिक्री दर 7% है, इसलिए ताज़ा आँकड़ा पक्का करें। रजिस्ट्री और प्रमाणन की फ़ीस अलग।
- दायरा छोटा रखें: सिर्फ़ इसी संपत्ति और इसी बिक्री के लिए विशेष POA, जिसमें न्यूनतम दाम और वह बैंक खाता लिखा हो जिसमें पैसा आना है। "सब कुछ करने" वाली सामान्य POA नहीं। बिक्री के बाद उसे रद्द कर दें।
POA बिक्री नहीं है। ख़रीदार को सामान्य POA देकर ज़मीन "बेचने" से मालिकाना हक़ नहीं बदलता (सुप्रीम कोर्ट, सूरज लैंप एंड इंडस्ट्रीज़ बनाम हरियाणा राज्य, 2011)। बिक्री रजिस्टर्ड केवाले से ही होगी।
तीसरा कदम: भुगतान और TDS
- एक-एक रुपया बैंक से, भारत में आपके अपने खाते में, आपके एजेंट के खाते में नहीं। ₹20,000 या ज़्यादा का नकद बयाना मना है (आयकर अधिनियम 2025, धारा 185)। देखें बयाना: विक्रेता की चेकलिस्ट।
- भारत में रहने वाला विक्रेता (दूसरे राज्य में): ₹50 लाख या ज़्यादा की ग़ैर-कृषि संपत्ति पर ख़रीदार आपके PAN में 1% काटता है; रिटर्न में क्लेम करें।
- NRI विक्रेता: ख़रीदार को धारा 393(2) (तालिका क्रम 17) में टैक्स लगने वाली रकम, यानी आपके कैपिटल गेन, पर लागू दरों से टैक्स काटना होता है। बिना जानकारी के ख़रीदार अक्सर "सुरक्षित रहने" के लिए पूरे दाम पर काट लेते हैं। आप धारा 395(1) में असेसिंग ऑफ़िसर से कम या शून्य कटौती का सर्टिफ़िकेट माँग सकते हैं, और ख़रीदार धारा 395(2) में टैक्स वाला हिस्सा तय करवाने का आवेदन कर सकता है। यह काम इकरारनामे से पहले शुरू करें; इसमें समय लगता है।
गेन कैसे निकलता है, और मकान या बॉन्ड लेकर टैक्स कैसे बचता है: ज़मीन बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स।
चौथा कदम: पैसा विदेश ले जाना (NRI)
भारतीय रिज़र्व बैंक के अचल संपत्ति FAQ (भाग II, प्रश्न 7) के अनुसार:
- विदेशी मुद्रा से ख़रीदी संपत्ति (बाहर से भेजा पैसा या NRE/FCNR खाते से), उस समय के विदेशी मुद्रा कानून के अनुसार: बिक्री का पैसा वापस ले जा सकते हैं, पर रिहायशी संपत्ति में ज़्यादा से ज़्यादा दो संपत्तियों का।
- दूसरे मामले (जैसे विरासत की संपत्ति, या रुपये से ख़रीदी संपत्ति): विदेशी मुद्रा प्रबंधन (परिसंपत्ति प्रेषण) विनियम, 2016 में दूसरी संपत्तियों समेत हर वित्त वर्ष 10 लाख अमेरिकी डॉलर तक भेज सकते हैं।
- खेती की ज़मीन, फ़ार्महाउस या बागान बेचना: NRI या OCI खेती की ज़मीन सिर्फ़ भारत में रहने वाले व्यक्ति को बेच सकता है (RBI FAQ भाग II, प्रश्न 1)।
आपका बैंक केवाला, संपत्ति कैसे ख़रीदी गई इसका सबूत, टैक्स भरने के कागज़ और विदेश पैसा भेजने के लिए अपने ज़रूरी कागज़ माँगेगा। बिक्री से पहले अपने बैंक और CA से ताज़ा सूची ले लें।
दूर रहते हुए खुद को कैसे बचाएँ
- अपने खेसरों पर बिहार भूमि का SMS अलर्ट।
- ख़रीदार से कम से कम एक बार खुद वीडियो पर बात करें; पूरा सौदा एजेंट पर न छोड़ें।
- किसी के ई-साइन से पहले e-Nibandhan पर केवाले का ड्राफ़्ट पढ़ें, ख़ासकर दाम और भुगतान का ब्योरा।
- असली कागज़ ब्रोकर को कूरियर न करें। असली कागज़ पूरा पैसा मिलने के बाद ख़रीदार को जाते हैं।
- केवाला रजिस्टर होते ही POA रद्द करें।
- रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908: धारा 32 और 33 (एजेंट द्वारा पेश करना; भारत और विदेश में पावर ऑफ़ अटॉर्नी का प्रमाणन)
- बिहार निबंधन नियमावली, 2026, बिहार गजट (असाधारण) सं. 759, 13 जुलाई 2026: नियम 17 (बायोमेट्रिक; अधिसूचित दस्तावेज़ों के लिए वीडियो-KYC का परंतुक), नियम 20(1) (केवाला लिखने वालों की उपस्थिति), नियम 24(8) और 28(2) (POA) — PDF
- भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899, धारा 18 (भारत के बाहर बने दस्तावेज़, तीन महीने)
- "Table of Stamp Duty & Registration Fee", मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार: पृष्ठ 7, मद 43 (पावर ऑफ़ अटॉर्नी, अनुच्छेद 48(a) और 48(b)); बिक्री दर 7%: अधिसूचना 4060, बिहार गजट सं. 636, 18 जून 2026
- आयकर अधिनियम, 2025: धारा 185 (नकद एडवांस), धारा 197 (दरें; धारा 197(3) भारत में रहने वालों के लिए), धारा 393(1) तालिका क्रम 3(i) (1% TDS), धारा 393(2) तालिका क्रम 17 (अनिवासी, लागू दरें), धारा 395(1)-(2) (कम कटौती; टैक्स वाला हिस्सा) — PDF
- भारतीय रिज़र्व बैंक, FAQ "Purchase of Immovable Property", भाग II, प्रश्न 1 (NRI/OCI किसे बेच सकते हैं) और प्रश्न 7 (पैसा वापस ले जाना) — rbi.org.in
- सुप्रीम कोर्ट, सूरज लैंप एंड इंडस्ट्रीज़ प्रा. लि. बनाम हरियाणा राज्य, 2011
- सभी स्रोत 22.10.2026 को जाँचे गए।
आपको क्या करना चाहिए? (हमारी सलाह)
- पहले कागज़ ऑनलाइन ठीक करें, किसी को यह बताने से भी पहले कि प्लॉट बिकाऊ है।
- हो सके तो रजिस्ट्री के लिए खुद आएँ। नहीं तो परिवार के सदस्य को सिर्फ़ इसी संपत्ति के लिए विशेष POA।
- NRI हैं? इकरारनामे से पहले कम कटौती के सर्टिफ़िकेट का आवेदन करें, और पैसा भेजने की योजना बैंक के साथ बनाएँ।
- सारा पैसा आपके अपने खाते में, UTR केवाले में लिखा हो।
- बिक्री की पूरी प्रक्रिया: पटना में ज़मीन कैसे बेचें। ख़रीदना है? बाहर रहकर पटना में प्रॉपर्टी कैसे ख़रीदें।
बाहर रहकर पटना की प्रॉपर्टी बेचना: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या बिहार आए बिना पटना की ज़मीन बेच सकते हैं?
हाँ, रजिस्ट्रेशन अधिनियम की धारा 33 के अनुसार बनी और प्रमाणित पावर ऑफ़ अटॉर्नी वाले व्यक्ति के ज़रिए: भारत में हैं तो जहाँ रहते हैं वहाँ के सब-रजिस्ट्रार के सामने, विदेश में हैं तो नोटरी या भारतीय कॉन्सुल के सामने। वह व्यक्ति आपकी जगह केवाला पेश करता है और उसे मानता है। फिर भी 2-3 दिन के लिए खुद आना सबसे सुरक्षित है।
- बिहार में संपत्ति बेचने की पावर ऑफ़ अटॉर्नी पर कितनी स्टांप ड्यूटी लगती है?
निबंधन विभाग की तालिका के अनुसार परिवार के सदस्य को ₹1,000, और परिवार से बाहर के व्यक्ति को MVR वाले मूल्य पर बिक्री जितनी ड्यूटी (तालिका में 6% लिखा है; 18 जून 2026 से बिक्री दर 7% है, इसलिए पक्का करें)। विदेश में बनी POA भारत पहुँचने के तीन महीने के अंदर स्टांप करानी होती है।
- NRI के प्रॉपर्टी बेचने पर कितना TDS कटता है?
भारत में रहने वाले विक्रेता वाला 1% नहीं। आयकर अधिनियम 2025 की धारा 393(2) में ख़रीदार टैक्स वाली रकम, यानी कैपिटल गेन, पर लागू दरों से टैक्स काटता है। NRI बिक्री से पहले धारा 395(1) में कम या शून्य कटौती का सर्टिफ़िकेट माँग सकता है।
- क्या NRI बिहार में खेती की ज़मीन बेच सकता है?
हाँ, पर RBI के FAQ के अनुसार सिर्फ़ भारत में रहने वाले व्यक्ति को। ग़ैर-कृषि संपत्ति भारत में रहने वाले, NRI या OCI, किसी को भी बेची जा सकती है।
- क्या बिक्री का पैसा विदेश ले जा सकते हैं?
संपत्ति विदेशी मुद्रा से ख़रीदी गई थी तो बिक्री का पैसा ले जा सकते हैं, दो रिहायशी संपत्तियों तक। दूसरे मामलों में, जैसे विरासत की संपत्ति, परिसंपत्ति प्रेषण विनियम 2016 में हर वित्त वर्ष 10 लाख अमेरिकी डॉलर तक भेजे जा सकते हैं। बैंक को बिक्री और टैक्स के कागज़ चाहिए होंगे।
- क्या बिहार में वीडियो कॉल से रजिस्ट्री हो सकती है?
2026 के नियमों में वीडियो-KYC से पहचान सिर्फ़ उन दस्तावेज़ों के लिए है जिन्हें निबंधन महानिरीक्षक अधिसूचित करें। 22 अक्टूबर 2026 तक हमें ऐसी कोई अधिसूचना नहीं मिली, इसलिए विक्रेता या POA वाले व्यक्ति को अभी भी रजिस्ट्री ऑफ़िस आना होता है।
यह लेख 22 अक्टूबर 2026 को रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908, बिहार निबंधन नियमावली 2026, भारतीय स्टांप अधिनियम, बिहार निबंधन विभाग की स्टांप ड्यूटी तालिका, आयकर अधिनियम 2025 और RBI के अचल संपत्ति FAQ के आधार पर लिखा गया है। विदेशी मुद्रा और टैक्स के नियम बदलते हैं; बेचने से पहले अपने बैंक और चार्टर्ड अकाउंटेंट से जाँच लें। यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं।